देहरादून। पिछले कुछ वर्षों से विकास कार्यों के लिए दून की सड़कों पर चौतरफा खोदाई का आलम है। सीवर और पेयजल लाइन बिछाने से लेकर गेल की गैस लाइन, स्मार्ट रोड, बिजली की लाइनों को भूमिगत करने और अन्य कार्यों के लिए निरंतर खोदाई की जा रही है।
नहीं किए जा रहे धूल कणों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा के उपाय
अधिकतर कार्यों में धूल कणों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा के उपाय नहीं किए जा रहे हैं। जिससे वातावरण में सूक्ष्म धूल कण पीएम 10 और पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ने से वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है।
हालांकि, यह पहली बार हुआ है, जब निर्माण कार्यों में पर्यावरणीय मानकों का पालन करने के लिए पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने किसी निर्माण एजेंसी को पत्र लिखा है।
यह कार्यवाही भी बोर्ड ने स्वयं संज्ञान लेकर नहीं की, बल्कि मानवाधिकार आयोग को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।दरअसल, समाजसेवी अजय कुमार ने दूधली-मोथरोवाला पर सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी जा रही लाइन को लेकर मानवाधिकार आयोग से शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने कहा कि खोदाई के दौरान धूल कणों पर अंकुश लगाने के लिए कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
शिकायत पर संज्ञान लेकर मानवाधिकार आयोग ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। इसका असर यह हुआ कि बोर्ड ने कार्यदायी संस्था पेयजल निगम को पत्र भेजकर निर्माण कार्यों के दौरान मानकों का पालन करने की अपेक्षा की है।
देहरादून: दून में वायु प्रदूषण से कुछ दिन राहत के बाद अब फिर एक्यूआइ बढ़ने लगा है। बीते तीन दिन से इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। जबकि, इससे पहले एक सप्ताह तक शहर में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद संतोषजनक हो गया था। लंबे समय से वर्षा न होने और मौसम शुष्क बना रहने से भी हवा में तैर रहे धूल-मिट्टी के कण बैठ नहीं रहे हैं।मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं घने कोहरे और धुंध के कारण परेशानी बरकरार है। दून में मंगलवार को औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 143 दर्ज किया गया। जो कि खराब की श्रेणी में आता है। बीते तीन दिन से लगातार एक्यूआइ 100 से अधिक बना हुआ है। जबकि, करीब इससे पहले एक सप्ताह तक दून हवा संतोषजनक बनी रही। पूर्व में इस माह तीन से चार बाद दून का औसत एक्यूआइ 300 से अधिक भी दर्ज किया गया, जो कि सांस के रोगियों के लिए बेहद खतरनाक माना जाएगा। साथ ही दो सौ के आसपास भी कई बार बने से रहने सांस के रोगियों के लिए दून की हवा खराब बनी रही। फिलहाल बेहद खतरनाक स्थिति तो नहीं है, लेकिन एक्यूआइ फिर बढ़ना चिंताजनक है।
हालांकि, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े दून विवि क्षेत्र के हैं, शहर के मुख्य क्षेत्रों में एक्यूआइ अधिक होने की आशंका है। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से वायु प्रदूषण कम करने के लिए नगर निगम के साथ मिलकर विभिन्न प्रयास किए जाने के दावे भी किए जा रहे हैं।
दून समेत प्रदेशभर में ही मौसम शुष्क बना हुआ है। लंबे समय से वर्षा दर्ज नहीं की गई। हालांकि, फिलहाल आगे भी बारिश के आसार नहीं हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, प्रदेश में अगले कुछ दिन मौसम शुष्क बना रहने का अनुमान है। पहाड़ से मैदान तक चटख धूप खिली रह सकती है। तापमान सामान्य या उससे कुछ अधिक बना रह सकता है। लगभग एक सप्ताह तक वर्षा के आसार नहीं हैं।
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सड़क की खोदाई बढ़ा रही वायु प्रदूषण, आयोग ने भेजा नोटिस

एयरपोर्ट पर यात्रियों के बैग से कारतूस मिलने के बाद सनसनी, पुलिस ने शुरू की जांच
