गोपेश्वर। चतुर्थ केदार रूद्रनाथ धाम के कपाट गुरुवार को विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इसके बाद रूद्रनाथ की उत्सव डोली को गोपीनाथ मंदिर ले जाया गया, जहां अगले छह महीने तक इसकी पूजा-अर्चना होगी। गोपेश्वर पहुंचने पर स्थानीय भक्तों ने उत्सव डोली का पुष्प वर्षा से स्वागत किया और सभी की खुशहाली की कामना की।
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पराली जलाने के मामले में उचित कार्रवाई न होने से नाराज सुप्रीम कोर्ट
चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा सरकारों के मुख्य सचिवों को तलब किया और उनसे पूछा कि राज्यों में पराली जलाने के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। शीर्ष अदालत ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा सरकारों के मुख्य सचिवों को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी निर्देशों का पालन न करने पर तलब किया। न्यायमूर्ति अभय एस ओका की अध्यक्षता वाली पीठ ने सवाल किया कि पंजाब और हरियाणा राज्य उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने में अनिच्छुक क्यों हैं और पराली जलाने के लिए महज मामूली जुर्माना ही क्यों वसूला जा रहा है।
न्यायमूर्ति ओका की अगुवाई वाली पीठ ने टिप्पणी की कि पिछले तीन वर्षों में आपने एक भी व्यक्ति पर मुकदमा नहीं चलाया है। केवल नाममात्र का जुर्माना लगाया गया है। इस बाबत कुछ भी क्यों नहीं किया गया है। बता दें कि सीएक्यूएम एक वैधानिक निकाय है जिसे दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए रणनीति तैयार करने का काम सौंपा गया है।सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के नियंत्रण से संबंधित एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी। सीएक्यूएम ने हाल ही में एक निर्देश जारी कर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश और राजस्थान के एनसीआर क्षेत्रों के जिलाधिकारियों को पराली जलाने के नियमों के उल्लंघन के लिए अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का अधिकार दिया है।
पिछली सुनवाई में शीर्ष अदालत ने धान की पराली जलाने वाले किसानों से मामूली जुर्माना वसूलने पर सवाल उठाए थे। यह देखते हुए कि पराली जलाने को लेकर एक भी अभियोजन मामला नहीं चलाया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों को लागू करने के लिए कोई प्रयास नहीं करने पर सीएक्यूएम की खिंचाई की। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के खतरे से निपटने के लिए सीएक्यूएम को अधिक सक्रिय होने की जरूरत है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए 2020 में सीएक्यूएम की स्थापना की गई थी ताकि वायु गुणवत्ता सूचकांक के आसपास की समस्याओं का बेहतर समन्वय, अनुसंधान, पहचान और समाधान किया जा सके। हर साल, दिल्ली और पूरे एनसीआर को अक्टूबर से दिसंबर तक वायु प्रदूषण का खामियाजा भुगतना पड़ता है जिसका मुख्य कारण फसल अवशेष जलाना है।
कुल्हड़ पिज्जा कपल ने सुरक्षा के लिए लगाई हाईकोर्ट में गुहार
जालंधर। कुल्हड़ पिज्जा कपल सहज अरोड़ा और गुरप्रीत कौर ने निहंग मान सिंह के विरोध के कारण मंगलवार को हाईकोर्ट का रुख कर अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
उन्होंने सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि उनकी जान को खतरा है। निहंग सिंह मान ने बीते दिन पुलिस से बैठक के दौरान कुल को 18 अक्टूबर तक कार्रवाई करने के लिए कहा था और मान सिंह ने कहा था कि अगर कार्रवाई या कपल ने सोशल मीडिया से विडियो न डिलीट तो वह रेस्टोरेंट बंद कर देंगे।
गौरतलब है कि बीते दिनों निहंग बाबा मान सिंह अपने समर्थकों के साथ कुल्हड़ पिज्जा कपल
