Category: देश-विदेश

  • खाली हाथ लौटी वायुसेना, चौखंभा पीक पर फंसे विदेशी पर्वतारोहियों की अब एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीम करेगी खोज

    खाली हाथ लौटी वायुसेना, चौखंभा पीक पर फंसे विदेशी पर्वतारोहियों की अब एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीम करेगी खोज

    देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जनपद के चौखंभा-तीन पर्वत की 6015 मीटर ऊंचाई पर फंसे विदेशी पर्वतारोहियों को बचाने के लिए अब एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम पैदल रेस्क्यू कर रही है। एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने शनिवार को एसडीआरएफ की हाई एल्टीट्यूड टीम को सहस्त्रधारा से हेली से जोशीमठ के लिए रवाना किया है। लापता विदेशी पर्वतरोहियों की खोजबीन करेंगे।
    चौखंभा-तीन पर्वत पर दोनों पर्वतारोही 11 सितंबर से 18 अक्टूबर तक फतह करने वाले थे लेकिन बीच में कुछ कमियों की वजह से रास्ते में फंस गए और अब उनकी खोज की जा रही है। पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ रिधिम अग्रवाल ने बताया कि माउंट चौखंभा-तीन पर विदेशी पर्वतारोहियों के रेस्क्यू के लिए हाई एल्टीट्यूड टीम रवाना की गई है। चार एसडीआरएफ जवानों की टीम एडवांस बेस कैंप पहुंच चुकी है, जो जल्द रेस्क्यू शुरू करेगी। सेटेलाइट फोन के माध्यम से एसडीआरएफ टीम से संपर्क हुआ है और टीम ने अपनी सुरक्षित स्थिति की जानकारी दी है। एक बैकअप टीम भी जोशीमठ पहुंच चुकी है, जो जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू में सहयोग करेगी।
    पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि सभी टीमों को सुरक्षित एवं त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के निर्देश दिए गए हैं। एसडीआरएफ टीम को उच्च ऊंचाई वाले उपकरण, सेटेलाइट फोन और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री के साथ रवाना किया गया है, ताकि सभी आपातकालीन परिस्थितियों का सामना किया जा सके।
    वायुसेना के दो हेलीकाप्टरों ने की रैकी, नहीं मिली सफलता
    जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को बदरीनाथ धाम से वायुसेना के दो हेलीकाप्टरों ने घटनास्थल की रैकी की लेकिन संभावित क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति की सक्रियता रेस्क्यू टीम को नहीं दिखी। इससे जिला प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। लापता पर्वतारोही को ढूंढने के लिए अब पैदल मार्ग से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम रेस्क्यू में जुटी हुई है।
    18 अक्टूबर तक फतह करने वाले थे पर्वतारोही, बीच रास्ते में फंसे
    दरअसल, जनपद चमोली के चौखंभा-तीन पर्वत की 7974 मीटर ऊंचाई पर पर्वतारोहण के लिए विदेशी महिला पर्वतारोही अमेरिका निवासी मिशेल थैरेसा व ब्रिटेन निवासी थैजैन मेनर्स इंडियन माउंटनेयरिंग फाउंडेशन के रंजन शर्मा के नेतृत्व में एक कुक व एक पोर्टर गए थे। उन्हें 11 सितंबर से 18 अक्टूबर तक यह अभियान पूरा करना था। गत 18 सितंबर को पांच सदस्यीय यह दल माणा बदरीनाथ से अभियान के लिए रवाना हुआ था। अभियान दल में शामिल महिला पर्वतारोही बर्फ से ढंकी चौखंभा-तीन पर्वत पर एलपाइन स्टाइल क्लाइमिंग अभियान पर थी। इस दौरान उनका बैग खाई में गिर गई। बैग में खाने के सामान सहित क्लाइमिंग के लिए काम आने वाले उपकरण भी थे।

