Category: देश-विदेश

  • गिद्दड़बाहा के रण में उतरे कांग्रेस के पूर्व सांसद और विधायक

    गिद्दड़बाहा के रण में उतरे कांग्रेस के पूर्व सांसद और विधायक

    गिद्दड़बाहा (मुक्तसर)। विधानसभा उपचुनाव में प्रदेश की हाट सीट में शुमार गिद्दड़बाहा में आप, भाजपा और कांग्रेस बड़े नेताओं को प्रचार में लगा रही हैं। मतदान 20 नवंबर को है।
    कांग्रेस ने प्रदेश के अन्य हलकों से पूर्व सांसदों और मौजूदा व पूर्व विधायकों को उम्मीदवार अमृता वड़िंग के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए सियासी रण में उतार दिया है। हालांकि शुरू से लेकर अब तक प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अकेले ही पत्नी अमृता वड़िंग के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे थे।
    सिद्धू मुसेवाला के पिता ने भी किया प्रचार
    उपचुनाव के लिए गिद्दड़बाहा से हलका इंचार्ज पूर्व सांसद जसबीर सिंह डिंपा, सह इंचार्ज पूर्व विधायक कुलबीर जीरा, लुधियाना से पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह बैंस, विधायक सुखपाल खैहरा और दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह गिद्दड़बाहा में पहुंच कर चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। हालांकि पूर्व सांसद जसबीर सिंह डिंपा, पूर्व विधायक कुलबीर जीरा तो पांच छह दिन से लगातार जुटे हुए हैं।
    वहीं, पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह बैंस भी दो दिन से गिद्दड़बाहा में हैं। इनके अलावा भी जिलों से लोकल लीडरशिप गिद्दड़बाहा में प्रचार कर रही हैं। आप सरकार के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर सहित आसपास के जिलों में पड़ते विधानसभा हलकों से विधायक चुनाव की घोषणा होने के बाद गिद्दड़बाहा में आप उम्मीदवार हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों के पक्ष में चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं।
    वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को चौथी बार अरविंद केजरीवाल के साथ गिद्दड़बाहा में आए हैं। दूसरी तरफ भाजपा की तरफ से केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू तो गिद्दड़बाहा में चुनाव तक रहने का फैसला कर चुके हैं।
    भाजपा से गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री रुपाणी, अविनाश राय खन्ना, पूर्व कैबिनेट मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी गिद्दड़बाहा में मनप्रीत बादल के लिए लगातार प्रचार करने आ रहे हैं।
    गिद्दड़बाहा में कांग्रेस प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पार्टी की चौथी जीत के लिए जोर लगा रहे हैं। वहीं भाजपा और आप पार्टी की पहली जीत के लिए ताकत झोंक रही है। आप सरकार के मंत्री डिंपी को जताने के लिए हलके के लोगों से कई वादे कर रही रहे हैं व वहीं भाजपा के मनप्रीत बादल केंद्र सरकार से योजनाएं गिद्दड़बाहा में लाने के वादे कर रहे हैं।

  • Badrinath Dham: बदरीनाथ धाम में लगी भक्‍तों की भीड़

    Badrinath Dham: बदरीनाथ धाम में लगी भक्‍तों की भीड़

    गोपेश्वर। उत्तराखंड में गंगोत्री, यमुनोत्री व केदारनाथ के कपाट बंद होने के बाद अब भगवान बदरी विशाल के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।
    आज यानी रविवार रात नौ बजकर सात मिनट पर धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस साल अब तक 14 लाख 20 हजार से अधिक यात्री भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर चुके हैं।

    कपाट बंद होने से पहले की जाती है पंच पूजा

    • बदरीनाथ धाम में बुधवार को कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरु की गई।
    • पंचपूजाओं के तहत पहले दिन गणेश जी की पूजा अर्चना की गई। सायं को गणेश मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद किए गए।
    • 14 नवंबर को नारायण मंदिर के सामने आदिकेदारेश्वर मंदिर व शंकराचार्य मंदिर के कपाट भी विधि विधान से बंद कर दिए गए।
    • 15 नवंबर को खड़क पुस्तक पूजन के साथ बदरीनाथ मंदिर में वेद ऋचाओं का वाचन बंद हुआ।
    • 16 नवंबर को मां लक्ष्मी की कढ़ाई भोग चढ़ाया गया।
    • आज 17 नवंबर को भगवान नारायण के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।
  • Badrinath Dham: रविवार को बंद होंगे भगवान बदरी विशाल के कपाट