बठिंडा। जिले के विर्क कलां गांव स्थित सिविल एयरपोर्ट से दो यात्रियों को 32 बोर पिस्तौल के कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों यात्रियों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। बीते मंगलवार की शाम को सिविल एयरपोर्ट पर तैनात पुलिस पार्टी द्वारा यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही थी।
इसी दौरान बिक्रम सिंह पुत्र गुरदीप सिंह निवासी गुड़गांव (हरियाणा) और गुरविंदर सिंह पुत्र सुखदेव सिंह निवासी जमालगढ़ जिला फाजिल्का के हैंडबैग से 32 बोर के कारतूस बरामद हुआ।
‘स्क्रीनिंग में गोला-बारूद आता है या नहीं’
जिसके बाद एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मियों ने दोनों को हिरासत में ले लिया। इस उपरांत थाना सदर बठिंडा की पुलिस को सूचित किया। विर्क कलां के एयरपोर्ट पर तैनात हवलदार इंद्रजीत सिंह के बयानों के आधार पर थाना सदर बठिंडा की पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को शक है कि दोनों लोग यह जांच कर रहे थे कि स्क्रीनिंग में गोला-बारूद आता है या नहीं।
काम मार्केट में काम करते हैं दोनों आरोपित
पुलिस दोनों व्यक्तियों से गहन पूछताछ में जुटी है। डीएसपी बठिंडा देहाती हिना गुप्ता ने बताया कि दोनों व्यक्ति कार मार्केट में काम करते हैं। उन्हें 26 नवंबर को शाम चार बजे दिल्ली के लिए फ्लाइट पकड़नी थी, लेकिन उससे पहले जब यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई तो एक के बैग में 32 बोर का एक कारतूस और दूसरे यात्री के हैंड बैग से 32 बोर पिस्टल के दो कारतूस मिले। उन्होंने बताया कि दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर एसएसपी अमनीत कौंडल ने बताया कि मामले की गंभीरता के साथ जांच की जा रही है।
क्योंकि दोनों व्यक्ति प्राथमिक पूछताछ के दौरान कोई तसल्लीबख्श जवाब नहीं दे सके हैं। जिसके चलते ही उनके खिलाफ केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उससे पुछताछ जारी है, इसके पीछे के कारणों का पता लगा रही है। पुलिस टीम घटना के बाद एक्टिव हो गई। पुलिस ने गिरफ्तार कर अब उससे पूछताछ कर रही है। बैग में कारतूस लाने के पीछे क्या मंशा थी?
केंद्र ने आपदा मद में उत्तराखंड के लिए मंजूर किए 139 करोड़
देहरादून। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड को केंद्र सरकार हरसंभव मदद कर रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक में विभिन्न राज्यों के लिए आपदा न्यूनीकरण और क्षमता निर्माण परियोजनाओं के लिए 1115.67 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसमें 139 करोड़ रुपये की राशि उत्तराखंड की झोली में भी आई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस केंद्रीय मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह के प्रति आभार जताया है। केंद्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने उत्तराखंड समेत 15 राज्यों के लिए राष्ट्रीय भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण परियोजनाओं को स्वीकृति दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को इस मद में मिलने वाली 139 करोड़ की राशि से राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रणाली को मजबूत किया जा सकेगा। इससे आपदा के दौरान जान-माल केा होने वाले किसी भी बड़े नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।वर्ष 2026 तक सोलर प्लांट से मिलेगी 60 मेगावाट विद्युत
प्रदेश में सौर ऊर्जा आने वाले वर्षों में सरकार की आय का बड़ा साधन भी बनेगी। सरकारी भवनों में लग रहे सोलर पावर प्लांट से मिलने वाली अतिरिक्त विद्युत से होने वाली आय ऊर्जा निगम को सरकारी कोष में जमा करानी होगी। इसके लिए विभागों के साथ निगम विद्युत खरीद अनुबंध करेगा। अभी 305 सरकारी भवनों में नौ मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादित हो रही है। इसे वर्ष 2026 तक 60 मेगावाट करने का लक्ष्य है।