के रेस्टोरेंट के बाहर आए थे, जहां उन्होंने रेस्टोरेंट के बाहर जमकर प्रदर्शन करते हुए कहा था कि कपल द्वारा वायरल हुई अश्लील वीडियो को लेकर बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है।View this post on Instagramउन्होंने सहज अरोड़ा से कहा था कि सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्मों से जितनी भी वीडियो है वह डिलीट कर दे नहीं तो वह पगड़ी को वापस कर दें। उसके बाद वह जो वीडियो बनाए उससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी और निहंगों ने कहा था कि अगर वह वीडियो डिलीट नहीं करता तो उसके खिलाफ कार्रवाई करवाएंगे। मौके पर पहुंची थाना चार की पुलिस ने माहौल को शांत करवाया था।
इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में दंपती ने कहा कि निहंग प्रमुख बाबा मान सिंह पिछले एक सप्ताह में दो बार उनके जालंधर स्थित रेस्टोरेंट पर पहुंचकर उन्हें पगड़ी उतारने की धमकियां दे चुके हैं। ऐसे में सिख होने के नाते क्या उन्हें पगड़ी पहनने का अधिकार है या नहीं, इस संबंधी जत्थेदार से गुहार लगाएंगे।

उत्तराखंडी व्यंजनों के स्वाद, संस्कृति और परंपराओं को देगा एक नया आयाम बेकरी उत्पाद: राज्यपाल
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा कि उत्तराखंड के इन विशेष उत्पादों के जरिए स्वाद, संस्कृति और परंपराओं को एक नया आयाम मिलेगा। हमारी यह पहल स्थानीय उत्पादों और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटन अनुभव को भी समृद्ध करेगी। इन नवाचारों से राज्य के लोगों के साथ ही पर्यटकों को स्थानीय पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध करा पाएंगे।
विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर बुधवार को राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने पर्यटन विकास परिषद और दून बेकर्स एसोसिएशन के ‘‘सिकदर बेकरी उत्पादों’’ की श्रृंखला का अनावरण किया। इस अवसर पर मंत्री सतपाल महाराज भी मौजूद रहे। इस मौके पर राज्यपाल ने उत्तराखण्ड की खाद्य विशिष्टता को दर्शाते हुए गढ़वाली, कुमाउंनी और जौनसारी पेस्ट्री का अनावरण भी किया।इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि देहरादून और उत्तराखण्ड अपने खाद्य उत्पादों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के मिलेट्स पोषक तत्वों से भरपूर हैं, जिसके कारण पूरी दुनिया में उनकी अलग ही मांग है। उन्होंने अपने उत्पादों में वैल्यू एडिशन करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। हमारे राज्य की विशिष्टताओं को दर्शाते हुए आज सिकदर बेकरी उत्पादों की श्रृंखला का शुभारंभ किया गया है। यह सभी बेकरी, कैफे और होटलों में उपलब्ध रहें ताकि उत्तराखंड आने वाले पर्यटक इनका स्वाद चख सकें।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में लोग पोषक खान-पान की ओर आकर्षित हो रहे हैं। आज आम जनता का जैविक कृषि पर भरोसा बढ़ रहा है। लोग जैविक खाद्य पदार्थों का उपभोग कर रहे हैं। इसलिए हमें जैविक कृषि और पारंपरिक खेती को वरीयता देनी होगी। उन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए पर्यटन मंत्री को बधाई और शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राधानाथ सिकदर सबसे बड़े विद्वान थे, जिन्होंने एवरेस्ट नापा। आज हम उन्हीं को समर्पित करके विश्व खाद्य दिवस मना रहे हैं। यहां सिकदर बेकरी उत्पादों के बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ हैं। आज हमें गढ़वाली पेस्ट्री और कुमाउंनी पेस्ट्री के शुभारंभ की घोषणा करते हुए भी खुशी हो रही है।कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी बेकरी, कैफे और होटलों में उपरोक्त उत्पादों को उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे, ताकि देवभूमि उत्तराखंड आने वाले पर्यटक राज्य के किसी भी हिस्से में इन व्यंजनों का स्वाद ले सकें। उन्होंने कहा कि देवभूमि के धार्मिक और पर्यटन स्थलों में इसे व्यापक रूप से बढ़ावा देने के लिए इन सभी वस्तुओं को बगैर अंडे के ही परोसने की कोशिश की जाएगी।
इस अवसर पर उत्तराखंड की कला, संस्कृति और स्थानीय व्यंजनों को देश और दुनिया तक पहुंचाने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद अभिषेक रुहेला सहित विभिन्न होटलियर्स, दून बेकरी एसोसिएशन के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सिलेंडर फटने से महिला समेत तीन घायल
हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र की गणेश विहार कॉलोनी की गली नम्बर 4 के एक मकान में गैस सिलिंडर फटने से घर में मौजूद महिला सहित तीन लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से समीपवर्ती भूमानन्द अस्पताल में भिजवाया। सूचना मिलते ही पहुंचे दमकल कर्मियों ने सिलिंडर को बाहर निकालकर मौके पर स्थिति काबू की। सीतापुर की गणेश विहार कालोनी की गली नम्बर चार में अनिल अग्रवाल के घर में अचानक गैस सिलिंडर फट गया। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। घर में मौजूद अनिल के बच्चे और पत्नी घायल हो गए। घायलों की पहचान संकेत, अनिकेत व गीता के तौर पर हुई है। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है तथा दमकल कर्मियों ने सिलेंडर को घर से निकलकर निष्प्रभावी कर दिया है।

पंजाब में पटाखों पर लगी पाबंदी, केवल ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने दिवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस व नए साल के दौरान राज्य में पटाखों की बिक्री और उपयोग को नियंत्रित करने के लिए व्यापक नियम जारी किए हैं। सरकार ने पटाखों की लड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, फ्लिपकार्ट और अमेजन समेत ई-कामर्स प्लेटफार्म को ऑनलाइन ऑर्डर स्वीकार करने या बिक्री की सुविधा देने से रोक कर दिया है। संयुक्त पटाखों (शृंखला पटाखे या लड़ी) के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री व उपयोग पर राज्यव्यापी प्रतिबंध लगाया गया है।
केवल ‘ग्रीन क्रैकर्स’ (जो बेरियम लवण या एंटीमनी, लिथियम, पारा, आर्सेनिक, सीसा या स्ट्रोंशियम क्रोमेट के यौगिकों से मुक्त हैं) की बिक्री व उपयोग की अनुमति है। बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों तक ही सीमित है जो केवल निर्धारित पटाखों का कारोबार करते हैं और निर्धारित डेसिबल स्तर से अधिक पटाखों का भंडारण, प्रदर्शन या बिक्री प्रतिबंधित है।
पंजाब सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय व राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सौंपी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए पंजाब में पटाखों की बिक्री व उपयोग पर निषेध, प्रतिबंध व नियम लागू किए गए हैं।
ऑनलाइन ऑर्डर पर भी रोक
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को पंजाब में पटाखों के लिए ऑनलाइन ऑर्डर करने या बिक्री पर रोक है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेशों का हवाला दिया गया। प्रवक्ता ने बताया कि संयुक्त पटाखों के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगा दिया गया है। बता दें कि राज्य सरकार ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध और नियम लागू किए हैं।किस दिन कितने समय तक चला सकते हैं पटाखे
- दीपावली (31 अक्टूबर) को रात 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक।
- गुरुपर्व (15 नवंबर) पर सुबह 4:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक और रात 9:00 बजे से रात 10:00 बजे तक।
- क्रिसमस (25-26 दिसंबर और नए साल की पूर्व संध्या (31 दिसंबर-1 जनवरी) पर रात 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक।
- लाइसेंस लेकर ही बेच सकेंगे पटाखे
- हालांकि, सरकार की ओर से जारी आदेश में ये भी कहा गया है कि सिर्फ लाइसेंस वाले ही पटाखे बेच सकेंगे। साथ ही निर्धारित
- डेसिबल स्तर से अधिक ध्वनि वाले पटाखों की बिक्री या फिर उनके भंडारण पर भी रोक रहेगी। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ये नियम पहले ही तय कर चुके हैं।

हिंसा में पंचायत चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार के साथ मारपीट
