देहरादून। बागेश्वर जनपद के कपकोट क्षेत्रांतर्गत तोली निवासी एक बीमार बुजुर्ग महिला शुक्रवार को भूस्खलन जोन में फंस गई। इससे उसकी हालत और बिगड़ने लगी। एसडीआरएफ ने रेस्क्यू कर बीमार महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, तब जाकर राहत की सांस ली। उप जिलाधिकारी कपकोट के माध्यम से एसडीआरएफ को सूचना मिली कि एक बीमार महिला मार्ग अवरुद्ध होने के कारण रास्ते में फंसी हुई है। सूचना मिलते ही एसआई राजेंद्र रावत के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। परिजनों ने बताया कि चंपा देवी (62) को पेट दर्द, चक्कर, सांस चढ़ने और उल्टी की समस्या हो रही थी। एसडीआरएफ की टीम ने ग्रामीणों की सहायता से बुजुर्ग को भूस्खलन जोन से सुरक्षित पार कराकर भराड़ी बाजार तक पहुंचाया, जहां से उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
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ड्रग इंस्पेक्टर ही करवा रहा था ड्रग्स तस्करी, गिरफ्तार
चंडीगढ़। पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स फोर्स ने मोहाली में ड्रग्स तस्करों से मिलीभगत कर तस्करी की गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में ड्रग्स इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपित के ठिकानों से डेढ़ करोड़ रुपये की नगदी जब्त की गई है। पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने शुक्रवार सुबह ट्वीट करके यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपित ड्रग इंस्पेक्टर अवैध रूप से काम करने वाले केमिस्टों, मेडिकल स्टोर मालिकों तथा कुछ निजी कंपनियों के साथ मिलकर नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में लिप्त था। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस ने नशा तस्करी में शामिल ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल को गिरफ्तार किया है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने उसे मोहाली से गिरफ्तार किया। डीजीपी के अनुसार आरोपित जेलों में बंद गैंगस्टरों के सीधे संपर्क में था। वह बाहर रह कर उनके ड्रग नेटवर्क को मदद पहुंचाता था। वह अवैध दवाइयों, मेडिकल स्टोर से जुड़े ड्रग तस्करी के कामों में मदद कर रहा था। मामले की जांच के दौरान आरोपित के 24 बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनमें 7.09 करोड़ रुपए मिले हैं। सभी बैंक अकाउंट को फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा, दो बैंक लॉकर भी जब्त किए गए। उसे एएनटीएफ ने 1.49 करोड़ नकद, 260 ग्राम सोना और विदेशी मुद्रा बरामद की।
जांच में सामने आया है कि आरोपित ने अवैध तरीके से काफी संपत्ति बनाई हुई है। उसने जीरकपुर और डबवाली में 2.40 करोड़ मूल्य की अचल संपत्ति बनाई है। इसके अलावा पुलिस की टीमें अब उसके अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटी हुई है। शीशन मित्तल करीब एक महीने पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था। पुलिस की तरफ से एक महीना पहले स्पेशल ऑपरेशन चलाया गया था। इस दौरान पुलिस की तरफ से बठिंडा, मोहाली, गिदड़बाहा, जीरकपुर ओर फतेहबाद समेत कई जगह दबिश दी गई थी।
मौसम विभाग का रेड अलर्ट, 13 सितंबर को स्कूलों की छुट्टी
हरिद्वार। उत्तराखंड मौसम विभाग के द्वारा अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी का अलर्ट घोषित किया गया है। इस चेतावनी के मद्देनजर हरिद्वार के जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने जनपद में बारिश का रेड अलर्ट देखते हुए 13 सितंबर शुक्रवार को हरिद्वार जिले में सभी सरकारी गैर सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी ने जारी आदेश में कहा है कि मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए हरिद्वार में शुक्रवार को कक्षा 1 से 12 तक सभी शिक्षण संस्थान व आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।

पुलिस अधिकारी के धोखे में प्रिंसिपल के परिवार पर हमला