  • जैकेट में छिपाकर हेरोइन तस्करी करने में दो गिरफ्तार, डेढ़ किलो हेरोइन बरामद

    जैकेट में छिपाकर हेरोइन तस्करी करने में दो गिरफ्तार, डेढ़ किलो हेरोइन बरामद

    चंडीगढ़। पंजाब पुलिस ने मोहाली जिले से ऐसे दो अंतरराष्ट्रीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो जैकेट में छिपाकर हेरोइन की तस्करी करते थे। दाेनाें आराेपित दिल्ली में रहकर एक अफगान हैंडलर्स के संपर्क में थे। पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने शुक्रवार को बताया कि एक सूचना के बाद मोहाली पुलिस ने डेराबस्सी से दिल्लीवासी सुखदीप सिंह और कृष्ण काे गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपिताें के पास से 1.5 किलो हेरोइन बरामद की है। डीजीपी ने बताया कि हैंडलर्स एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का हिस्सा है। पुलिस उनके बारे में जांच करने में जुटी हुई है। आरोपित हाफ स्लीव जैकेट में हेरोइन छिपाकर सप्लाई करते थे। आरोपित सुखदीप सिंह इससे पहले वर्ष 2020 में एक अपहरण के मामले में शामिल था और मई 2024 से जमानत पर बाहर था। इसके बाद वह वहां से फरार था। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी।

     

  • उत्तराखंड के सरकारी सिस्टम पर साइबर हमला, सीएम हेल्पलाइन समेत 186 वेबसाइट्स हैक

    उत्तराखंड के सरकारी सिस्टम पर साइबर हमला, सीएम हेल्पलाइन समेत 186 वेबसाइट्स हैक

    देहरादून। उत्तराखंड में एक बड़े साइबर हमले ने राज्य के सरकारी सिस्टम को हिलाकर रख दिया। साइबर हमले के चलते प्रदेश का पूरा आईटी सिस्टम 72 घंटे ठप रहा। इससे सरकारी कामकाज पर असर पड़ा। राज्य की कई महत्वपूर्ण वेबसाइटें और सेवाएं पूरी तरह से बंद हो गईं। इनमें सीएम हेल्पलाइन, भूमि रजिस्ट्री और ई-ऑफिस जैसे महत्वपूर्ण प्लेटफार्म शामिल हैं। सचिवालय समेत अन्य विभागाें में भी कामकाज नहीं हो पाया। आईटीडीए के अनुसार इससे काेई नुकसान नहीं हुआ है। फिलहाल राज्य का डाटा सेंटर बंद हैं और वेबसाइटों की स्कैंनिंग की जाएगी।
    जानकाराें के अनुसार साइबर हमला इतना खतरनाक था कि सिक्योर इंटरनेट सर्विस यूके स्वान के अलावा सबसे अहम स्टेट डाटा सेंटर भी इसकी जद में आ गया। देखते ही देखते एक के बाद एक सरकारी वेबसाइटें बंद होती चलीं गईं। इसका असर सभी 186 वेबसाइटों पर देखने को मिला है, जिनका कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। अभी कुछ वेबसाइट को सुचारु किया गया है। बाकी अन्य को लेकर आईटी विभाग अभी भी सिक्योर सिस्टम के तहत काम कर रहा है।
    सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) में विशेषज्ञों की टीम साइबर हमले से बाहर निकलने का हर संभव प्रयास कर रही है। आईटीडीए निदेशक नितिका खंडेलवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन और सिक्योरिटी को देखते हुए इस पर और कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सब कुछ रिकवर किया जा चुका है। कहीं से भी किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरे सिक्योरिटी सिस्टम को चेक करने के बाद ही सभी वेबसाइटों को पूरी तरह से सुचारु किया जाएगा। डेटा सेंटर बंद कर दिया गया है। सभी 186 वेबसाइटाें काे एक-एक कर स्कैन किया जाएगा। इसके उपरांत ही वेबसाइट्स खाेले जाएंगे।