    Badrinath Dham: रविवार को बंद होंगे भगवान बदरी विशाल के कपाट

    गोपेश्वर। श्री बदरीनाथ धाम में शीतकाल के लिए कपाट बंद होने की प्रक्रिया के चौथे दिन आज शनिवार पूर्वाह्न बदरीनाथ मंदिर के परिक्राम स्थल स्थित मां माता लक्ष्मी मंदिर में कढ़ाई भोग लगाकर पूजा अर्चना की गई। इसी के साथ माता लक्ष्मी को नारायण के साथ गर्भगृह में विराजमान होने की प्रार्थना भी की गई। गौरतलब है कि शीतकाल के लिए भगवान बदरी विशाल के कपाट रविवार रात्रि नौ बजकर सात मिनट पर बंद किए जाने हैं।

    माता लक्ष्मी से श्री बदरीनाथ मंदिर आने की प्रार्थना की गई

    पंचपूजा के चौथे दिन शनिवार पंचपूजा में दोपहर को रावल अमरनाथ नंबूदरी,धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट,अमित बंदोलिया एवं लक्ष्मी मंदिर पुजारी सुधीर डिमरी, अरविंद डिमरी ने माता लक्ष्मी मंदिर में कढ़ाई भोग लगाया तथा पूजा अर्चना कर माता लक्ष्मी से श्री बदरीनाथ मंदिर आने की प्रार्थना की गई।

    बदरीनाथ धाम के कपाट ,कल आज रात्रि नौ बजकर सात मिनट पर शीतकाल के लिए बंद होना है । बंद होने के उत्सव को यादगार बनाने के लिए मंदिर को रंग बिरंगे फूलों से सजाया जा रहा है।

    स्त्री भेष धारण करते हैं पुजारी

    बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की परंपरा के अनुसार रावल अमरनाथ नंबूदरी स्त्री भेष धारण कर माता लक्ष्मी को श्री बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान करते हैं। पुजारी स्त्री भेष इसलिए धारण करते हैं कि लक्ष्मी जी की शखा के रुप में उन्हें गर्भगृह तक लाया जा सके। श्री बीकेटीसी के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि कपाट बंदी के अवसर को यादगार बनाने के लिए मंदिर को गेंदा, गुलाब सहित अन्य प्रजाति के फूलों से मंदिर को सजाया जा रहा है।
    कहा कि कपाट बंद के उत्सव की तैयारियों पूर्ण कर दी है। उन्होंने बताया कि इस साल अब तक 14 लाख 20 हजार से अधिक यात्री भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर चुके हैं।

    ये हैं कार्यक्रम

    • रविवार ब्रह्ममुहुर्त में राेज की भांति चार बजे मंदिर खुलेगा।
    • पूर्व की भांति साढ़े चार बजे से अभिषेक पूजा होगी तथा दिन का भोग पूर्ववत दिन में लगेगा।
    • मंदिर में दर्शन होते रहेंगे, दिन में मंदिर बंद नहीं रहेगा।
    • दिनभर मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा।
    • शाम को छ बजकर 45 मिनट पर सायंकालीन पूजा शुरू होगी।
    • इसके बाद भगवान उद्धव जी व धन के देवता कुबेर जी को गर्भगृह से मंदिर परिसर में लाया जाएगा।
    • शाम आठ बजकर 10 मिनट पर शयन आरती होगी। इसके बाद कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी।
    • रात्रि नौ बजे भगवान बदरीविशाल को माणा महिला मंडल की ओर से तैयार किया गया घृत कंबल ओढ़ाया जाएगा।
    • इस कंबल पर घी लेपन के बाद इसे भगवान नारायण व मां लक्ष्मी को ओढ़ाया जाता है।
    • इसके बाद ठीक रात नौ बजकर सात मिनट पर शुभ मुहूर्त में भगवान बदरीविशाल के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