बरनाला। पंजाब में आज यानी मंगलवार को सुबह 8 बजे से मतदान जारी है। बता दें कि कुल 13,937 ग्राम पंचायतें हैं। जिले के गांव करमगढ़ में मतदान शुरू होने के कुछ घंटे पहले हुई मारपीट में पंचायत का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार की मारपीट होने से पंच गंभीर रूप से घायल हो गया , जिसे सिविल अस्पताल बरनाला में भर्ती करवाया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए मारपीट में घायल हुए पंच के उम्मीदवार गुरजंट सिंह ने बताया कि वह अपने साथी के साथ गाड़ी में गांव में देर रात घर जा रहे थे तभी सरपंच का चुनाव लड़ रहे दूसरे पक्ष के 20 से 25 व्यक्तियों ने हमला कर दिया।
गुरजंट सिंह ने बताया कि उनकी गाड़ी के आगे मोटरसाइकिल लगाकर उनकी गाड़ी घेर ली व तेजधार हथियारों से हमला किया गया। उन्होंने बताया कि हमले के दौरान उनके सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और उनका साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गया और हमलावर मौके से फरार हो गए। जिन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
पुलिस कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए डीएसपी महलकलां सुबेग सिंह ने बताया कि गांव करमगढ़ में चुनाव को लेकर झगड़ा हुआ है, जिसमें एक पंच उम्मीदवार व एक अन्य उम्मीदवार के घायल होने की खबर है और इस मामले में घायलों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है ।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यह देखते हुए कि राज्य में मतदान पहले ही शुरू हो चुका है पंजाब में पंचायत चुनावों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष आया। सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हम अभी इस पर रोक कैसे लगा सकते हैं,चुनाव तो अब शुरू हो गए होंगे। अगर हम अभी रोक लगाते हैं तो पूरी तरह अराजकता फैल जाएगी। चुनाव पर रोक लगाना एक गंभीर बात है। फरीदकोट के विधायक गुरदित सिंह सेखों के गांव मचाकी खुर्द में शिअद समर्थित प्रत्याशी को पुलिस ने मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया है। शिअद नेता परमबंस सिंह रोमाणा ने कहा कि जिससे मारपीट हुई उसी पर केस दर्ज किया गया है।
आपदा भी न रोक सकी आस्था की डगर पर श्रद्धालुओं के पांव, अब तक 40 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंचे चारधाम
देहरादून। हरी-भरी वादियां, ऊंचे-ऊंचे पहाड़, सीढ़ीनुमा-घुमावदार सड़कें, हिमालय व हिल स्टेशन समेत देवभूमि का प्राकृतिक सौंदर्य इन दिनों पर्यटकों को खूब लुभा रहा है। मई से शुरू हुई राज्य की चारधाम यात्रा इस वर्ष अब तक तीर्थयात्रियों का आंकड़ा 40 लाख पार कर चुका है। राज्य में अब तक चार लाख 80 हजार 788 वाहन भी चारधाम पहुंच चुके हैं। अभी भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर देवभूमि पहुंच रहे हैं।दरअसल, इस वर्ष की चारधाम यात्रा अब अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में सभी धाम छह माह के लिए बंद हो जाएंगे। ऐसे में हरिद्वार से लेकर उच्च हिमालय तक आस्था पथ गुलजार है। चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी की लाइफलाइन है। चारधाम यात्रा से हजारों परिवारों को काफी आस होती है। उत्तराखंड समेत आसपास के राज्यों के अलावा नेपाल के नागरिक भी चारधाम यात्रा के सहारे गुजर-बसर करने देवभूमि आते हैं। इस वर्ष 31 जुलाई की आपदा भी आस्था की डगर पर श्रद्धालुओं के पांव रोक नहीं पाई। इस वर्ष अब तक 40 लाख 92 हजार 360 तीर्थयात्री सुरक्षित धार्मिक यात्रा कर चारों धामों में शीश नवा चुके हैं। इस दौरान सबसे अधिक यात्री केदारनाथधाम में मंगलवार तक 13 लाख 67 हजार 567 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। बद्रीनाथ धाम में 11 लाख 18 हजार 348 व गंगोत्री धाम में सात लाख 53 हजार 397 तो यमुनोत्री धाम में अब तक छह लाख 60 हजार 333 तीर्थयात्रियों ने हाजिरी लगा चुके हैं। साथ ही हेमकुंड साहिब दरबार में एक लाख 83 हजार 722 व गौमुख में अब तक 8993 भक्त मत्था टेक चुके हैं। वहीं, अभी भी तीर्थयात्रियों का केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंचने का सिलसिला जारी है। अकेले केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 10 हजार के पार तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं।
विश्व फलक पर अतिथि देवो भव: का संदेश देती चारधाम यात्रा