  • पंजाब की पहली हॉकी ओलंपियन बन गुरजीत कौर ने चमकाया राज्य का नाम

    पंजाब की पहली हॉकी ओलंपियन बन गुरजीत कौर ने चमकाया राज्य का नाम

    अमृतसर। अजनाला के गांव मियादी कलां की गुरजीत कौर जिले ही नहीं, राज्य में हॉकी के क्षेत्र में पहली ओलंपियन हैं। पिता सतनाम सिंह बोर्डिंग स्कूल में बच्चियों को खेलते देखते थे, तो उनकी भी इच्छा होती थी कि उनकी दोनों बेटियां हॉकी खेलें। उन्होंने छठी क्लास में बेटियों गुरजीत व प्रदीप कौर को हॉकी स्टिक, ट्रैक सूट व जूते लाकर दिए। इसके बाद गुरजीत ने खेलना शुरू किया तो फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। गुरजीत का सपना था कि वह हॉकी खिलाड़ी बनकर अपने मां-बाप के साथ-साथ देश का नाम चमकाए। उसने कड़ी मेहनत से यह सपना पूरा भी कर दिखाया।
    इस समय गुरजीत अपनी प्रतिभा के दम पर रेलवे में नौकरी कर रही है। प्रदीप कौर ने बताया कि वह बड़ी हैं जबकि गुरजीत दूसरे नंबर की हैं। घर में कोई नौकरी पेशा नहीं था। पिता और चाचा बलजिंदर कृषि करते हैं, लेकिन दोनों बेटियों को अच्छी शिक्षा देना चाहते थे। गांव में एक सरकारी स्कूल होने के बावजूद पिता ने अजनाला के एक निजी स्कूल में उनका दाखिला कराया। पिता उन्हें साइकिल पर स्कूल ले जाते थे जो 13 किमी दूर था और स्कूल समाप्त होने तक प्रतीक्षा करते थे। छठी कक्षा में उन्होंने दोनों बहनों का दाखिला तरनतारन के बोर्डिग स्कूल में करवा दिया। यहां दाखिले के बाद उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में खेलों का अच्छा माहौल था।
    यहीं से खेल के क्षेत्र में प्रवेश कर गुरजीत ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी बनकर अपने मां-बाप का नाम रोशन किया है। 2006 में हॉकी खेलना शुरू करने के बाद गुरजीत ने 2016 में रेलवे के प्रयागराज मंडल में सीनियर क्लर्क का पद ज्वाइन किया। वहीं से गुरजीत का भाग्य बदला।
    उनका भारतीय हॉकी टीम में चयन हो गया। गुरजीत ने 2018 में एशियन गेम्स में हिस्सा लिया। कामनवेल्थ गेम्स में गुरजीत भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। 2021 में टोक्यो ओलिंपिक में उन्होंने दमदार प्रदर्शन करते हुए ओलिंपियन बनने का सपना पूरा किया। डिफेंडर कम ड्रैग-फ्लिकर गुरजीत कौर टोक्यो ओलिंपिक में उन सितारों में से एक थीं, जिन्होंने पहली बार ओलंपिक सेमीफाइनल में पहुंचने में अपनी टीम की मदद करने के लिए चार गोल किए। वह फारवर्ड वंदना कटारिया के साथ भारतीय टीम के लिए संयुक्त शीर्ष स्कोरर रहीं थीं।

     

  • नशे के शौक ने बना दिया चोर, तीन बैटरियों के साथ आरोपित गिरफ्तार

    नशे के शौक ने बना दिया चोर, तीन बैटरियों के साथ आरोपित गिरफ्तार

    हरिद्वार। ई रिक्शा से बैटरी चोरी करने के आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित के पास से चोरी की तीन ई रिक्शा की बैटरियां बरामद की हैं।
    जानकारी के अनुसार, कोतवाली ज्वालापुर के मोहल्ला कैथवाड़ा निवासी जुल्फिकार पुत्र हमीद ने पुलिस को दी तहरीर में 2 अक्टूबर के दिन शारिक के खिलाफ घर के बाहर खड़े ई-रिक्शा से बैटरी चोरी कर ले जाने के संबंध में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
    पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आरोपित शारिक निवासी मोहल्ला कैथवाड़ा ज्वालापुर को मुखबिर की सूचना पर लालपुर नहर पटरी से चोरी की 03 बैटरियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह नशे का आदी है। रिक्शा चलाने के बाद वाहन स्वामी के घर के बाहर पार्किंग में जब उसने वाहन खड़ा किया तो लालच में आकर पैसे कमाने का प्लान बनाते हुए ई रिक्शा की तीनो बैटरी चोरी कर ली। पुलिस ने आरोपित का चालान कर दिया है।

  • हरिद्वार में 1822-24 की क्रांति के शहीदों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी श्रद्धांजलि

    हरिद्वार में 1822-24 की क्रांति के शहीदों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी श्रद्धांजलि

    हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंजा बहादुरपुर, रुड़की में 1822-24 की क्रांति के दौरान शहीद हुए राजा विजय सिंह, सेनापति कल्याण सिंह और अन्य 152 शहीदों के 200वें बलिदान दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी से पहले दिए गए इन बलिदानों को आने वाली पीढ़ी को हमेशा याद रखना चाहिए, क्योंकि यह संघर्ष और बलिदान से प्राप्त स्वतंत्रता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंजा बहादुरपुर की वीर भूमि से ही भारत के स्वतंत्रता संग्राम की प्रथम ज्वाला प्रज्वलित हुई थी। 1822-24 के दौरान अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ शुरू हुआ यह विद्रोह ब्रिटिश शासन को हिला देने वाला था। 3 अक्टूबर 1824 का वह दिन इतिहास में दर्ज है, जब राजा विजय सिंह, सेनापति कल्याण सिंह और उनके 152 वीर सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। यह बलिदान स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखने वाला महत्वपूर्ण अध्याय था, जिसने 1857 से 35 साल पहले ही स्वतंत्रता की लौ जला दी थी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बलिदानी स्थल को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिलाने और शहीदों के बलिदान को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। इस मौके पर उन्होंने 1822-24 के शहीदों के जीवन पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक ममता राकेश, प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल, जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • फिरोजपुर में आप और कांग्रेस के सर्मथकों के बीच झड़प

    फिरोजपुर में आप और कांग्रेस के सर्मथकों के बीच झड़प

    फिरोजपुर। ग्राम पंचायतों के चुनाव के नामांकन के दौरान कांग्रेस व आम आदमी पार्टी प्रत्याशियों के बीच झड़प के बीच पुलिस को गोलियां चलानी पड़ीं, दोनों तरफ से जबरदस्त पथराव किया गया।इस दौरान कुछ वाहनों में तोड़फोड़ भी हुई। पथराव व फायरिंग में कांग्रेस के पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा सहित आठ लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज फरीदकोट रैफर कर दिया गया है।
    सुरक्षा बल का नेतृत्व कर रहे एसपी (मुख्यालय) फाजिल्का रमनीश चौधरी ने बताया मामले की जांच की जा रही है, एक पक्ष की ओर से जमकर पथराव किया गया है, पूरे मामले की गहराई से जांच करने के बाद जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। रमनीश चौधरी फिरोजपुर में स्पेशल ड्यूटी पर हैं।
    क्या है मामला
    कस्बे के जीवन मल सीनयर सैकेंडरी स्कूल बॉयज में मंगलवार को 200 ग्राम पंचायतों के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए सुबह से पंच व सरपंच के प्रत्याशियों की लाइन लगी हुई थी। यहां पर झगड़े की आशंका को देखते हुए पहले से ही पुलिस बल बड़ी संख्या में तैनात थी।दोपहर करीब ढाई बजे कांग्रेस के पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा के सैकड़ों समर्थक मोगा रोड की ओर से क्लाक टावर की तरफ कूच रहे थे। पुलिस ने क्लॉक टावर चौक के निकट कुलबीर सिंह जीरा समर्थकों को रोका, वहीं पर चौराहे पर फिरोजपुर वाली साइ़ड पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी विधायक नरेश कटारिया के बेटे शंकर कटारिया के साथ मौजूद थे।
    अचानक शुरू हुई पत्थरबाजी
    पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जैसे ही रोका तो आम आदमी पार्टी के लोग भी पुलिस के समर्थन में आगे आ गए, इस बात को लेकर कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के लोगों के बीच विवाद शुरू हुआ। इसी विवाद के दौरान अचानक मोगा साइड की ओर से जीरा सर्मथकों की भीड़ के बीच से एक ट्रैक्टर ट्राली आई, इस ट्रैक्टर ट्राली से अचानक पत्थरबाजी शुरू हुई।
    पुलिस ने ट्रैक्टर ट्राली को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह पथराव करता हुआ आगे बढ़ गया। ट्रैक्टर ट्राली तो आगे निकल गई, लेकिन उसके जाते ही कांग्रेस व आम आदमी पार्टी की ओर से पथराव शुरू हो गया।हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस ने पहले तो वाटर कैनन से पानी की बौछार करने की कोशिश की लेकिन मशीन खराब होने के कारण हवाई फायरिंग कर पथराव करते लोगों को खदेड़ दिया।
    पथराव भी किया और फायरिंग भी
    इस संबंध में पथराव में घायल कुलबीर सिंह जीरा का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से डीएसपी जीरा गुरदीप सिंह से शिकायत कर रहे थे कि कांग्रेस के लोगों को नामांकन दाखिल नहीं करने दिया जा रहा है, लेकिन उन्होंने सुनवाई नहीं की, मंगलवार को ऐसा ही हुआ जिस कारण वे मौके पर गये तो आम आदमी पार्टी ने पूरी तैयारी के साथ उनके समर्थकों पर पथराव भी किया फायरिंग भी की।
    वहीं आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे विधायक नरेश कटारिया के बेटे शंकर कटारिया का कहना है कि कुलबीर सिंह जीरा की आदत ही झगड़ा करने की है, पहले भी वे ऐसा करते रहे हैं, उन्होंने तो सिर्फ पुलिस का बचाव किया था।

  • हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के लिए 100 सीटों की मंजूरी

    हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के लिए 100 सीटों की मंजूरी

    देहरादून। हरिद्वार जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। मेडिकल कॉलेज के लिए 100 मेडिकल सीट आवंटित की गई हैं। मुख्यमंत्री धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा का आभार व्यक्त किया है।
    उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को विकसित करने के किये राज्य सरकार संकल्पित है। देहरादून, श्रीनगर, हल्द्वानी में राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद अब हरिद्वार में भी मेडिकल कॉलेज का संचालन होने जा रहा है। दरअसल, मैदानी जनपद होने के बावजूद हरिद्वार में की कमी थी। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के विशेष प्रयासों से हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ।स्वास्थय सचिव डॉ आर. राजेश कुमार के विशेष प्रयासों से अल्प समय में इसका भवन बनकर तैयार हो गया। विगत माह एनएमसी की टीम ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया जिसमें कुछ कमियां इंगित की गई, जिन्हें बाद में दूर कर लिया गया। अब बताया जा रहा है हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के लिए शुरुआती चरण में 100 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी मिली है।
    हरिद्वार की लाखों की आबादी को मिलेगा लाभ:
    इस कॉलेज के निर्माण से हरिद्वार जनपद की लाखों की आबादी को लाभ होगा। दरअसल, इस जनपद की आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऋषिकेश एम्स व देहरादून के विभिन्न अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन मेडिकल कॉलेज बनने से यहां के लोगों को आने वाले दिनों में काफी राहत मिलेगी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए हमारी सरकार सतत रूप से कार्य कर रही है। हम पर्वतीय जनपदों के साथ ही मैदानी जनपदों में चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाना चाहते हैं। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के निर्माण को तेजी से पूरा किया गया है। निश्चित ही भविष्य में लोगों को इस अस्पताल के खुलने से बड़ा लाभ होगा। उन्हें वहीं रहकर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।

  • कैबिनेट में फेरबदल के बाद अब मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़े बदलाव की तैयारी

    कैबिनेट में फेरबदल के बाद अब मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़े बदलाव की तैयारी

    चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शराब घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पंजाब में राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। जानकारी के अनुसार केजरीवाल ने पंजाब के राजनीतिक मामलों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।जिसके बाद चार मंत्रियों का इस्तीफा हुआ और पांच नए मंत्री बनाए गए। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीमार होने के बाद पार्टी में लगातार यह बात भी उठ रही थी कि कोई बड़ा बदलाव होने जा रहा है। हालांकि, पार्टी हाईकमान ने स्पष्ट संकेत देने शुरू कर दिए हैं कि बदलाव मुख्यमंत्री को लेकर नहीं बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय में हो सकता है।
    300 यूनिट प्रति माह फ्री बिजली, 872 आम आदमी क्लीनिक जैसे महत्वाकांक्षी कदम उठाने के बावजूद पंजाब सरकार लोगों में लोकप्रिय साबित नहीं हो पा रही है। लोकसभा चुनाव में पार्टी मात्र 3 सीटें ही जीत सकी। जिसे लेकर पार्टी चिंतित है। आम आदमी पार्टी हरियाणा में तो चुनाव लड़ रही है, साथ ही अगले साल उन्हें दिल्ली में भी चुनाव लड़ना है।
    जिसे देखते हुए आम आदमी पार्टी पंजाब की सरकार से भी बड़ी लोकप्रियता की उम्मीद कर रही है। इसीलिए केजरीवाल ने अब पंजाब के मामलों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जिसके बाद ही पंजाब कैबिनेट में बड़ा फेरबदल किया गया।
    जिन मंत्रियों पर निष्क्रियता या भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे, उनके इस्तीफे ले लिए गए और उनके स्थान पर पांच नए मंत्री बनाए गए। राज्य स्तर पर आईएएस, आईपीएस और पीसीएस स्तर पर भी भारी फेरबदल किया गया।मुख्यमंत्री के ओएसडी ओंकार सिंह के बाद सुखबीर सिंह का भी इस्तीफा ले लिया गया। सुखबीर मुख्यमंत्री के तीसरे ओएसडी थे, जिन्हें जिम्मेदारी से मुक्त किया गया। ओंकार सिंह तो संगरूर में मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर का कामकाज देखते थे। जबकि इससे पहले मंजीत सिद्धू का इस्तीफा लिया गया था।
    जानकारी के अनुसार अब मुख्यमंत्री कार्यालय में काम करने वाले अधिकारियों में भी बड़ा फेरबदल किया जा सकता है। माना जा रहा हैं कि यह फेरबदल धान खरीद की प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत ही किया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि यह बदलाव अरविंद केजरीवाल की सीधी जानकारी में लेकर किए जा रहे हैं।