    खास है माणा की महिलाओं द्वारा ऊन का कंबल
    नारायण को शीतकाल में जिस वस्त्र से ओढ़ाया जाता है। उसे माणा की कुंवारी कन्याएं अपने हाथों से खुद के हस्तशिल्प से तैयार करती हैं। इस कंबल में घी लेपन कर नारायण व मां लक्ष्मी को ओढ़ाया जाता है। यह कपाट खुलने के दिन प्रसाद के रुप में वितरित किया जाता है।

  • सुखबीर सिंह बादल ने अकाली दल प्रधान पद से दे दिया इस्तीफा

    सुखबीर सिंह बादल ने अकाली दल प्रधान पद से दे दिया इस्तीफा

    चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान पद से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या तीन दशक बाद पार्टी को बादल परिवार से बाहर कोई नया प्रधान मिलेगा या फिर परिवार के व्यक्ति ही कमान संभालेगा।
    दिलचस्प बात यह है कि सौ वर्ष से ज्यादा पुरानी पार्टी शिरोमणि अकाली दल का प्रधान पिछले तीन दशकों से बादल परिवार से ही रहा है। अब तक पार्टी बीस प्रधान देख चुकी है और अब एक बार फिर से यह मौका आया है जब शिरोमणि अकाली दल का प्रधान पद बादल परिवार से न होकर कोई और हो।
    किसी ओर को मिलेगी अकाली दल की कमान
    शिरोमणि अकाली दल की प्रधानगी को लेकर सुखबीर बादल पर इस्तीफे का दबाव कोई नया नहीं है। इससे पहले भी सन् 1999 में जब खालसा पंथ की त्रैशताब्दी मनाई जानी थी तब अकाली दल के प्रधान पद किसी और को देने की बात आई थी।
    तब के एसजीपीसी प्रधान जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से पार्टी की प्रधानगी किसी अन्य को देने की मांग यह कहते हुए उठाई थी कि मुख्यमंत्री होने के नाते उनके पास काफी काम होता है इसलिए उन्हें पार्टी की कमान किसी और को सौंप देनी चाहिए।
    प्रकाश सिंह बादल जो उस समय पार्टी में काफी सशक्त थे, ने ऐसे हालात पैदा कर दिए कि जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा को एसजीपीसी की प्रधानगी छोड़नी पड़ी। हालांकि, श्री अकाल तख्त साहिब के तब के जत्थेदार भाई रंजीत सिंह ने त्रैशताब्दी समारोहों तक इस टकराव से बचने के आदेश भी दिए थे।
    यह भी पढ़ें- सुखबीर सिंह बादल को दीवाली के बाद सजा सुनाएगी SGPC, किन आरोपों में घिरे हैं अकाली दल के अध्यक्ष?
    प्रकाश बादल 2008 तक रहे प्रधान
    प्रकाश सिंह बादल , जिन्होंने 1995 में पार्टी की कमान संभाली थी, 2008 तक प्रधान पद पर रहे। उनके बाद यह पद उनके बेटे सुखबीर बादल को मिल गया और तब से लेकर अभी तक वही प्रधान चले आ रहे हैं। संघर्ष करने वाले शिरोमणि अकाली दल का गठन 14 दिसंबर 1920 को उस समय हुआ था जब गुरुद्वारों को महंतों से छुड़वाने का आंदोलन शुरू किया गया।
    सरमुख सिंह झबाल थे पहले प्रधान
    सिख पंथ में आदरणीय शख्सियत बाबा बुढ्ढा जी के गांव के सरमुख सिंह झबाल को दल का पहला प्रधान बनाया गया। बाबा खड़क सिंह ने इस संघर्ष को आगे बढ़ाया। दिल्ली में बना खड़क सिंह मार्ग इन्हीं के नाम पर है।
    उसके बाद मास्टर तारा सिंह, गोपाल सिंह कौमी, तारा सिंह ठेठर, तेजा सिंह अकरपुरी, बाबू लाभ सिंह , जत्थेदार उधम सिंह नागोके, ज्ञानी करतार सिंह, जत्थेदार प्रीतम सिंह गोजरां, हुक्म सिंह, संत फतेह सिंह, जत्थेदार अच्छर सिंह, ज्ञानी भूपेंद्र सिंह, जत्थेदार मोहन सिंह तुड़, जत्थेदार जगदेव सिंह तलवंडी, संत हरचंद सिंह लौंगोवाल , सुरजलीत सिंह बरनाला , प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल इसके प्रधान रहे हैं।

