
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस का विरोध, व्यापारियों की चिंता और ईडी पर उठ रहे सवाल, सब कुछ इस खबर से जुड़ा हुआ है।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने प्रतिक्रियास्वरूप प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी का ऐलान किया है। यह दोपहर 12 से 2 बजे तक चलेगा। कांग्रेस का कहना है कि यह ईडी के खिलाफ एक कड़ा विरोध प्रदर्शन है। भूपेश बघेल ने खुद इस आंदोलन की जानकारी दी और ईडी पर राजनीतिक कारणों से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
ईडी पर गंभीर आरोप- भूपेश बघेल ने ईडी पर आरोप लगाया है कि यह अब बीजेपी का राजनीतिक हथियार बन गई है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को ईडी के लिए एक बड़ा झटका बताया और कहा कि इसका काम करने का तरीका बहुत कमज़ोर है। उनका मानना है कि विपक्षी नेताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है, जो चिंता का विषय है।
उपराष्ट्रपति के इस्तीफे पर सवाल- उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर भी सवाल उठ रहे हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि इस इस्तीफे के पीछे कोई बड़ा राज़ छुपा हो सकता है क्योंकि धनखड़ मीटिंग में पूरी तरह स्वस्थ दिख रहे थे। केवल स्वास्थ्य कारणों को इस्तीफे की वजह बताना संदेहास्पद लगता है।
व्यापारियों ने किया बंद का विरोध- छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स ने कांग्रेस के बंद का विरोध किया है। चेंबर के महामंत्री अजय भसीन ने वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि वे किसी भी बंद या आर्थिक नाकेबंदी का समर्थन नहीं करते। उनका मानना है कि इससे देश की आर्थिक गतिविधियों को नुकसान होगा और आम व्यापारियों की आजीविका प्रभावित होगी।
आर्थिक नाकेबंदी से व्यापारियों की चिंता- चेंबर ऑफ कॉमर्स का कहना है कि व्यापारियों को ऐसे आंदोलनों से दूर रखा जाना चाहिए। इस तरह की गतिविधियों से व्यापार में बाधा आती है और आम लोगों की ज़िन्दगी भी प्रभावित होती है। चेंबर ने स्पष्ट किया कि आर्थिक विकास में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए।



