Category: देश-विदेश

  • नहाय-खाय के साथ महापर्व छठ पूजा शुरू, गंगा घाटों पर दिखा आस्था का समंदर

    नहाय-खाय के साथ महापर्व छठ पूजा शुरू, गंगा घाटों पर दिखा आस्था का समंदर

    देहरादून। लोक आस्था और सूर्योपासना के महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय के साथ मंगलवार से शुरू हो गया। चना दाल के साथ कद्दू-भात खाकर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया है। नहाय-खाय से लेकर उगते हुए भगवान सूर्य को अ‌र्घ्य देने तक चलने वाले इस महापर्व का अपना एक ऐतिहासिक महत्व है। मान्यता के अनुसार इसकी शुरुआत महाभारत में हुई थी।

    मंगलवार भोर से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही गई। सुबह होते-होते घाट पूरी तरह से गुलजार हो गए। छठ महापर्व वैसे भी मनोहारी होता है। घाट भी दीपक और ट्यूब लाइट की रोशनी से जगमगा रहे थे। जगह-जगह भगवान भास्कर की प्रतिमा बनाई गई। घाटों पर सफाई और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निर्जला व्रतधारी महिलाओं ने छठ मैया के गीत गाए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पहले दिन व्रतियों ने पूजा के बाद चने की पूड़ी, लौकी की सब्जी व अक्षत चढ़ाया।

    दूसरे दिन बुधवार को खरना होगा। इस दिन भूखे-प्यासे रहकर व्रती खीर का प्रसाद तैयार करेंगी। खीर गन्ने के रस की बनी होती है, इसमें नमक या चीनी का प्रयोग नहीं होता। शाम के समय इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद फिर निर्जल व्रत की शुरुआत होती है। तीसरे दिन गुरुवार को शाम के समय डूबते सूर्य को दूध और जल से अ‌र्घ्य दिया जाएगा। साथ ही विशेष प्रकार का पकवान ठेकुवा और मौसमी फल चढ़ाए जाएंगे। चौथे दिन शुक्रवार को उगते सूर्य को अ‌र्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद कच्चे दूध और प्रसाद खाकर व्रत का समापन किया जाएगा।

    छठ पूजा की महिमा अपरंपार

    आचार्य विपिन बताते हैं कि छठ पूजा की महिमा अपरंपार है। छठी मइया भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। जगत को प्रकाशमान करने वाले भगवान भास्कर भक्तों की हर कामना पूरी करते हैं। छठ पूजा लोक आस्था के साथ श्रद्धा व शुद्धता का पर्व है। छठ पूजा काफी शुद्धता के साथ होती है। परिवार की कुशलता की कामना के साथ ही भक्त जो भी मांगता है, उसे नारायण की कृपा से प्राप्त होता है। छठ पूजा से संतान की प्राप्ति व पति के दीर्घायु होने की कामना पूरी होती है। छठ पूजा के लिए भगवान भास्कर के पूजन में सहयोगी बनने वाले भक्तों की भी कामना पूरी होती है।

    राजधानी दून में छठ महापर्व को लेकर खासा उत्साह

    छठ पूजा को लेकर बिहारी महासभा की ओर से शहर के घाटों की सफाई से लेकर अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई है। अधिक भीड़ के दृष्टिगत विशेष प्रबंधन किए गए हैं। राजधानी दून में छठ महापर्व को लेकर खासा उत्साह है। दून में करीब 30 जगह पर छठ पूजा की जाएगी। बिहारी महासभा सहित कई मंचों की ओर से टपकेश्वर, मालदेवता, प्रेमनगर, चंद्रबनी, पटेलनगर, हरभजवाला, गुल्लरघाटी, छह नंबर पुलिया, केसरवाला, रिस्पना पुल, रायपुर, ब्रह्मवाला सहित कई जगह घाटों पर तैयारी पूरी कर ली गई है।