  • 555वें प्रकाश पर्व पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

    555वें प्रकाश पर्व पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

    अमृतसर। आज गुरुनानक देव जी की जयंती है। उनके 555वें प्रकाश पर्व पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस पावन अवसर पर अमृतसर स्थित श्री हरिमंदिर साहिब के पवित्र सरोवर में श्रद्धालुओं ने स्नान किए। श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में सुंदर जलौ सजाए गए हैं।
    वहीं, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए। गुरुद्वारा में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। प्रदूषण के चलते श्री हरिमंदिर साहिब स्मॉग की चादर में लिपट गया है। अमृतसर में शुक्रवार को पड़ी सघन स्माग के चलते दृश्यता शून्य रही।

    पीएम मोदी ने दी बधाई

    वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुरु नानक जयंती पर लोगों को बधाई दी और कामना की कि उनकी शिक्षाएं लोगों को करुणा, दया और विनम्रता की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करें।पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि श्री गुरु नानक जयंती के शुभ अवसर पर शुभकामनाएं। श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं हमें करुणा, दयालुता और विनम्रता की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि यह हमें समाज की सेवा करने और अपने ग्रह को बेहतर बनाने के लिए भी प्रेरित करे।
    सीएम मान ने दी बधाई
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी सिख धर्म के संस्थापक, युग परिवर्तक, जगतगुरु, प्रथम पातशाह साहिब श्री गुरु नानक देव जी की जयंती पर कोटि-कोटि बधाई दी है।
    उन्होंने कहा कि गुरु साहिब जी ने न केवल लोगों को अंधविश्वासों से मुक्ति दिलाई, बल्कि संसार के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। आइए हम बाबा नानक के दिखाए मार्ग पर चलें और उनकी शिक्षाओं और सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएं।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय गैरसैंण दौरे पर