चंडीगढ़। चंडीगढ़ के सेक्टर-दस में बुधवार की शाम हुए ग्रेनेड हमले के तार आतंकी संगठनों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावरों ने पुलिस अधिकारी के धोखे में इस घर पर हमला कर दिया। उन्हें नहीं पता था कि यहां सेवानिवृत्त प्रिंसिपल रह रहे हैं। आतंकी संगठन लंबे समय से इस घर की रेकी कर रहे थे। इस घर में अभी हिमाचल प्रदेश के रिटायर्ड प्रिंसिपल रहते हैं लेकिन इससे पहले घर में पंजाब पुलिस के रिटायर्ड एसएसपी हरकीरत सिंह रहते थे। चंडीगढ़ पुलिस फिलहाल इस मामले में गैंगस्टर व टेरेरिस्ट दोनों एंगल को लेकर जांच में जुट गई है। जांच में एक नाम गैंगस्टर से आतंकी बने लखबीर लंडा का भी सामने आ रहा है। पुलिस के अनुसार सेक्टर-दस की कोठी नंबर 575 में कुछ समय पहले तक पंजाब के सेवानिवृत्त एसपी जसकीरत सिंह चहल रहते थे। उन्होंने आतंकवाद के दौर में कई एनकांउटर किए, जिसके चलते चहल खालिस्तानी आतंकी संगठन की हिट लिस्ट में थे। कोरोना के दौरान चहल के बेटे का निधन हो गया। उसके बाद वह यहां से कहीं और शिफ्ट कर गए। चहल के यहां से शिफ्ट होने को लेकर बहुत कम लोगों को पता था।
वर्ष 2023 में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल पंजाब ने दो आरोपित पकड़े गए थे। उन्होंने पंजाब पुलिस को सूचित किया था कि हरविंदर सिंह रिंदा ने कुछ साल पहले उन्हें इस कोठी की रेकी करने के लिए भेजा था। इसकी सूचना चंडीगढ़ पुलिस के साथ भी साझा की गई थी।
रातभर चंडीगढ़ पुलिस, पंजाब पुलिस तथा एनआईए की टीमों द्वारा मामले की जांच की गई। पुलिस ने कई जगह छापे भी मारे। सीसीटीवी ट्रैकिंग के दौरान स्पष्ट हुआ कि आरोपित सेक्टर 10 में हमला करने के बाद सेक्टर 9 की तरफ ऑटो में निकले थे। सीसीटीवी के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने दो संदिग्धों के स्कैच जारी करते हुए सूचना देने वाले को दो लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार इस मामले में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। बहुत जल्द आरोपितों को पकड़ लिया जाएगा।
मां नंदा की लोकजात यात्रा कैल गांव पहुंची, भक्तों ने किया भव्य स्वागत
गोपेश्वर। मां नंदा की लोकजात यात्रा धीरे-धीरे अपने अंतिम पड़ाव, कैलाश की ओर बढ़ रही है। शुक्रवार को नंदादेवी की उत्सव डोली इच्छोली गांव से कैल गांव पहुंची, जहां भक्तों ने माता की उत्सव डोली का स्वागत किया। पूजा अर्चना के बाद यह यात्रा रात्रि विश्राम में लिए फल्दीया गांव के लिए रवाना हो गई। मां नंदा देवी की लोकजात यात्रा इच्छोली से ब्रह्म भोजन के लिए मिश्र बन्धुओं के पैतृक गांव कैल पहुंचीं। ग्रामीणों ने नंदा की विग्रह डोली का फूल-मालाओं से स्वागत किया। देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कैल गांव के ग्राम प्रधान जीवन मिश्रा, जोगा दंत, कांता प्रसाद, देवी दत्त, आत्मा राम आदि ने नंदा की उत्सव डोली का स्वागत किया। सैकड़ों भक्तों ने मां नंदा की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। महिलाओं ने भजन कीर्तन करते हुए मां नंदा को सोलह श्रृंगार सामग्री भेंट की। इसके बाद लोकजात यात्रा रात्रि विश्राम के लिए फल्दीयागांव की ओर बढ़ गई। शनिवार को यात्रा फल्दियागांव से हाेते हुए काडेई, पिलखाडा, ल्वाणी और मुदोली गांव पहुंचेगी।

हरिद्वार के चहुमुंखी विकास के लिए किये जायेंगे विशेष प्रयास: कर्मेन्द्र सिंह
हरिद्वार। हरिद्वार के नवनियुक्त जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह ने गुरूवार को जिला कार्यालय स्थित ट्रेजरी पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के चहुमुंखी विकास के लिए विशेष प्रयास किये जायेंगे। जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह ने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि पहली प्राथमिकता है कि जन समस्याओं को सुनकर उनका समयबद्धता से निस्तारण और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करना, दूसरी प्राथमिकता है कि रोजगारपरक योजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को निष्पक्षता, पारदर्शिता, समयबद्धता से क्रियान्वयन कराते हुए पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना, तीसरी प्राथमिकता है कि जनपद मे शांति एवं कानून व्यवस्था चाक-चौबंद रहे ताकि स्थानीय निवासियों के साथ ही जनपद मे आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार से परेशानी न हो।