  • वर्धमान ग्रुप के मालिक एसपी ओसवाल से 7 करोड़ की ठगी

    वर्धमान ग्रुप के मालिक एसपी ओसवाल से 7 करोड़ की ठगी

    लुधियाना। प्रसिद्ध उद्योगपति वर्धमान टेक्सटाइल ग्रुप के चेयरमैन पद्म भूषण एसपी ओसवाल से साइबर ठगों ने डिजीटल अरेस्ट बताकर सात करोड़ रुपये ठग लिये। गिरोह ने ओसवाल पर दबाव बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट, कस्टम, सीबीआई और दिल्ली पुलिस के नकली दस्तावेज तक दिखाए। 22 दिन पहले हुई इस घटना की जांच के बाद पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को असम से गिरफ्तार कर उनसे 5.25 करोड़ रुपये के अलावा छह एटीएम और तीन मोबाइल बरामद किए हैं।
    आरोपितों की पहचान असम के गुवाहाटी निवासी अतनू चौधरी और आनंद कुमार के रूप में हुई है। पुलिस को असम निवासी निम्मी भट्टाचार्या, संजय सूत्राधार, रूमी और जिकर तथा पश्चिम बंगाल निवासी आलोक रंगी व गुलाम मोतर्बा की तलाश है। पुलिस का दावा है कि एक सप्ताह पहले भी लुधियाना के ही करोबारी रजनीश आहूजा से 1.01 करोड़ की ठगी भी इसी गिरोह ने की थी। इनके निशाने पर दस और कारोबारी थे, जिनकी डिटेल उनसे बरामद मोबाइल फोन से मिली है।
    पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चाहल ने कहा कि एसपी ओसवाल को करीब 22 दिन पहले एक आदमी ने फोन कर कहा कि एक पार्सल एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है। इसमें विदेशी करेंसी, कुछ पासपोर्ट और अन्य प्रतिबंधित सामान है। पार्सल भेजने में उनकी आईडी का इस्तेमाल हुआ है इसलिए उनके खिलाफ दिल्ली में केस दर्ज किया गया है। कुछ ही देर बाद उन्हें एक और फोन आया। इस दौरान फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अरेस्ट वारंट और उनकी प्रापर्टी सीज करने के आदेश दिए हैं। सीबीआई भी इस मामले की जांच कर रही है।
    आरोपितों ने एसपी ओसवाल का विश्वास जीतने के लिए उनको सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई के फर्जी आर्डर भेजे। इसके बाद उन्होंने आरोपितों के कहने पर अपने फोन में स्काईप डाउनलोड किया। आरोपितों ने वीडियो कॉल कर कहा कि उन्हें डिडिटल अरेस्ट कर लिया है। अगर उन्होंने किसी को कुछ बताया तो फिजिकली अरेस्ट कर लेंगे। अगर उनकी कोई गलती नहीं है तो वो जांच में सहयोग करें।
    उन्हें इसके लिए सात करोड़ की ट्रांजेक्शन करनी होगी जोकि दो घंटे बाद उनके ही खाते में दोबारा आ जाएगी। इस पर उन्होंने एक खाते में चार करोड़ और दूसरे में तीन करोड़ की रकम आरटीजीएस कर दी। दो घंटे बाद जब उनके पैसे वापस नहीं आए तो उन्होंने पुलिस को शिकायत की। सीपी ने कहा कि शिकायत मिलने पर इंडियन साइबर क्राइम कोर्डिनेशन सेंटर के साथ संपर्क कर सारी डिटेल्स उनके साथ शेयर कर टीम ने दो आरोपितों को असम से गिरफ्तार कर लिया।