प्रदेश में सौर ऊर्जा को सरकार प्रोत्साहन दे रही है। इसके लिए सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों में सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए सब्सिडी के रूप में आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। विशेष रूप से सरकारी भवनों में सोलर प्लांट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यही नहीं, प्लांट लगाने के लिए इस पर होने वाले खर्च को सरकारी भवनों की निर्माण लागत में जोड़ा जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
वर्तमान में 307 सरकारी भवनों में नौ मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1965 सरकारी भवनों में सोलर प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है। इनके प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। चालू वित्तीय वर्ष में इसके लिए 100 करोड़ रुपये बजट रखा गया है।
अपर मुख्य सचिव वित्त आनंद बर्द्धन ने कहा कि शासकीय भवनों में स्थापित सोलर प्लांट से ऊर्जा निगम को अतिरिक्त बिजली मिल रही है। निगम को इस आय को सरकारी कोष में जमा कराना होगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रूप से सरकारी भवनों से उनकी खपत के अतिरिक्त मिलने वाली विद्युत ऊर्जा निगम को प्राप्त हो रही है। इस संबंध में अब ऊर्जा निगम को संबंधित विभाग के साथ विद्युत खरीद अनुबंध करना है। इससे अतिरिक्त विद्युत से सरकार को भी आय होगी। इस योजना से संबंधित गाइड लाइन में भी संशोधन किया जाएगा।
किसान नेता जगजीत डल्लेवाल को पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिया
चंडीगढ़। पंजाब पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल को डिटेन कर लिया है । उन्हें साढ़े तीन बजे खनोरी बॉर्डर से ले जाया गया है। जहां पर वह आज से आमरण अनशन पर बैठने वाले थे।
भारतीय किसान यूनियन तोतेवाल के प्रदेश प्रधान सुख गिल ने जानकारी देते हुए बताया है कि लगभग 200 के करीब पुलिसकर्मियों ने रात को 3:30 बजे आकर जगजीत सिंह डल्लेवाल को गिरफ्तार कर लिया है।
हालांकि, पहले ऐसा कहा जा रहा था कि उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है लेकिन अब सूचना आ रही है कि उन्हें लुधियाना के डीएमसी में दाखिल करवाया गया है।
आज से अनशन करने वाले थे डल्लेवाल
न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत कई अन्य मांगों को लेकर फरवरी महीने से धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन सिद्धपुर और किसान मजदूर संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं की ओर से आज से संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया गया था। जिसके तहत जगजीत सिंह डल्लेवाल को खनौरी बॉर्डर पर अमर अनशन करना था।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि इस दौरान उन्हें कुछ हो गया तो भी यह अनशन नहीं रुकेगा, उनकी जगह कोई अन्य नेता मरण व्रत पर बैठ जाएगा आज अनशन शुरू करने से पहले उन्होंने अपनी सारी जमीन जायदाद अपनी वारिसों के नाम कर दी।
13 फरवरी से लगातार आंदोलन जारी
डल्लेवाल ने कल ही कहा था कि 13 फरवरी से हरियाणा की सीमा शंभू और खनौरी पर लगातार आंदोलन चल रहा है लेकिन केंद्र सरकार उनकी मांग को लेकर संजीदा नहीं है।
काबिले गौर है कि फरवरी महीने में तब के कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल के साथ छह बैठके हुई थी लेकिन किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत सिरे नहीं चढ़ सकी क्योंकि उस समय लोकसभा के आम चुनाव थे। इसलिए बातचीत वही बंद कर दी गई लेकिन नई सरकार के गठन के बाद भी केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच कोई बातचीत शुरू नहीं हुई ।
SC ने कमेटी का किया गठन
