हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा दशहरा स्नान पर्व के अवसर पर एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब गंगा में स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आए एक व्यक्ति को राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरियाणा के झज्जर निवासी टीनू कुमार (45) पुत्र महावीर सिंह गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे थे। स्नान के दौरान वह अचानक गंगा के तेज बहाव में बहने लगे और हाथी पुल क्षेत्र में लगी सुरक्षा जंजीर तक पहुंचकर उसमें फंस गए। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार व्यक्ति नशे की अवस्था में प्रतीत हो रहा था। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात एसडीआरएफ की टीम ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने सूझबूझ और सावधानी के साथ बचाव अभियान चलाकर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद टीम ने व्यक्ति को प्राथमिक समझाइश देते हुए भविष्य में नशे की हालत में गंगा या किसी भी जलधारा में स्नान न करने की हिदायत दी। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से परिजनों एवं साथियों के सुपुर्द कर दिया गया। सफल रेस्क्यू के बाद परिजनों तथा मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने एसडीआरएफ टीम की तत्परता और साहस की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। प्रशासन ने स्नान पर्व के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की है कि सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर गंगा में नहाते समय गिरे चश्मे को पकड़ने के लिए गहरे पानी में उतरे देहरादून का किशोर तेज धारा में बह गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित की पहचान देहरादून के चकराता रोड स्थित ओल्ड कनॉट प्लेस निवासी आयुष थापा (17) के रूप में हुई है। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) के प्रभारी निरीक्षक कवींद्र सजवान ने बताया कि थापा अपने तीन दोस्तों के साथ ऋषिकेश पहुंचे थे। उन्होंने कहा, ”वे सुबह त्रिवेणी घाट पर स्नान करने गए थे। स्नान करते समय थापा का चश्मा नदी में गिर गया। चश्मा निकालने के लिए वह गहरे पानी में चला गया। गंगा नदी की तेज धारा उसे तुरंत बहा ले गई।”
सजवान ने बताया कि जल पुलिस इकाई के कर्मियों ने थापा को बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई। सजवान ने कहा कि बचाव के शुरुआती प्रयास विफल रहे। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद गोताखोरों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई और तलाशी अभियान चला रही है। एसडीआरएफ के प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि भीषण गर्मी के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघलते हैं, जिससे नदी का जलस्तर काफी बढ़ जाता है। अधिकारी ने कहा कि जलस्तर बढ़ने से गंगा में तेज अंतर्धारा उत्पन्न होती है, और इस तथ्य से अनभिज्ञ लोग स्नान करते समय सावधानी नहीं बरतते और दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं।