    बिखरेगी छठ की छटा

    बिहारी महासभा के अध्यक्ष लल्लन सिंह ने बताया कि नहाय-खाय की सुबह व्रती भोर बेला में उठते हैं और गंगा स्नान आदि करने के बाद भगवान सूर्य की पूजा के साथ व्रत की शुरूआत करते हैं। उन्होंने बताया कि नहाय-खाय के दिन व्रती चना दाल के साथ कद्दू-भात खाकर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू करते हैं। इस दौरान व्रती नियमों के साथ सात्विक जीवन जीते हैं।

  • बेअंत सिंह हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने राजोआना को नहीं दी राहत

    बेअंत सिंह हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने राजोआना को नहीं दी राहत

    चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के जुर्म में मृत्युदंड की सजा पाए बलवंत सिंह राजोआना को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने मामले पर सरकार की ओर से जवाब दिए जाने तक राजोआना को अंतरिम तौर पर कुछ महीने के लिए रिहा किए जाने का अनुरोध नहीं माना और कोई भी अंतरिम आदेश दिए बगैर सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। इस बीच केंद्र सरकार और पंजाब सरकार जवाब दाखिल करेंगी।
    हालांकि, कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह राजोआना की लंबित दया याचिका पर निर्णय ले अन्यथा कोर्ट मामले पर विचार करेगा।राजोआना पिछले करीब 29 वर्षों से जेल में है। ये निर्देश और टिप्पणियां जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सोमवार को बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा माफ कर उसे उम्रकैद में तब्दील किए जाने की मांग याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए।राजोआना ने दया याचिका के निपटाने में अत्यधिक देरी को आधार बनाते हुए मृत्युदंड को उम्रकैद में तब्दील करने और रिहाई का आदेश दिए जाने की मांग की है।
    सोमवार को राजोआना की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि राजोआना पिछले 29 वर्षों से जेल में है। उसकी दया याचिका लंबे समय से राष्ट्रपति के समक्ष विचाराधीन है। तभी केंद्र सरकार की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि राजोआना को पंजाब के मुख्यमंत्री की हत्या के जुर्म में सजा हुई है।मेहता ने कहा कि राष्ट्रपति के समक्ष लंबित दया याचिका की स्थिति पता करनी होगी। इस पर पीठ ने कहा कि वह जल्दी निर्णय लें अन्यथा कोर्ट मामले पर विचार करेगा। पीठ ने पंजाब की ओर से पेश वकील से पूछा कि क्या उन्होंने याचिका का जवाब दाखिल कर दिया है।
    पंजाब ने कहा कि छुट्टियों के कारण नहीं दाखिल हो पाया। कोर्ट ने उन्हें जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। लेकिन इसी बीच रोहतगी ने कहा तब तक अंतरिम तौर पर कोर्ट राजोआना को छह महीने या तीन महीने के लिए अंतरिम रिहाई दे दें ताकि वह भी बाहर की दुनिया देख सकें।लेकिन सालिसिटर जनरल ने राजोआना को अंतरिम तौर पर रिहाई देने का जोरदार विरोध किया। पीठ ने भी दूसरे पक्ष को सुने बगैर कोई भी अंतरिम आदेश पारित नहीं किया और मामले की सुनवाई 18 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी।
    सुप्रीम कोर्ट ने राजोआना की याचिका पर गत 25 सितंबर को केंद्र सरकार और पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया था और जवाब दाखिल करने को कहा था। पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह और 16 अन्य 31 अगस्त, 1995 को बम विस्फोट में मारे गए थे।इस मामले में राजोआना को फांसी की सजा हुई है। राजोआना का कहना है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मार्च 2012 में उसके लिए राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी थी। राजोआना की याचिका का यह दूसरा दौर है।इससे पहले पिछले वर्ष तीन मई को सुप्रीम कोर्ट ने राजोआना की फांसी उम्रकैद में बदलने से इन्कार कर दिया था और कहा था कि सक्षम अथारिटी उसकी दया याचिका पर निर्णय ले सकती है।