हालांकि, इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस नवाब सिंह की अगुवाई में कृषि विशेषज्ञों की एक कमेटी का भी गठन किया, जिसको किसान संगठनों के साथ बातचीत करके शंभू बॉर्डर से नेशनल हाईवे का रास्ता खुलवाने का काम भी सौंपा गया।
साथ ही उन्हें किसानों की समस्याओं के बारे में रिपोर्ट देने को भी कहा गया। अभी पिछले हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित की गई इस कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट दी है लेकिन इसी बीच 26 नवंबर से जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आमरण अनशन की घोषणा कर दी थी। साथ ही एक अन्य किस संगठन जो इस समय भी शंभू बॉर्डर पर धरने पर बैठा हुआ है ने 6 दिसंबर से फिर से दिल्ली कूच का ऐलान किया हुआ है।
उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट जारी, अगले 48 घंटे भारी
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम शुष्क बना हुआ है और अगले कुछ दिन वर्षा के आसार नहीं हैं। हालांकि, आगामी 29 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की आशंका है, जिससे हिमालयी क्षेत्रों में मौसम करवट बदल सकता है। ऐसे में प्रदेश में तापमान में तेजी से गिरावट आने और वायु प्रदूषण कम होने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन पहाड़ों में पाला और मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का प्रभाव बना रहने की आशंका जताई है। उत्तराखंड में अक्टूबर की शुरुआत में मानसून की विदाई के बाद से सूखा पड़ा हुआ है। ज्यादातर क्षेत्रों में पूरे अक्टूबर और फिर नवंबर में वर्षा नहीं हुई। दून समेत पांच जिलों में तो एक बूंद नहीं पड़ी। वहीं शेष जिलों में भी कहीं-कहीं महज बूंदाबांदी ही दर्ज की गई।
बारिश न होने से मौसम शुष्क बना हुआ है और अधिकतम व न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक चल रहे हैं। कई दिनों से प्रदेशभर में मौसम शुष्क बना हुआ है और चटख धूप खिल रही है। हालांकि, पर्वतीय क्षेत्रों में सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ने लगी है। मैदानी क्षेत्रों में भी रात को पाला गिरने से सुबह ठंडक महसूस की जा रही है।
जल्द बदलेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, फिलहाल अगले कुछ दिन प्रदेशभर में मौसम शुष्क बना रहने का अनुमान है। मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं कुहासा और धुंध छाई रह सकती है। पहाड़ों में पाला पड़ने की आशंका है। इसके बाद आगामी 29 नवंबर के बाद ताजा पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हो सकता है। जिसके चलते कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने की उम्मीद है।नैनीताल में इन दिनों पर्यटक झील में नौका का लुत्फ उठा रहे हैं।
शहर, अधिकतम, न्यूनतम
देहरादून, 26.2, 10.4
ऊधमसिंह नगर, 26.6, 9.8
मुक्तेश्वर, 17.0, 4.2
नई टिहरी, 17.8, 6.3प्रदूषण से परेशान हुए लोग
सर्दियों का मौसम कई लोगों के लिए परेशानियां साथ लाता है। खासतौर से वह लोग जिन्हें सांस संबंधी दिक्कतें हैं। जिनमें अस्थमा, क्रानिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और क्रानिक ब्रोंकाइटिस आदिशामिल हैं। दून के निजी व सरकारी अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों की तादाद बढ़ने लगी है। तपमान में गिरावट इन मरीजों की तकलीफ और बढ़ा सकता है। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि ऐसे मरीज ठंड बढ़ने के साथ ही अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें। दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ श्वास रोग विशेषज्ञ डा. अनुराग अग्रवाल के अनुसार ठंड के मौसम में सांस की नली के सिकुड़ने और प्रदूषण की वजह से अस्थमा अटैक की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। हमारा कमजोर इम्यून सिस्टम भी अस्थमा के लक्षण के बढ़ने के पीछे एक बड़ा कारण होता है, इसलिए जरूरी है कि हम इस प्रकार की जीवनशैली अपनाएं जिससे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत रहे। आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, क्रानिक ब्रोंकाइटिस की समस्या होने पर भी दिक्कत बढ़ सकती है। प्रदूषण के कारण भी दिक्कत बढ़ रही है। किसी भी तरह की सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ने लगे, तो बेहतर है कि आप किसी पल्मोनोलॉजिस्ट या एक्सपर्ट से सलाह लें।सांस लेने में दिक्कत होने का कारण
ठंडी चलती हवाओ से सांस की नली का सिकुड़ना, जिससे सांस लेने में कठिनाई होने लगती है।
कफ या बलगम का अधिक मात्रा में बनना और फिर धीरे-धीरे इनका गाढ़ा होकर लंग्स में जमा होना।
पहनावे पर दें ध्यान
सर्दियों के मौसम में अपने पहनावे पर जरूर ध्यान रखें, क्योंकि सर्द चलती हवाएं शरीर के तापमान में गिरावट करता है। पर्यावरणीय ट्रिगर के अलावा अन्य ट्रिगर से भी बचें पर्यावरण तो अपना प्रभाव हमारे शरीर पर बनाता ही है। साथ ही कुछ अन्य कारक भी हैं, जो हमें हमारी लाइफस्टाइल में ट्रिगर करते हैं- जैसे हमें धूमपान, डस्ट एलर्जी से बचना चाहिए, एरोसोल युक्त उत्पाद से बचना चाहिए। इसके आलावा धूल, मोल्ड, फंगस, कीटनाशक आदि से भी दूरी बनाएं।स्वस्थ आहार का करें सेवन
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं प्रतिदिन स्वस्थ आहार का सेवन करें। घर का बना खाना खाएं। प्रतिदिन योग, एक्सरसाइज और व्यायाम जरूर करें। किसी भी तरह के रेस्पिरेटरी संबंधित संक्रमण से बचें। तनाव बिलकुल न लें। हृदय रोगी भी रखें बचाव सर्दियों का ये मौसम हृदय के लिए और भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। जिन लोगों को पहले से हार्ट की समस्या रही है उन्हें इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है
ठंड का मौसम आपके हृदय और संचार संबंधी समस्याओं जैसे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती है। दून अस्पताल के वरिष्ठ कार्डियोलाजिस्ट डा. अमर उपाध्याय के अनुसार ठंड बढ़ने के साथ शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए रक्त वाहिकाएं संकीर्ण हो जाती हैं। लेकिन यह संकुचन (जिसे ‘वासोकोनस्ट्रिक्शन’ कहा जाता है) परिसंचरण के बाकी हिस्सों में अधिक दबाव बनाता है, जिसका अर्थ है कि हृदय को शरीर के चारों ओर रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है।इस स्थिति में हृदय गति और रक्तचाप बढ़ जाता है। यह ठंड के प्रति एक सामान्य प्रतिक्रिया है, लेकिन यह उन लोगों के लिए हृदय संबंधी लक्षणों का कारण बन सकती है, जिन्हें पहले से ही यह बीमारी है। यही कारण है कि सर्दियों में हृदय की सेहत पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
इन बातों का भी रखें खास ध्यान
ठंड से बचाव के अलावा आहार की पौष्टिकता और नियमित व्यायाम जरूर ध्यान रखें। ये हार्ट को स्वस्थ रखने और रक्त संचार को बेहतर रखने के लिए जरूरी है। इसके अलावा सबसे आवश्यक, शराब-धूमपान से बचें। धूमपान की आदत रक्त वाहिकाओं और हृदय के लिए काफी समस्याकारक हो सकती है। ये आपमें हार्ट अटैक को खतरे को बढ़ाने के प्रमुख कारकों में से है। सुबह की सैर से भी फिलवक्त परहेज करें।
महिला तांत्रिक के पास जाने से रोकने पर की पति की हत्या, लाश गड्ढे में दबाई
बठिंडा। तांत्रिक के चक्कर में फंसकर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बठिंडा के तलवंडी साबो में महिला सुखवीर कौर ने महिला तांत्रिक के पीछे लगकर पति बलवीर सिंह की हत्या कर दी।
इसके बाद लाश को एक गड्ढे में दबा दिया। सुखवीर कौर का महिला तांत्रिक गुरप्रीत कौर के पास आना जाना था। इस दौरान दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। मगर सुखवीर के पति बलवीर को यह पसंद नहीं था, वह अपनी पत्नी को तांत्रिक के पास जाने से रोकता था, जो उसकी हत्या का कारण बना।
थाना तलवंडी साबो की पुलिस ने इस मामले में मृतक के भाई की शिकायत पर पहले अगवा का केस दर्ज किया था, बाद में इसमें हत्या की धारा बढ़ा दी।