शक्ति-भक्ति से लबरेज पुष्कर सिंह धामी की सरकार सुरक्षित धार्मिक यात्रा को लेकर प्रतिबद्ध है। ऐसे में चारधाम यात्रा विश्व फलक पर अतिथि देवो भव: का संदेश दे रही है। यह संभव हो पाया है सरकार और प्रशासन के समन्वय से। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा कराना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित और मजबूत करने लिए यात्रा प्राधिकरण बनाया जा रहा है। इसके लिए चारधाम यात्रा एवं इससे जुड़े लोगों और स्टेक होल्डर्स के सुझाव लिए जा रहे हैं।
जतिंदर मित्तल पर गंडासी से हमला करने की कोशिश, फैक्ट्री में छिपकर जान बचाई
लुधियाना। फोकल प्वाइंट इलाके में शनिवार की रात को कुछ लोगों ने पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष और पूर्व जिला अध्यक्ष जतिंदर मित्तल पर गंडासी से हमला करने की कोशिश की। इसमें उन्होंने अपनी फैक्ट्री में छिपकर अपनी जान बचाई। मित्तल ने बताया कि उन्होंने रात को करीब पांच से सात बार इलाके के एसएचओ को फोन किया लेकिन पुलिस की ओर से उन्हें किसी भी तरह का सहयोग नहीं मिला।
जतिंदर मित्तल ने बताया कि जब उन्होंने इस बारे में पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चाहल से बात की तो पुलिस 17 घंटे बाद मौके पर देखने आई। 6 बार कॉल करने पर भी एसएचओ ने फोन नहीं उठाया। फिलहाल पुलिस ने हमले की कोशिश करने वाले युवक को काबू कर लिया है। पुलिस ने हमला करने की कोशिश करने वाले युवक को काबू करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
जतिंदर मित्तल ने कहा कि देर रात कुछ युवक उनकी फैक्ट्री के बाहर हंगामा कर रहे थे। जब उन्होंने बाहर आकर ऐसा करने से रोका तो युवक वहां से चले गए लेकिन कुछ समय बाद एक युवक उनकी फैक्ट्री के बाहर गंडासी लेकर आया व उनपर हमला कर दिया। बचने के लिए वह फैक्ट्री में छिप गए। मित्तल ने बताया कि कुछ समय बाद उनका दोस्त व उसका बेटा उनकी फैक्ट्री में उनसे मिलने के लिए आए हुए थे। जब वह उन्हें फैक्ट्री से बाहर छोड़ने के लिए बाहर आए तो उक्त बदमाश ने उनपर दोबारा गंडासी से हमला कर दिया लेकिन उक्त गंडासी को उनके दोस्त के बेटे ने पकड़ लिया।
भाजपा के जिला अध्यक्ष रजनीश धीमान ने कहा कि पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार करने में रविवार शाम का समय लगा दिया है। इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार को वह समूह कार्यकर्ताओं के साथ सीपी को मिलेंगे। उन्होंने पंजाब के सीएम भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवंत मान राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने में असफल हैं। पंजाब में इन दिनों हत्या और लेकर लूटपाट चरम पर है। हर रोज लुधियाना में हर रोज कई अपराध की घटनाएं हो रहीं हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संजय तलवार की कार पर गोलियां चली थीं।
गोपेश्वर में बंदरों का आतंक चरम पर, प्रशासन से निवारण की मांग
गोपेश्वर। चमोली जिले के मुख्यालय गोपेश्वर में बंदरों का आतंक दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। बंदरों के हमलों से स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है। इस समस्या के समाधान के लिए हरिओम कालोनी और गणेश मंदिर मार्ग के निवासियों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की अपील की है।
संकल्प अभियान के संयोजक और हरिओम कालोनी निवासी मनोज तिवारी ने बताया कि बंदरों ने कालोनी में आतंक का माहौल बना दिया है। लोग अपने घरों से निकलने में डर रहे हैं। बंदर घरों में घुसकर सामान तोड़ रहे हैं और लोगों पर हमले कर रहे हैं। छोटे बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं और बुजुर्गों को भी बंदरों से खतरा बना रहता है।स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर बंदरों की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में शामिल अन्य लोगों में दिवाकर मलेठा, कांति तिवारी, पवित्रा भट्ट, रामेश्वरी तिवारी, चंपा देवी, शैना देवी और मोहित बर्त्वाल शामिल हैं।