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय गैरसैंण दौरे पर

    गोपेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय गैरसैंण दौरे पर गुरुवार प्रातः काल विधानसभा, भराड़ीसैंण में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को कार्यों में तेज़ी लाने और गुणवत्तापूर्ण कार्य पर विशेष ध्यान देने हेतु निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा, भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में हमारी सरकार सड़क और हवाई कनेक्टिविटी के माध्यम से इस संपूर्ण क्षेत्र के विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। इस दौरान सीएम ने स्थानीय लोगों से भेंट कर प्रशासन द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का फीडबैक एवं सुझाव भी लिए।
    दो दिवसीय गैरसैंण दौरे पर आज प्रातः काल विधानसभा, भराड़ीसैंण में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को कार्यों में तेज़ी लाने और गुणवत्तापूर्ण कार्य पर विशेष ध्यान देने हेतु निर्देश दिए।
    विधानसभा, भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में हमारी सरकार सड़क और हवाई कनेक्टिविटी के माध्यम से इस संपूर्ण क्षेत्र के विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। इस दौरान स्थानीय लोगों से भेंट कर प्रशासन द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का फीडबैक एवं सुझाव भी लिए।
    चमोली को स्वच्छ एवं आदर्श जनपद बनाने की दिशा में सभी विभाग मिलकर काम करें
    गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेते हुए विभागीय कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद चमोली को एक स्वच्छ एवं आदर्श जनपद के रूप में विकसित किया जाए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चमोली में बद्रीनाथ, हेमकुंड, गोपीनाथ समेत अनेक देवस्थल मौजूद है। देश का प्रथम गांव माणा भी चमोली में ही है। इस सीमांत जनपद को स्वच्छ बनाना हम सब का नैतिक दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद चमोली से बहने वाली सभी नदियों को स्वच्छ रखा जाए। नदियों में जाने वाले कूड़ा, करकट एवं गंदे नालों का ट्रीटमेंट किया जाए। नदी किनारे लोगों को जागरूक किया जाए। उदगम स्थल से लेकर संपूर्ण उत्तराखंड राज्य में हमारी नदियां स्वच्छ और निर्मल होकर बहे, इसके लिए सभी लोग इसको अपनी कार्य संस्कृति में लाते हुए मिलकर काम करें। मुख्यमंत्री ने विभागों को अपने कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखने के साथ इसकी शुरुआत करने के निर्देश भी दिए।
    कहा कि सरकारी गेस्टहाउसों में भी विशेष स्वच्छता एवं साफ सफाई रखी जाए। ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक इस देवभूमि से एक अच्छा संदेश लेकर जाए। मुख्यमंत्री ने कहा की उत्तराखंड राज्य के विकास में महिलाओं का बड़ा योगदान रहा है। महिलाओं के कौशल, उनकी शक्ति और ऊर्जा के साथ विकास कार्यो को गति दी जाए।
    राज्य के जीएसडीपी में पहाड़ी राज्यों का योगदान बढ़ाने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा की उत्तराखंड राज्य आज कई क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हम सबको मिलकर इसको आगे बढ़ाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभागों द्वारा संचालित कार्यों की गहनता से समीक्षा की। उन्होंने सड़क निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देशित किया की सड़कों को गड्ढा मुक्त एवं सुरक्षित बनाया जाए।
    अनफिट वाहनों को चलन से बाहर करने के निर्देश
    पुलिस एवं परिवहन विभाग विभाग को वाहनों की नियमित जांच करने और अनफिट वाहनों को चलन से बाहर करने के निर्देश दिए। ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना ना हो। सभी विभागों में सोलर प्लांट स्थापित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने किसानों की आर्थिक को बढ़ाने के लिए कृषि, उद्यान, पशुपालन समेत समस्त रेखीय विभागों को भी जरूरी निर्देश दिए। बैठक में ज्योतिर्मठ में आपदा राहत कार्यों की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को जनपद में संचालित नवाचारी कार्यों से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने कहा की मैठाणा गांव को मॉडर्न विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। आदिबद्री क्षेत्र के गांवों को मशरूम उत्पादन से जोडा जा रहा है। राइका भराडीसैंण को आदर्श विद्यालय बनाया जा रहा है। बैठक में आईजी गढवाल केएस नगनयाल, पुलीस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी नंदन कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