इस हत्या के मामले में तलवंडी साबो पुलिस ने बलवीर सिंह की पत्नी सुखबीर कौर के अलावा तांत्रिक गुरप्रीत कौर, उसके पिता लीला सिंह, मासी वीरपाल कौर और पति कुलविंदर सिंह के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जबकि पुलिस ने सुखबीर कौर और गुरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया है। घोटना से हत्या कर दातर से काटा था।
तांत्रिक के साथ मिलकर की हत्या
थाना तलवंडी साबो की पुलिस को प्रह्लाद सिंह ने बयान दर्ज करवाए थे कि उसके भाई बलवीर सिंह की शादी सुखवीर कौर के साथ हुई थी। 18 नवंबर को सुखवीर कौर ने एक महिला तांत्रिक गुरप्रीत कौर के साथ मिलकर उसके भाई को मार देने की नीयत से कहीं पर छिपाकर रख लिया।
इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जब मामले की जांच शुरू की पता लगा कि बलवीर सिंह की आखिरी लोकेशन गांव गाटवाली में आई है।
इस पर पुलिस ने जांच करते हुए दोनों महिलाओं को काबू कर लिया। जिन्होंने प्राथमिक जांच में माना कि उनके द्वारा बलवीर सिंह की हत्या करने के बाद शव को एक गड्ढे में दबा दिया है। इसके आधार पर पुलिस ने तलवंडी साबो से बलवीर सिंह के शव को बरामद किया। वहीं मौके पर फोरेंसिक टीम भी जांच के लिए पहुंची।
अपने पति बलवीर सिंह को रास्ते से हटाने के लिए सुखबीर कौर ने तांत्रिक गुरप्रीत कौर गांव गाटवाली के साथ मिलकर मारने की योजना बनाई। योजना के मुताबिक बलवीर सिंह की हत्या करके उन दोनों ने गुरप्रीत कौर के पिता लीला सिंह और मासी वीरपाल कौर, तलवंडी साबो में के साथ मिलकर बलवीर सिंह के सिर पर घोटना मारकर हत्या कर दी।गुरप्रीत कौर ने अपने पति नौरंग वासी कुलविंदर सिंह के साथ मिल कर वीरपाल कौर के घर के पीछे खेत में गड्ढा खोद कर उस पर लकड़ी डाल कर बलवीर सिंह के शव को दबा दिया।
पुलिस जांच के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार तलवंडी साबो सिकंदर सिंह और डीएसपी राजेश स्नेही तलवंडी साबो के नेतृत्व में जमीन में दबाए गए बलवीर सिंह के शव को गड्ढा खोदकर निकाला गया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
थाना तलवंडी साबो की एसएचओ सरबजीत कौर ने बताया कि गुरप्रीत कौर तांत्रिक का काम करती है, जिसके पास सुखवीर कौर का आना जाना था। इसी बीच सुखवीर कौर अपने पति को किसी बहाने गुरप्रीत कौर के पास ले गई। जहां पर हत्या को अंजाम दिया गया।

पराली जलाने के आरोप में नंबरदार सस्पेंड
मोगा। पराली जलाने के आरोप में गांव कनिया खास के नंबरदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। सख्त फैसला लेते हुए डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने कहा कि आदेश नहीं मानने वालों को बख्शा नहीं जा सकता है।
जानकारी के अनुसार तहसीलदार धर्मकोट द्वारा गांव कनिया खास में पराली जलाने की घटना देखी गई। इसमें खसरा नंबर 23//18(5-10), 19/1(4-8), कुल रकबा 9-18 में आग लगाई गई थी। इन खसरों के मालिक सुखदेव सिंह पुत्र अजीत सिंह और अन्य व्यक्ति हैं। सुखदेव सिंह गांव कनिया खास के नंबरदार भी हैं।
डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने बताया कि उपमंडल मजिस्ट्रेट, धर्मकोट द्वारा संबंधित क्षेत्र के नंबरदारों के साथ बैठक कर उन्हें निर्देश दिया गया था कि वह अपने गांव के जिम्मेदार व्यक्तियों के रूप में पराली न जलाएं और अन्य ग्रामीणों को भी इसके लिए जागरूक करें।
सुखदेव सिंह, पुत्र अजीत सिंह, नंबरदार गांव कनिया खास तहसील धर्मकोट, जिला मोगा को अपनी भूमि में धान की पराली जलाने के कारण नंबरदारी के पद से निलंबित कर दिया गया है।एक जिम्मेदार नागरिक होने के बावजूद सुखदेव सिंह ने सरकारी आदेशों का उल्लंघन कर अपनी जमीन में पराली जलाकर पर्यावरण को दूषित किया। इस कारण पंजाब लैंड रेवेन्यू रूल्स 25(i)(b) के तहत उन्हें अगले आदेश तक नंबरदारी के पद से निलंबित किया गया है। डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने सख्त शब्दों में कहा कि कानून और प्रकृति से ऊपर कोई नहीं है। गलत कार्य की सज़ा भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने आम जनता से पराली न जलाने और सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कानून का पालन करने की अपील की।
