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मध्यप्रदेश

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने जारी की मिशन अंकुर की वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट

भोपाल : स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में निपुण भारत अभियान मिशन अंकुर के माध्यम से छात्रों की निपुणता में सकारात्मक प्रगति हुई है। रिपोर्ट में प्रदेश के सरकारी शालाओ में शिक्षा की गुणवता में किए जा रहे सुधारों का असर दिखा है। मंत्री सिंह ने कहा कि यह परिणाम स्कूल शिक्षा विभाग के हर स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, लगन और परिश्रम का फल है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भोपाल में निपुण भारत अभियान मिशन अंकुर की कार्यशाला का शुभारंभ किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने राज्य एवं जिलावार वार्षिक मूल्यांकन 2024 का रिपोर्ट कार्ड जारी किया। उन्होंने कहा कि नवम्बर 2022 के मूल्यांकन के विगत रिपोर्ट कार्ड की तुलना में इस बार निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
रिपोर्ट अन्य राज्यों के लिए मध्यप्रदेश के अनुभवों से सीख लेने का महत्वपूर्ण माध्यम
​प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने बताया कि रिपोर्ट में मध्यप्रदेश में मूलभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान के क्षेत्र में सुधार के लिये किये जा रहे प्रयासों, आने वाली समस्याओं और उनके समाधान के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी है। यह रिपोर्ट उन अन्य राज्यों के लिए मध्यप्रदेश के अनुभवों से सीख लेने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हो सकती है जो FLN (बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान) पर काम कर रहे हैं। शिक्षक के क्षेत्र में कार्य कर रहे विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लिए भी मार्गदर्शक का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रदेश में मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने एफएलएन परिणामों को साकार करने के लिए कई परिवर्तनकारी उपाय किए हैं, जिनमें संशोधित शिक्षण पद्धतियां, छात्र अभ्यास के लिए विशेष कार्यपुस्तिकाओं की शुरूआत, व्यापक शिक्षक क्षमता-निर्माण कार्यक्रम और मजबूत मॉनिटरिंग और गवर्नेंस मैकेनिज्म की स्थापना शामिल है।
बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए चलाया जा रहा है निपुण भारत अभियान
​संचालक राज्य शिक्षा केंद्र धनराजू एस ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा निपुण भारत अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में ‘मिशन अंकुर’ के नाम से लागू किया गया है। मिशन को गति देने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा शालाओं को पाठयपुस्तकों के साथ-साथ अन्य शिक्षण सामग्री मुहैया कराई जा रही है। शिक्षको को इस सामग्री से बच्चों को अभ्यास कराने एवं सिखाने में सहायता मिली है। जो उक्त मूल्यांकन के प्राप्त परिणामों में भी परिलक्षित होता है। अपर मिशन संचालक श्रीमती आर उमा महेश्वरी सहित प्रदेश के समस्त जिलों में कार्यरत निपुण फेलोज़, विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
4,500 से अधिक स्कूलों में किया गया मूल्यांकन
राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा फरवरी 2024 में कक्षा 2 और 3 का वार्षिक मूल्यांकन किया गया था। जिसमें निपुण भारत अभियान के निर्धारित मापदंडो के अनुसार प्रदेश की प्रगति का अध्ययन किया गया। वार्षिक मूल्यांकन 2024 की रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के लर्निंग आउटकम में अपेक्षानुसार सुधार हो रहा है। उक्त मूल्यांकन प्रदेश के 4,500 से अधिक स्कूलों में किया गया है, जिसमें कक्षा 2 के 34,000 से अधिक एवं कक्षा 3 के 37,600 से अधिक बच्चों का आकलन किया गया। जिसमें बच्चों के साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लिये निर्धारित मानकों के अनुरूप दक्षताओं को सम्मलित किया गया।
गणित दक्षता में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी
गणित विषय में कक्षा 2 में बिना हासिल के 2 अंकीय जोड़ के कौशल को प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 50% की बढ़ोतरी हुई है। नवम्बर 2022 में 25% बच्चे इस दक्षता को कर पा रहे थे जो 2024 के आकलन में बढ़कर 75% हो गए हैं। अध्ययन के परिणामों के अनुसार ‘मिशन अंकुर’ के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदेश में कक्षा 2 एवं 3 के 27% बच्चे 35 शब्द एवं 39% बच्चे 45 शब्द प्रति मिनट के मान से हिंदी भाषा को धाराप्रवाह रूप से पढ़ पा रहे हैं।

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