  • सिटी पेट्रोल यूनिट भी इन रईसजादों पर लगाम लगाने में विफल

    सिटी पेट्रोल यूनिट भी इन रईसजादों पर लगाम लगाने में विफल

    देहरादून।शराब और हुड़दंग के बीच अगर रफ्तार का ‘खेल’ भी शामिल हो जाए तो जान का खतरा तय है। कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों राजधानी दून की सड़कों का है। शाम ढलते ही शहर की सड़कों पर रईसजादों के रफ्तार के शौंक ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है। देर रात हो रही दुर्घटनाओं में पुलिस, यातायात पुलिस और आधुनिक तकनीक से लैस सिटी पेट्रोल यूनिट भी इन रईसजादों पर लगाम लगाने में विफल साबित हो रही है।
    हकीकत यह है कि पुलिस चेकिंग में सिर्फ आमजन पकड़े जाते हैं पर ‘बिगड़ैलों’ पर कभी पुलिस का ‘चाबुक’ नहीं चलता। हुड़दंग और वाहनों की रफ्तार की होड़ में कई बार आमजन अकाल मृत्यु का शिकार बन रहे तो कभी खुद रफ्तार के शौंकीन अपनी जान गवां दे रहे।
    छह घरों के चिराग बुझे
    सोमवार देर रात कैंट क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना ने छह घरों के चिराग बुझने की घटना ने सरकार और शासन से लेकर जिला प्रशासन, पुलिस व परिवहन विभाग, यहां तक कि शहर के हर जन को सोचने पर मजबूर कर दिया है। दुर्घटना हुए 40 घंटे से ऊपर का समय हो चुका है, लेकिन बुधवार को पूरा दिन सरकारी कार्यालयों व शहर के बाजार से लेकर हर घर में इस भयावह दुर्घटना को लेकर चर्चा होती रही।
    हर कोई परेशान एवं चिंता में व चर्चा करता हुआ दिखा कि आखिर दून शहर में यह हो क्या रहा है। कैसे एक झटके में छह युवा जिंदगी काल के गाल में समा गई। सभी की जुबां पर सिर्फ एक ही बात थी कि शहर में शराब और रफ्तार पर नियंत्रण जब तब नहीं लगेगा, तब तक शहर के हाल नहीं सुधर सकते। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी दुर्घटना के बाद काफी चिंतित हैं और पुलिस-प्रशासन को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
    435 दुर्घटना में गई 158 लोगों की जान
    अंधेरी रात व सुनसान राहों पर, कब कौन-कहां आपको रौंद जाए, बताया नहीं जा सकता। जी हां, राजधानी की सड़कों पर बेलगाम वाहनों के जो हालात हैं, वह बाकी वाहनों व पैदल चलने वालों के लिए मौत का सबब बन चुके हैं। इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर तक दून में कुल 435 सड़क दुर्घटना हुई हैं, जिनमें 158 लोग अपनी जान गवां चुके हैं, जबकि 376 गंभीर रूप से घायल हुए।
    पुलिस जांच में सामने आया कि इनमें 75 प्रतिशत से अधिक दुर्घटना शराबी चालक और बेलगाम गति के कारण हुई। खास बात यह है कि ज्यादातर दुर्घटनाएं रात में हुई, वह भी सुनसान व खाली सड़कों पर। ऐसे में भलाई इसी में है कि आप खुद को सुरक्षित रखने के जितने प्रयास हो सकें, उन्हें अपनाकर ही सड़क पर चलें।
    पर्याप्त संसाधान, फिर भी शराबियों पर लगाम नहीं
    दून में ड्रंकन ड्राइविंग पर लगाम लगाने के लिए कुछ वर्ष पहले तक पुलिस संसाधनों के अभव का रोना रोती रहती थी, लेकिन अब पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद पुलिस कदम नहीं उठा रही। पुलिस के पास वर्तमान में आठ इंटरसेप्टर व 100 से अधिक एल्कोमीटर हैं, इसके बावजूद शराबी चालक बेधड़क सड़कों पर वाहनों को दौड़ा रहे।
    शहर के दुर्घटना के 23 खतरनाक जोन
    घंटाघर, दर्शनलाल चौक, प्रिंस चौक, सहारनपुर चौक, तहसील चौक, जीएमएस रोड, बल्लूपुर चौक, बल्लीवाला चौक, मसूरी डायवर्जन, जाखन तिराहा, आरटीओ तिराहा, आइएसबीटी तिराहा, रिस्पना पुल तिराहा, आराघर जंक्शन, रेसकोर्स चौराहा, ओएनजीसी-केडीएमआइपी चौक, किशननगर तिराहा, कारगी चौक, सेंट ज्यूडस तिराहा, अजबपुर चौक-हरिद्वार बाईपास, लालपुल तिराहा, कमला पैलेस और सर्वे चौक।
    इन इलाकों में रफ्तार का ‘खेल’
    मसूरी हाईवे, राजपुर रोड, सहस्रधारा रोड, सहस्रधारा बाइपास, जीएमएस रोड, कैंट रोड, रेसकोर्स, जोगीवाला रिंग रोड, चकराता रोड, बलबीर रोड, वसंत विहार, क्लेमेनटाउन, सहारनपुर रोड आदि।
    ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करेगा परिवहन विभाग
    बेलगाम गति से अंधाधुंध गाड़ी दौड़ाने या रफ्तार के रोमांच के शौकीनों पर कार्रवाई को लेकर परिवहन विभाग ने तैयारी कर ली है। यातायात व परिवहन नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध अब परिवहन विभाग ने किसी भी शिथिलता न बरतने की योजना बनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय की ओर से निर्धारित सड़क सुरक्षा से जुड़े छह अपराध में सीधे ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने कार्रवाई का आदेश दिया है।
    आरटीओ (प्रशासन) सुनील शर्मा ने बताया कि अब तक इन छह अपराध में तीन माह के लिए लाइसेंस निलंबित होता था, लेकिन अब सीधे लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित चालक 12 माह तक नया लाइसेंस बनाने के लिए आवेदन भी नहीं कर सकेगा। गाड़ी का कैमरों के माध्यम से आनलाइन चालान करने के साथ ही उसका नंबर परिवहन विभाग के साफ्टवेयर में ब्लाक कर दिया जाएगा।