1319 पर्यवेक्षकों व अधिकारियों को नोटिस
बता दें कि राज्य में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने में नाकाम रहने पर सरकार ने 1319 पर्यवेक्षकों व अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही खेतों में लगी आग को बुझाने में सही समय पर हरकत में न आने पर 79 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।दूसरी तरफ, बुधवार को राज्य में 179 जगह पराली जलाने की घटनाओं के साथ ही कुल आंकड़ा 10104 तक पहुंच गया है। पराली जलाने से अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़ और पटियाला का अधिकतम वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) भी 300 पार रहा जोकि बहुत खराब है।

दून में सप्ताहभर बाद कड़ाके की ठंड के आसार
देहरादून। दून समेत प्रदेशभर में फिलहाल चटख धूप खिल रही है। जिससे दिन का पारा सामान्य से अधिक बना हुआ है। वहीं, न्यूनतम तापमान में गिरावट से ठिठुरन बढ़ रही है। प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में सुबह-शाम ठंड बढ़ गई है। हालांकि, अभी अगले सप्ताह से रात को कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिन पहाड़ों में पाले और मैदानी क्षेत्रों में कोहरा छाने के आसार हैं। आगामी तीन दिन बाद से दून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।शनिवार को प्रदेशभर में शुष्क मौसम रहा। हालांकि, सुबह मैदानी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाया रहा। दून में भी धूप खिली रही, जिससे दिन में गर्माहट बनी रही। हालांकि, सुबह-शाम दून में भी अब ठंडक बढ़ने लगी है। दून का अधिकतम और न्यूनतम तापमान अभी सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक है।
घना कोहरा छाने के हैं आसारमौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहने का अनुमान है। बारिश न होने के कारण तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। अगले दो दिन हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर समेत आसपास के मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं घना कोहरा छा सकता है। देहरादून में भी सुबह धुंध व कुहासा छाने के आसार हैं। मंगलवार से ज्यादातर क्षेत्रों में पारे में गिरावट आने के आसार हैं। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है।
शहर, अधिकतम, न्यूनतम
देहरादून, 25.6, 10.5
ऊधमसिंह नगर, 26.7, 8.9
मुक्तेश्वर, 17.0, 5.1
नई टिहरी, 16.3, 6.4दरकती पहाड़ी से गिर रहे मलबे ने बढ़ाई मुश्किलें, यात्री परेशान
अल्मोड़ा में तीन जिलों की लाइफ लाइन अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्वारब के समीप दरकती पहाड़ी ने मुसीबतें बढ़ा दी हैं। पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे के चलते एनएच पर आठवें दिन भी रुक-रुककर यातायात चला। रोडवेज और केमू की बसें मार्ग बदलकर गंतव्य को रवाना हुई। दरकती पहाड़ी का समाधान नहीं होने से यात्रियों की मुश्किलें भी दिनों दिन बढ़ते जा रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 109 पर क्वारब के समीप पहाड़ी का दरकना जारी है।
एनएच पर गिर रहा है मलबा
पहाड़ी से बार-बार मलबा एनएच पर गिर रहा है। जबकि बीते सप्ताह भर से परेशानी और बढ़ गई है। पहाड़ी से गिर रहे मलबे के चलते एनएच पर दिन भर में कई बार वाहनों की रफ्तार जाम हो रही है। शनिवार को भी यहां पहाड़ी से मलबा गिरते रहा। जबकि लगातार गिर रहे मलबे के चलते यात्री जान जोखिम में डाल यात्रा को मजबूर हैं। वहीं रोडवेज और केमू बसों को मार्ग बदलना पड़ रहा है। इससे खासकर दिल्ली, देहरादून समेत महानगरों से पहाड़ पहुंचने वाले यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। हालांकि प्रशासन की ओर लोडर मशीनें तैनात की गई है, जो समय-समय पर एनएच पर गिरे मलबे को साफ कर रही हैं।