  • बदरीनाथ हाईवे पर सड़क से खाई में गिरा वाहन, दो घायल, एक लापता

    बदरीनाथ हाईवे पर सड़क से खाई में गिरा वाहन, दो घायल, एक लापता

    गोपेश्वर। बदरीनाथ हाइवे पर हेलंग से पीपलकोटी की ओर टीएचडीसी कंपनी के पास एक कैंपर सोमवार की देर रात अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा और कैंपर सवार तीन लोग भी फंस गए। घटना की सूचना मिलने पर ज्योतिर्मठ थाने से पहुंची पुलिस ने दो घायलों को किसी तरह बाहर निकाला। जबकि एक व्यक्ति लापता है, जिसकी खोजबीन की जा रही है।
    दरअसल, गोपेश्वर थाना पुलिस अनुसार सोमवार की देर रात बदरीनाथ हाइवे पर हेलंग से आगे पीपलकोटी की तरफ टीएचडीसी कम्पनी के पास एक कैम्पर दुर्घटनाग्रस्त होकर रोड से नीचे गहरी खाई में गिर गया। सूचना पर थाना ज्योतिर्मठ से पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच घटना की जानकारी ली तो पता चला कि वाहन में तीन व्यक्ति सवार थे। बाद में रेस्क्यू कर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पीपलकोटी और गोपेश्वर भेजवाया गया तथा एक लापता व्यक्ति की खोजबीन जारी है। घायलों में गुलाबकोटी निवासी 25 वर्षीय अनुराग पुत्र चण्डी लाल व पाखी निवासी 26 वर्षीय सावन पुत्र स्व. सुरेन्द्र लाल तथा लापता व्यक्ति में देवग्राम उर्गम निवासी मनमोहन पुत्र चन्द्र सिंह शामिल है।

  • अल्मोड़ा में भीषण बस दुर्घटना, 38 की मौत, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री सहित सभी ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

    अल्मोड़ा में भीषण बस दुर्घटना, 38 की मौत, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री सहित सभी ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

    देहरादून। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद में रामनगर के समीप मार्चुला में आज सुबह हुए बस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू , प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह, अनेक केन्द्रीय मंत्रियों सहित वरिष्ठ राजनेताओं ने गहरा दु:ख जताया है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने इस दुर्घटना में मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से दो लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक लाख व अपेक्षाकृत कम घायलों को 50 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा में सड़क दुर्घटना में महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों की मृत्यु का समाचार हृदय विदारक है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहन संवेदनाएं व्यक्त करती हूं तथा घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुए सड़क हादसे में जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी शोक-संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों की शीघ्र कुशलता की कामना करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव के हर संभव प्रयास में जुटा है।
    केंद्रीय गृहमंत्री ​अमित शाह ने एक्स पर लिखा है कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुई बस दुर्घटना अत्यंत दुःखद है। इस हादसे में अपना जीवन गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। स्थानीय प्रशासन द्वारा घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
    राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया दु:ख
    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा बस हादसे में मृतकाें के प्रति गहरा दु:ख जताया। मुख्यमंत्री धामी ने प्रत्येक मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये व घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
    बस हादसे में 38 यात्रियों की हुई है मौत, एआरटीओ निलंबित, बैठाई मजिस्ट्रेट जांच
    अल्मोड़ा में हुए बस हादसे में अब तक कुल 38 यात्रियों की मौत हो चुकी है जबकि 24 यात्री घायल हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायलों को एम्स (ऋषिकेश) भेजा गया है। राहत व बचाव कार्य लगातार जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं राहत एवं बचाव कार्य पर नजर बनाए हुए हैं। हादसे को लेकर पुलिस-प्रशासन व परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। हादसे का कारण क्षमता से अधिक सवारियों का होना (ओवरलोडिंग) बताया जा रहा है। यह एक 42 सीटर बस थी, जिसमें 60 के करीब यात्री सवार थे। दीपावली का त्योहार पूर्ण होने के चलते सवारियों की संख्या अधिक थी। इसके चलते मुख्यमंत्री धामी ने कार्रवाई करते हुए संबंधित उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) को तत्काल निलंबित करने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही इस दुर्घटना की मजिस्ट्रेट से जांच कराए जाने की घोषणा की है।

  • ट्रक खाई में गिरने से परिचालक की मौत

    ट्रक खाई में गिरने से परिचालक की मौत

    नई टिहरी। सोमवार तड़के उत्तरकाशी से ऋषिकेश एक आते हुए एक ट्रक नरेंद्रनगर के पास प्लास्डा बाइपास रोड पर ब्रेक फेल हो जाने के कारण अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। इसमें परिचालक की मौत हुई है। जबकि एक महिला, ड्राइवर व दो बच्चों को हल्की चोटें आई हैं। यह सभी ट्रक से कूद गये थे।
    एसडीआरएफ टिहरी से प्राप्त सूचना के अनुसार यह सभी निवासी नेपाल के रहने वाले हैं। इस दुर्घटना में परिचालक ट्रक के साथ खाई में गिरा। जिसे नजदीकी अस्पताल नरेंद्रनगर में इलाज के लिए लाया गया। वहां पर डाक्टरों ने परिचालक को मृत घोषित कर दिया।

  • पंजाब में बदली उपचुनाव की तारीख, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

    पंजाब में बदली उपचुनाव की तारीख, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

    चंडीगढ़। पंजाब में उपचुनाव की तारीख बदल गई है। चुनाव आयोग ने पंजाब में चार सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तारीख में बदलाव कर दिया है। अब इन सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा।
    इससे पहले इन सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होना था। लेकिन चुनाव आयोग ने तारीख में बदलाव कर दिया है। पंजाब की सभी चार सीटों पर अब 20 नवंबर को मतदान होगा।
    इन चार सीटों पर होगी वोटिंग
    जिन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें डेरा बाबा नानक, चब्बेवाल (आरक्षित), गिद्दड़बाहा और बरनाला शामिल है। इन सीटों पर विधायक रहे नेता लोकसभा चुनाव के दौरान सांसद चुने गए थे। यही कारण है कि इन सीटों पर अब उपचुनाव हो रहा है।
    चुनाव आयोग ने तीन राज्यों में होने वाले उपचुनाव की तारीख में बदलाव किया है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि बरनाला, गिद्दड़बाहा, डेरा बाबा नानक और चब्बेवाल सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर के मतदान अब 20 नवंबर को होंगे। पहले यह 13 नवंबर को होने थे।
    इन निर्वाचन क्षेत्रों में आचार संहिता लागू
    सिबिन सी ने कहा कि उपचुनावों की घोषणा के साथ ही गुरदासपुर, होशियारपुर, श्री मुक्तसर साहिब और बरनाला में आचार संहिता लागू हो गई है। 25 नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक आचार संहिता लागू रहेगी।
    चारों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मतदाताओं की संख्या 696316 है और कुल 831 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। डेरा बाबा नानक में 193,268 मतदाता हैं और 241 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चब्बेवाल में मतदाताओं की संख्या 159,254 है और 205 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
    गिद्दड़बाहा में मतदाताओं की कुल संख्या 166,489 है और 173 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। बरनाला में 177305 मतदाता और 212 मतदान केंद्र हैं।

  • मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा बस हादसे पर जताया दुख, एआरटीओ को निलंबित करने का आदेश

    मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा बस हादसे पर जताया दुख, एआरटीओ को निलंबित करने का आदेश

    देहरादून। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के सल्ट तहसील क्षेत्रांतर्गत कुपि मोटर मार्ग पर हुए बस हादसे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुख जताया है। मुख्यमंत्री धामी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पौड़ी और अल्मोड़ा के संबंधित क्षेत्र के एआरटीओ प्रवर्तन को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घटना की मजिस्ट्रेट जांच बैठाई है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरे घटनाक्रम पर खुद नजर बनाए रखे हैं और अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ आवश्यक कार्रवाई के लिए लगातार निर्देश दे रहे हैं। हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख और घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आयुक्त कुमाऊं मंडल को घटना की मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने खाई में गिरी बस में सवार सभी यात्रियों को निकालने के लिए तेजी से अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर एयरलिफ्ट करने के निर्देश भी दिए हैं।