     

  • घनी स्माग ने पंजाब को बनाया गैस चैंबर

    घनी स्माग ने पंजाब को बनाया गैस चैंबर

    अमृतसर। जुर्माना दोगुना करने के बाद भी पंजाब में पराली जलाने के मामले रुक नहीं रहे हैं। पराली जलने से बनी घनी स्मॉग के कारण उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का विमान लुधियाना में नहीं उतर पाने के अगले दिन बुधवार को भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, बल्कि और खराब हो गई। अत्यधिक स्मॉग होने से राज्य गैस चैंबर बन गया है। पराली जलाने के 509 और मामले सामने आए हैं।
    अब कर 7 हजार से अधिक जल चुकी पराली
    अब तक राज्य में 7,621 जगह पराली जल चुकी है। सर्दी में भीषण कोहरे की तरह स्माग की घनी चादर ने शहरों को ढंक लिया है। स्माग के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से पहले सोचने लगे हैं। सड़कों पर दृश्यता कम है और प्रदूषित वायु में सांस लेना भी कठिन हो रहा है।
    बुधवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो उन्हें इतना स्मॉग दिखाई दिया कि बहुत से यह कहने को विवश हुए कि उन्होंने पहले कभी स्मॉग के कारण ऐसा दृश्य नहीं देखा है।
    देरी से पहुंची ये फ्लाइट्स

    स्मॉग के कारण बुधवार को भी दिल्ली से अमृतसर आने वाली इंडिगो की फ्लाइट संख्या 5103 रद्द कर दी गई। शारजहां से आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस छह घंटे देरी से पहुंची। यह फ्लाइट सुबह सात बजे पहुंचती है, लेकिन मौसम खराब के कारण दोपहर एक बजे पहुंची।
    वहीं स्पाइस जेट की फ्लाइट संख्या एसजी 65 सुबह 7:40 बजे पहुंचती है, लेकिन यह 11:15 बजे पहुंची। दिल्ली से अमृतसर आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट 453 सुबह सवा छह बजे के बजाय सवा नौ बजे श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंड हुई।
    कतर एयरवेज की फ्लाइट संख्या 548 रात 2:40 बजे पहुंचती है, लेकिन यह फ्लाइट सुबह साढ़े नौ बजे पहुंची। पुणे से अमृतसर आने वाली फ्लाइट संख्या 721 मौसम खराब होने के कारण पुणे से रवाना ही नहीं हुई। एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या 461 दिल्ली अमृतसर 3:30 बजे दिल्ली से रवाना की जाती है, उसे अब तक दिल्ली से चलाया नहीं गया।
    इन जिलों में इतने पराली के केस
    पराली जालने के बुधवार को सबसे ज्यादा 91-91 केस फरीदकोट और फिरोजपुर में मिले। मोगा में 88, मुक्तसर में 79, बठिंडा में 50, तरनतारन में 40, मानसा में 24, बरनाला में 16, फाजिल्का में 14, संगरूर में सात और अमृतसर में पांच केस पराली जलाने के मिले। चंडीगढ़ वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के चेयरमैन राजेश वर्मा ने पराली जलने पर पंजाब के अधिकारियों को फटकार लगाई।