इसके पश्चात जिलाधिकारी हरकी पौड़ी पहुंचकर गंगा आरती में शामिल हुए। जनपद आगमन पर अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी,मुख्य कोषाधिकारी अजय सिंह,उप जिलाधिकारी मनीष सिंह, जितेन्द्र सिंह,लक्ष्मीराज चौहान,अजयवीर सिंह,युक्ता मिश्रा,गौपाल सिंह चौहान,परियोजना निदेशक केएन तिवारी,जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने जिलाधिकारी से शिष्टाचार भेंट कर स्वागत किया।
पंजाब सरकार लेकर आएगी नई कृषि नीति, मंत्रिमंडल की बैठक में दी मंजूरी
चंडीगढ़। किसानों की भलाई सुनिश्चित करने और अनाज उत्पादन में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने गुरुवार काे राज्य के लिए नई कृषि नीति तैयार करने को मंजूरी दे दी। यह निर्णय मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास पर आयोजित कैबिनेट बैठक में लिया गया। कैबिनेट ने कौशल और तकनीकी आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में नई शिक्षा नीति लागू करने पर भी सहमति व्यक्त की। इससे राज्य के युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा होंगे और वे पंजाब की सामाजिक-आर्थिक प्रगति का अभिन्न हिस्सा बनेंगे। इस नीति से राज्य में शिक्षा में गुणात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर लाभ होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान में पारंपरिक खेती संकट के कगार पर है और अनाज उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए नई कृषि नीति की आवश्यकता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए भूजल को बचाने और कृषि को लाभदायक व्यवसाय बनाने के लिए भी नई कृषि नीति आवश्यक है। बैठक में यह तय किया गया कि नई कृषि नीति तैयार करने के लिए सभी प्रमुख हितधारकों की राय ली जाएगी। मंत्रिमंडल ने पंजाब के अधिक से अधिक व्यापारियों को लाभ देने के लिए वेट के लंबित मामलों के निपटारे के लिए ओटीएस-3 का दायरा बढ़ाने पर सहमति जताई। पूरी तरह नाकाम रही पिछली योजनाओं के मुकाबले वर्तमान योजना से व्यापारियों को अधिक लाभ हुआ है, जिससे इस ओ.टी.एस. के माध्यम से राज्य सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 164 करोड़ रुपये अधिक अर्जित किए। इस योजना का दायरा बढ़ाने के लिए आधिकारिक आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। सरकारी राजस्व बढ़ाने के लिए मंत्रिमंडल ने डीजल पर वैट की दर 12 प्रतिशत + 10 प्रतिशत सरचार्ज या 10.02 रुपए प्रति लीटर (सरचार्ज सहित) से बढ़ाकर 13.09 प्रतिशत + 10 प्रतिशत सरचार्ज या 10.94 रुपये प्रति लीटर (सरचार्ज सहित) जो भी अधिक हो, कर दिया है, पेट्रोल पर वेट 15.74 प्रतिशत + 10 प्रतिशत सरचार्ज या 14.32 रुपये प्रति लीटर (सरचार्ज सहित) से बढ़ाकर 16.52 प्रतिशत + 10 प्रतिशत सरचार्ज या 14.88 रुपये प्रति लीटर (सरचार्ज सहित) जो भी अधिक हो, कर दिया गया है। डीजल पर वैट 92 पैसे प्रति लीटर और पेट्रोल पर 61 पैसे प्रति लीटर बढ़ेगा। राज्य सरकार ने 7 किलोवाट से अधिक लोड वाले बिजली उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी को समाप्त करने का भी निर्णय लिया। इससे राज्य के राजस्व में 2400 से 3000 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी।
परिवहन वाहनों और ऑटो-रिक्शा मालिकों को बड़ी राहत
परिवहन वाहनों और थ्री-व्हीलर (यात्री, ऑटो-रिक्शा) मालिकों को राहत देते हुए, पंजाब मंत्रिमंडल ने तिमाही के बाद टैक्स भुगतान की प्रक्रिया समाप्त करने पर सहमति दी, जिससे मालिकों की अनावश्यक परेशानियां कम होंगी। अब इन पुराने वाणिज्यिक वाहनों के मालिक अपने वाहनों के लिए वार्षिक एकमुश्त टैक्स जमा कर सकेंगे, जिससे उनके पैसे, समय और ऊर्जा की बचत होगी। ऐसे नए वाहन खरीदने वालों को अब चार या आठ वर्षों के लिए एकमुश्त टैक्स भरने का विकल्प मिलेगा, जिस पर उन्हें क्रमशः 10 प्रतिशत और 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
पंजाब में रजिस्ट्री के लिए एनओसी की शर्त समाप्त
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में मंगलवार काे ‘पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन (संशोधन) एक्ट-2024’ को सर्वसम्मति से पारित करते हुए प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की शर्त को समाप्त कर दिया। विधानसभा के सदन में ‘पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन (संशोधन) एक्ट-2024’ पर चर्चा पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संशोधन का उद्देश्य जहां अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसना है, वहीं छोटे प्लॉट मालिकों को राहत देना है।उन्होंने कहा कि इस बिल से आम लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि इस संशोधन से लोगों को अपने प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने में आने वाली समस्याओं का समाधान हो जाएगा और अवैध कॉलोनियों पर रोक लगेगी। भगवंत मान ने कहा कि यह संशोधन आरोपी व्यक्तियों के लिए जुर्माने और सजा का प्रावधान करता है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय का उद्देश्य आम लोगों की भलाई सुनिश्चित करना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नए संशोधन के अनुसार कोई भी व्यक्ति जिसने 31 जुलाई, 2024 तक अवैध कॉलोनी में स्थित 500 वर्ग गज तक के क्षेत्र के लिए, एक पावर ऑफ अटॉर्नी, स्टांप पेपर पर बेचने के लिए अनुबंध या कोई अन्य ऐसा दस्तावेज़ जिसके बारे में सरकार अधिसूचना द्वारा निर्धारित कर सकती है, के माध्यम से अनुबंध किया है, उस क्षेत्र के लिए एनओसी की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संपत्ति का मालिक अपने प्लॉट की रजिस्ट्री संबंधित रजिस्ट्रार या सब-रजिस्ट्रार या संयुक्त सब-रजिस्टार के पास करवा सकता है और ऐसे क्षेत्र को पंजीकृत करवाने के संबंध में यह छूट सरकार द्वारा इस संबंध में नोटिफिकेशन के माध्यम से नोटिफाई की गई तिथि तक लागू होगा। इस रजिस्ट्रेशन के लिए मकान निर्माण और शहरी विकास विभाग की संबंधित विकास प्राधिकरण या स्थानीय सरकार विभाग की संबंधित स्थानीय शहरी संस्था से एन.ओ.सी. प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बिक्री दस्तावेज़ की सूचना रजिस्ट्रार या सब-रजिस्ट्रार या संयुक्त सब-रजिस्ट्रार द्वारा संबंधित प्राधिकरण को उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उपरोक्त के अनुसार दी गई छूट की अधिसूचित तिथि बीत जाने के बाद भी यदि इस संपत्ति को आगे नहीं बेचा गया है तो रजिस्ट्रार या सब-रजिस्ट्रार या संयुक्त सब-रजिस्टार द्वारा ऐसी संपत्ति के संबंध में अगले बिक्री दस्तावेज़ों को संबंधित विकास प्राधिकरणों/स्थानीय सरकार को सूचित करते हुए पंजीकृत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्ट के तहत पंजीकृत कोई भी व्यक्ति या प्रमोटर या उसका एजेंट और कोई अन्य प्रमोटर, जो बिना किसी उचित कारण के, एक्ट की धारा-5 के उपबंधों का पालन करने में विफल रहता है या उल्लंघन करता है तो दोषी पाए जाने पर उसे कम से कम 25 लाख रुपए जुर्माना हो सकता है, जिसे 5 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही उसे कम से कम पांच साल की कैद की सजा दी जाएगी जिसे दस साल तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनाइज़र ने लोगों को हरा-भरा सपना दिखाकर लूटा और उन्होंने बिना मंजूरी के कॉलोनियों को बेच दिया, जबकि ये कॉलोनियां स्ट्रीट लाइट, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि मजबूर लोग इन कॉलोनियों में जरूरी सुविधाएं हासिल करने के लिए परेशान होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलोनाइज़र अवैध तरीके से पैसा इकट्ठा करते हैं, लेकिन उनकी गलत हरकतों का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने तीन बार अवैध कॉलोनियों को नियमित किया, जबकि हर बार यह शर्त रखी गई थी कि यह राहत आखिरी बार दी जा रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश के सबसे अनुभवी मुख्यमंत्रियों में से एक होने के कारण उन्होंने यह फैसला आम लोगों के प्लॉटों को कानूनी जामा पहनाने के लिए लिया है, न कि अवैध कॉलोनियों को।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर शराब के ठेकों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रशासन और आबकारी विभाग की टीम मंगलवार को पूरे प्रदेश में 100 से अधिक शराब की दुकानों पर छापेमारी की है। छापेमारी अभियान से ठेका संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम ने मंगलवार को पिथोरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर, चंपावत, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल जनपद में छापेमारी अभियान चलाया है। मुख्यमंत्री धामी को ओर से शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग और प्रदेश के कई क्षेत्रों में शराब की तस्करी की शिकायतों पर प्रशासन और आबकारी विभाग को अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि दुकानों पर ओवर रेटिंग की शिकायत सही मिलती है और स्टॉक और बिक्री रजिस्ट्रर मेंटेन नहीं मिलता तो दुकानों को सीज किया जाए। टीम को समय-समय पर अभियान चलाने और तस्करी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता: उपराष्ट्रपति
देहरादून। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नौ अगस्त को एक स्वास्थ्य योद्धा के खिलाफ की गई हिंसा को चरम क्रूरता करार दिया। इसे पूरी मानवता को शर्मसार करने वाला बताया। रविवार को एआईएमएस ऋषिकेश में छात्रों व संकाय सदस्यों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे क्रूर कृत्य पूरी मानव सभ्यता को शर्मिंदा करते हैं और भारत के आदर्शों को तहस-नहस कर देते हैं।
उपराष्ट्रपति ने इस घटना के संदर्भ में कुछ लोगों के ‘लक्षणात्मक विकृति’ शब्द के उपयोग पर अफसोस जताते हुए श्री धनखड़ ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां हमारे दर्द को और बढ़ाती हैं और हमारी घायल अंतरात्मा पर नमक छिड़कती हैं। कहा कि जब मानवता को शर्मिंदा किया जाता है, तो कुछ आवाजें होती हैं, जो चिंता का कारण बनती हैं। वे केवल हमारे दर्द को और बढ़ाती हैं। सीधे शब्दों में कहें तो वे हमारी घायल अंतरात्मा पर नमक छिड़क रही हैं। जब यह बातें संसद के सदस्य, वरिष्ठ वकील से आती हैं, तो यह अत्यधिक दोषपूर्ण होती हैं। ऐसे भयंकर विचारों के लिए कोई बहाना नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मैं ऐसी गलतफहमी में पड़े लोगों से पुनः विचार करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का आह्वान करता हूं। यह ऐसा अवसर नहीं है, जहां आप राजनीतिक दृष्टिकोण से देख रहे हैं। यह राजनीतिक दृष्टिकोण खतरनाक होता है, यह आपकी वस्तुनिष्ठता को मारता है।
उपराष्ट्रपति ने डॉक्टरों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा की निंदा की। उन्होेंने स्वास्थ्य पेशेवरों के काम को ‘निष्काम सेवा’ बताया। डॉक्टरों की सुरक्षा के प्रति चिंता जताते हुए उन्होंने एक ऐसा तंत्र बनाने पर जोर दिया, जिसमें स्वास्थ्य योद्धाओं को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने समाज की जिम्मेदारी को उजागर करते हुए महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए एक तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि जो कुछ भी हुआ, वह जवाबदेही के दायरे में आएगा लेकिन समाज भी जिम्मेदार है। समाज अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। मैं इसे सरकार या राजनीतिक पार्टियों का मामला नहीं बनाना चाहता। यह समाज का मामला है, यह हमारे अस्तित्व की चुनौती है। इसने हमारे अस्तित्व की नींव को हिला दिया है। इसने भारत के आदर्शों को सवाल किया है जो हजारों वर्षों से कायम हैं। इस दौरान डॉ सुदेश धनखड़, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं निदेशक एम्स ऋषिकेश प्रो. मीनू सिंह आदि मौजूद रहे।
सुनिश्चित की जानी चाहिए स्वास्थ्य योद्धाओं की सुरक्षा
उप राष्ट्रपति ने कहा कि एक डाक्टर केवल एक सीमा तक ही मदद कर सकता है। डाक्टर खुद को भगवान में नहीं बदल सकता। वह भगवान के करीब है, इसलिए जब कोई व्यक्ति की मृत्यु होती है, भावनात्मक और अनियंत्रित भावनाओं के कारण डाक्टरों को वह व्यवहार नहीं मिलता जिसके वे हकदार हैं। डॉक्टरों, नर्सों, कंपाउंडर्स और स्वास्थ्य योद्धाओं की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अपराधियों की दोषपूर्णता से भी बदतर एनजीओ का मौन
एनजीओ के चयनात्मक मौन की आलोचना करते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि कुछ एनजीओ एक घटना पर चुप्पी साध लेते हैं। हमें उनसे सवाल करना चाहिए। उनकी चुप्पी इस घिनौनी अपराध के अपराधियों की दोषपूर्णता से भी बदतर है। जो लोग राजनीति खेलना और राजनीतिक अंक जुटाना चाहते हैं, वे अपनी अंतरात्मा की पुकार का जवाब नहीं दे रहे।









