नीति आयोग ने भारत की स्कूली शिक्षा पर जारी की नई नीति रिपोर्ट

NITI Aayog ने भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर एक महत्वपूर्ण नीति रिपोर्ट जारी की है। ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया: टेम्पोरल एनालिसिस एंड पॉलिसी रोडमैप फॉर क्वालिटी एन्हांसमेंट’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट को नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने 6 मई 2026 को जारी किया।
यह रिपोर्ट पिछले एक दशक में भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों और सुधारों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है। इसमें शिक्षा तक पहुंच, नामांकन, बुनियादी ढांचा, समानता, समावेशन और सीखने के स्तर जैसे प्रमुख पहलुओं का अध्ययन किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा व्यवस्थाओं में से एक है, जिसमें 14.71 लाख स्कूल और 24.69 करोड़ से अधिक छात्र शामिल हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले वर्षों में स्कूलों में बिजली, शौचालय और समावेशी सुविधाओं के विस्तार में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके साथ ही डिजिटल शिक्षा को भी मजबूती मिली है और स्कूलों में कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा स्मार्ट क्लासरूम की पहुंच बढ़ी है।
रिपोर्ट में लड़कियों की शिक्षा में बेहतर भागीदारी और अनुसूचित जाति (SC) तथा अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के नामांकन में वृद्धि को भी सकारात्मक संकेत बताया गया है।
नीति आयोग ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020, निपुण भारत मिशन और समग्र शिक्षा अभियान जैसी पहलों के कारण महामारी के बाद बुनियादी साक्षरता और गणनात्मक क्षमता में सुधार देखने को मिला है। हालांकि, गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभी और प्रयासों की जरूरत बताई गई है।
रिपोर्ट में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी 11 प्रमुख चुनौतियों की पहचान की गई है और उनके समाधान के लिए 13 व्यापक सिफारिशें दी गई हैं। इनमें स्कूल संरचना में सुधार, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, प्रशासनिक सुधार, शिक्षकों की बेहतर तैनाती और प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा का विस्तार, समानता और समावेशन को बढ़ावा देना शामिल है।
शैक्षणिक स्तर पर रिपोर्ट में शिक्षण पद्धति और मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव, छात्रों के समग्र विकास, व्यावसायिक शिक्षा, प्रारंभिक बाल शिक्षा (ECCE) तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर जोर दिया गया है।
रिपोर्ट में इन सिफारिशों को लागू करने के लिए 33 कार्यान्वयन मार्ग भी बताए गए हैं, जिन्हें अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक योजनाओं में विभाजित किया गया है। साथ ही 125 से अधिक प्रदर्शन संकेतक तय किए गए हैं, जिनके जरिए प्रगति की निगरानी की जाएगी। नीति आयोग की इस रिपोर्ट में केंद्र, राज्यों और जिलों स्तर पर शिक्षा क्षेत्र में अपनाई गई अच्छी पहलों के उदाहरण भी शामिल किए गए हैं।