  • दरबार साहिब में फिसले सुखबीर बादल, टांग में हेयरलाइन फ्रैक्चर

    दरबार साहिब में फिसले सुखबीर बादल, टांग में हेयरलाइन फ्रैक्चर

    चंडीगढ़। अकाल तख्त साहिब की तरफ से तनखैया घाेषित किए गए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल बुधवार को दरबार साहिब परिसर में गिर गए, जिससे उनकी टांग में हेयरलाइन फ्रैक्चर आया है। डाक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। पंथ विरोधी गतिविधियों के चलते सुखबीर बादल को हाल ही में तनखैया करार दिया गया था। इसके बाद अकाल तख्त साहिब की तरफ से सुखबीर बादल को धार्मिक सजा नहीं सुनाई गई है। जिसके चलते सुखबीर बादल पार्टी नेता दलजीत सिंह चीमा व अन्यों के साथ बुधवार को अकाल तख्त साहिब सचिवालय में पेश हुए। यहां सुखबीर बादल ने अकाल तख्त साहिब सचिवालय के अधिकारियों से मुलाकात करके जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह के नाम अपील की कि उन्हें धार्मिक सजा सुनाई जाए। वह गुरु पंथ की मर्यादा के अनुसार यह सजा भुगतने के लिए तैयार हैं।
    बताया जाता है कि अकाल तख्त सचिवालय में अधिकारियों से मुलाकात करने के बाद जैसे ही सुखबीर बादल बाहर निकले तभी उनका पांव कुर्सी में उलझ गया और वह गिर गए। इसके बाद भी सुखबीर बादल ने दरबार साहिब में रहे लाेगाें और मीडिया से भी बातचीत की। कुछ समय बाद उनकी टांग सूज गई, जिसके बाद उन्हें अमृतसर के गुरु रामदास अस्पताल में ले जाया गया। डाॅक्टरों ने जांच के बाद उनकी दाहिनी टांग में हेयरलाइन फ्रैक्चर बताया, जिसके बाद सुखबीर बादल को प्लास्टर चढ़ाकर घर भेज दिया गया। डाॅक्टरों ने उन्हें अगले दस दिन तक आराम करने की सलाह दी है।

  • देर रात तक शराब परोसने वाले बार व पब पर चला प्रशासन का डंडा, कई सील और संचालकाें पर जुर्माना

    देर रात तक शराब परोसने वाले बार व पब पर चला प्रशासन का डंडा, कई सील और संचालकाें पर जुर्माना

    देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बीयर बार और पब में निर्धारित समयावधि के बाद शराब परोसे जाने पर संचालकों की अब खैर नहीं है। इस पर सरकार और प्रशासन की कड़ी नजर है। ऐसे बार व पब संचालकों के विरुद्ध जुर्माना लगाने के साथ ही उनका लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए संबंंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने मंगलवार की देर रात शहर के विभिन्न बीयर बार व पब पर छापेमारी की और कई पर मुकदमा दर्ज करन के आदेश दिए।

    दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शिकायत मिली कि शहर में बीयर बार व पब देर रात खुले रहते हैं। ऐसे में लोगों की आवाजाही देर रात तक बनी रहती है और शराब के नशे में वाहन चलाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सोमवार की देर रात ओवरस्पीड के कारण सड़क हादसे में छह विद्यार्थियों की मौत के बाद मुख्यमंत्री धामी बीयर बार व पब संचालकों के विरुद्ध एक्शन मोड में हैं। मुख्यमंत्री धामी के सख्त निर्देश पर प्रशासन ने देर रात त​क बार व पब खुले रहने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

    मंगलवार की देर रात जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, उप जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट समेत प्रशासन की पांच टीम ने एक साथ गोपनीय तरीके से शहर में बार एवं पब पर ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया। किशननगर चौक के समीप ब्रिस्टल बार 11:22 बजे खुला मिला, जिसे ताला लगाकर उप जिलाधिकारी ने चाबी अपने कब्जे में लेकर बार संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की। रात्रि 11 बजे के उपरांत 20 लोगों से अधिक को शराब परोसते पाए जाने और टीम से अभद्रता किए जाने पर रियोन टुकड़ा के मैनेजर पर प्राथमिक दर्ज कराई। राल्फ पब पर निर्धारित समयावधि के बाद शराब परोसने पर कार्रवाई की गई। एक साथ अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई और भारी अर्थदंड के साथ सीलिंग की कार्रवाई की गई।

    रात 11 बजे के बाद बार व पब खुले मिले तो होगी कार्रवाई

    जिलाधिकारी ने कहा कि यह छापेमारी निरंतर चलेगी। देर रात तक शराब पिलाने पर मुकदमा दर्ज करने के साथ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर में कोई भी बार या पब रात्रि 11 बजे के बाद संचालित होना पाया जाता है तो संबंधित बार एवं पब के विरुद्ध पेनाल्टी की कार्रवाई करते हुए वैधानिक रूप से लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाए।