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आयोग ने चुनाव आचार संहिता से जुड़े मामलों को नए सिरे से परखा

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों की तल्ख होती भाषा से परेशान चुनाव आयोग ने एक बार फिर सभी राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं से प्रचार के दौरान अच्छे उदाहरण पेश करने की उम्मीद जताई है। आयोग ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों की खासकर शीर्ष राजनीतिक दलों और उनके शीर्ष नेताओं की यह जिम्मेदारी बनती है कि बचे चरणों के चुनाव प्रचार के दौरान ऐसी कोई भी गलत बयानबाजी न करें, जिसका आगे चलकर समाज के ताने-बाने पर बुरा प्रभाव पड़े या नुकसान पहुंचे।

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आयोग ने मंगलवार को सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव के चार चरण के सकुशल संपन्न होने पर आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) की स्थिति की समीक्षा की। साथ बताया है कि अब तक दर्ज हुई चुनाव से जुड़ी 90 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है। बाकी शिकायतों पर भी कार्रवाई की गई है।

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इस दौरान भाजपा और कांग्रेस पार्टी की कुछ शिकायतों को छोड़ दें तो किसी भी पार्टी की कोई शिकायत लंबित नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने सहयोगी चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार व सुखबीर सिंह संधू के साथ इस दौरान एमसीसी से जुड़े सभी पहलुओं व शिकायतों को नए सिरे से परखा।

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आयोग के अनुसार, 16 मार्च को चुनाव आचार संहिता लगने के बाद से उन्हें राजनीतिक दलों की ओर से 425 बड़ी शिकायतें मिली थी। इनमें से चार सौ शिकायतों पर कार्रवाई की गई है, जबकि बाकी शिकायतें जांच की प्रक्रिया में है। इस दौरान 170 शिकायत सिर्फ कांग्रेस पार्टी की ओर से मिली थी, जबकि भाजपा की ओर से 90 और दूसरी अन्य पार्टियों की ओर से करीब 160 शिकायतें मिली थी। आयोग ने आदर्श चुनाव आचार संहिता की सख्ती से पालन कराने में जनता की भागीदारी को सराहा और बताया कि अब तक सी-विजिल एप के जरिए उन्हें जनता से एमसीसी से जुड़ी 4.22 लाख शिकायतें मिल चुकी है।

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इनमें से 99.9 प्रतिशत शिकायतों पर कार्रवाई की गई है। वहीं 88.7 प्रतिशत शिकायतों का सौ मिनट के तय समय के भीतर ही निपटारा कर दिया गया। आयोग ने इसके साथ इस अवधि में आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में बड़ी संख्या में अधिकारियों के स्थानांतरण, कई पार्टियों के नेताओं को प्रतिबंधित करने जैसी बड़ी कार्रवाई की भी जानकारी दी। गौरतलब है कि आयोग ने लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले भी सभी राजनीतिक दलों से चुनाव प्रचार के स्तर पर स्वस्थ रखने की सलाह दी थी।

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