प्रचंड जीत के बाद अरविंद केजरीवाल करेंगे कार्यकर्ताओं को संबोधित
चंडीगढ़। पंजाब उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल की है। आम आदमी पार्टी ने चार में से तीन सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। इस प्रचंड जीत से आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उत्साहित नजर आ रहे हैं। पार्टी को बड़ी जीत मिलने पर राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज शाम 5 बजे कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि पंजाब के लोगों ने उपचुनाव में आम आदमी पार्टी को चार में से तीन सीट देकर फिर से आम आदमी पार्टी की विचारधारा और हमारी सरकार के काम पर विश्वास जताया है। पंजाब के लोगों का बहुत-बहुत शुक्रिया और सबको बहुत-बहुत बधाई।

Kedarnath By Election Result 2024: आशा नौटियाल ने 5623 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की
देहरादून। केदारनाथ उपचुनाव 2024 के नतीजे शनिवार को आ गए। भाजपा ने इस सीट पर कमल खिलाया है। भाजपा की आशा नौटियाल ने कांग्रेस के मनोज रावत को हराकर जीत हासिल की है। भाजपा ने 5623 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल को 23814 वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत को 18191 मत प्राप्त हुए हैं। भाजपा ने 5623 वोटों से जीत दर्ज की है।
वहीं केदारनाथ सीट पर आशा नौटियाल की जीत ने सालों से चले आ रहे मिथक को सच किया है। वो यह कि इस सीट पर महिला प्रत्याशी की जीत होती है।
केदारनाथ विधानसभा सीट पर अब तक पांच बार महिला विधायक चुन कर आई हैं। सबसे पहले वर्ष 2002 में विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से आशा नौटियाल विजयी रही। जबकि वर्ष 2007 में भी आशा नौटियाल दुबारा चुन कर आई। वहीं वर्ष 2012 में आशा नौटियाल को हार का मुंह देखना पड़ा, लेकिन इस बार कांग्रेस प्रत्याशी शैला रानी रावत चुनाव जीत गई। महिला को जिताने का सिलसिला बना रहा। वर्ष 2022 में एक बार फिर से शैलारानी महिला विधायक के रूप में जीत दर्ज करने में सफल रही। वहीं इस बार फिर से भाजपा की ओर से महिला प्रत्याशी के रूप में आशा नौटियाल ने जीत दर्ज की है।
केदारनाथ विधानसभा उप चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदताओं से अधिक है। यही कारण रहा है कि चुनाव में भी महिला मतदाताओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहती है। वहीं मतदान में भी महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ते हुए इस बार बड़ी संख्या में मतदान किया था।
महिला मतदाताओं का प्रतिशत जहां 61.64 फीसदी था। वहीं पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत मात्र 55.65 प्रतिशत रहा। केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में कुल 90 हजार, 875 मतदाता है, जिसमें से 45 हजार 956 महिला मतदाता तथा 44 हजार 919 पुरुष मतदाता शामिल हैं। महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों की तुलना में 1037 अधिक हैं। वहीं 20 नवंबर को हुए केदारनाथ विधानसभा उप चुनाव में 28 हजार 329 महिला मतदाता वोट डाले, जबकि 25 हजार 197 पुरुष मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया गया। कुल मिलाकर पुरुषों की अपेक्षा 3132 महिलाओं ने अधिक मतदान किया। केदारनाथ विधानसभा सीट पर हमेशा ही महिला मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। यही कारण है कि केदारनाथ विधानसभा सीट पर हुए छह चुनाव में पांच बार महिला प्रत्याशी विजयी रही हैं। मात्र एक बार वर्ष 2017 में पुरुष विधायक चुन कर आया है।









