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ड्राई आई सिंड्रोम से राहत दिलाएंगे ये उपाय

नई दिल्ली। ड्राई आई सिंड्रोम एक आम समस्या है, जिससे इन दिनों कई लोग प्रभावित है। इसे केराटोकोनजंक्टिवाइटिस सिक्का के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आंखों की नमी बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में आंसू नहीं निकलते हैं। इससे आमतौर पर आंखों में सूखापन, जलन, लाली, किरकिरापन और ब्लर विजन जैसे लक्षण हो सकते हैं।
यही वजह है कि इसके प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से हर साल जुलाई महीने को Dry eye awareness month के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर आज इस आर्टिकल में जानेंगे ड्राई आई सिंड्रोम से बचाव के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपायों के बारे में-
गुलाब जल
आमतौर पर स्किन केयर के लिए इस्तेमाल होने वाला गुलाब जल भी आपकी आंखों के लिए काफी गुणकारी होता है। इसके इस्तेमाल से आंखों को तरोताजा और हाइड्रेट करने, सूखापन और जलन कम करने में मदद मिलती है। आप इसे आई ड्रॉप की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें मौजूद नेचुरल एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जलन को शांत करने और नमी को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।
खीरा भी होगा असरदार
पानी से भरपूर खीरा भी आपकी आंखों को नमी पहुंचाने में मदद कर सकता है। खीरा अपने ठंडक पहुंचाने वाले और हाइड्रेटिंग गुणों के लिए जाना जाता है। ऐसे में बंद आंखों पर खीरे के टुकड़े रखने से आंखों के सूखेपन और जलन से तुरंत राहत मिलती है। इसमें मौजूद नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट गुण और पानी की भारी मात्रा आंखों को हाइड्रेट करने, सूजन को कम करने और जलन को शांत करने में मदद करती है।
घी भी है कारगर
गाय का शुद्ध घी भी ड्राई आई की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। घी अपने पौष्टिक और लूब्रिकेटिंग गुणों के लिए जाना जाता है। इसलिए यह आंखों की नमी बनाए रखने में मदद करता है। इसके लिए सोने से पहले थोड़ी सी मात्रा में घी पलकों के आसपास हल्के से लगाएं। घी नमी बनाए रखने में मदद करेगा और जलन को शांत कर सूजन भी कम करेगा।
एलोवेरा जेल
एलोवेरा जेल का इस्तेमाल भी आमतौर पर स्किन और बालों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के रूप में होता है। हालांकि, यह ड्राई आई सिंड्रोम में भी असरदार साबित होता है। अपने मॉइस्चराइजिंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाने वाले एलोवेरा जेल को आंखों के आसपास लगाने पर आंखों का सूखापन कम करने में मदद मिलती है। एलोवेरा त्वचा को हाइड्रेट करने, सूजन को कम करने और जलन को शांत करने में मदद करता है।
त्रिफला आई वॉश
तीन फलों अमलाकी, बिभीतकी और हरीतकी के मिश्रण से तैयार त्रिफला अपने कई सारे औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। ऐसे में ड्राई आई सिंड्रोम से बचने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। त्रिफला आई वॉश बनाने के लिए त्रिफला को पानी में उबालें, फिर इस मिश्रण को छान लें और ठंडा होने दें। इस ठंडे घोल को आंख धोने के लिए इस्तेमाल करें। यह सूखापन, सूजन कम करने और आंखों को साफ करने में मदद करता है।

 

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