  • अल्मोड़ा में बस खाई में गिरी, पांच शव निकाले गए, राहत और बचाव कार्य जारी

    अल्मोड़ा में बस खाई में गिरी, पांच शव निकाले गए, राहत और बचाव कार्य जारी

    अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के तहसील सल्ट अन्तर्गत कुपि मोटर मार्ग पर आज रामनगर जा रही एक बस खाई में गिर गई। बताया जा रहा है कि अब तक पांच शव को निकाले जा चुके हैं। यह बस गोलिखाल क्षेत्र से यात्रियों को लेकर चली थी। दुर्घटनाग्रस्त गढ़वाल मोटर्स यूजर्स की यह 42 सीटर बस ( यूके-12 पीए- 0061) है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
    सूचना मिलते ही एसएसपी, थाना सल्ट, फायर स्टेशन रानीखेत, तहसीलदार सल्ट, राजस्व उप निरीक्षक देवायल और एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हुए। एसडीएम सल्ट संजय कुमार ने बताया कि पांच शव निकाल लिए गए हैं। नैनीताल पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई है।
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि जनपद अल्मोड़ा के मार्चुला में हुई दुर्भाग्यपूर्ण बस दुर्घटना में यात्रियों के हताहत होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। जिला प्रशासन को तेजी के साथ राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आवश्यकता पड़ने पर गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एयरलिफ्ट करने के लिए भी निर्देश दिए हैं।

  • शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, 15 हजार श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने

    शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, 15 हजार श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने

    -मंदिर  भव्य सजावट, सैन्य बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच बाबा केदार के जयघोष से गूंजा धाम

    -बाबा की डोली पहले पड़ाव को प्रस्थान, छह माह शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन

    देहरादून। विश्व प्रसिद्ध और ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज के पावन पर्व पर रविवार प्रात: साढ़े आठ बजे विधि-विधान और धार्मिक परंपरा के साथ शीतकाल के लिए बंद हो गए। इस दौरान सेना के भक्तिमय धुनों के साथ श्रद्धालुओं के ‘जय बाबा केदार’ के उद्घोष से पूरा धाम गूंज उठा। 15 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने। अब आने वाले छह महीने तक भक्तगण बाबा केदार के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन कर सकेंगे।रविवार प्रातः पांच बजे से बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय की उपस्थिति में कपाट बंद किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। बीकेटीसी के आचार्य, वेदपाठियों, पुजारीगणों ने भगवान केदारनाथ के स्वयंभू शिवलिंग की समाधि पूजा की। स्वयंभू शिवलिंग को भस्म, स्थानीय पुष्पों, बेलपत्र आदि से समाधि रूप दिया गया। प्रातः 08:30 बजे बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली को मंदिर से बाहर लाया गया और केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। इस विशेष अवसर के लिए दीपावली के दिन से ही फूलों से मंदिर की साज-सज्जा की जा रही थी।

    कपाट बंद होने के साथ ही बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली अपने पहले पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान कर गई। हजारों श्रद्धालु बाबा की पंचमुखी डोली के साथ पैदल रवाना हुए। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह भंडारे आयोजित किये गये थे। आज केदारनाथ में मौसम साफ रहा। आसपास बर्फ होने से सर्द हवा भी चलती रही लेकिन श्रद्धालुओं में भारी उत्साह रहा।

    यात्राकाल में रिकार्ड साढ़े 16 लाख से अधिक तीर्थ यात्री पहुंचे

    कपाट बंद होने के अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि इस यात्राकाल में रिकार्ड साढ़े 16 लाख से अधिक तीर्थयात्री केदारनाथ धाम पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से आज भव्य व दिव्य केदारपुरी का पुनर्निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम यात्रा का सफल संचालन हुआ। उन्होंने सफल यात्रा संचालन के लिए बीकेटीसी के कर्मचारियों, पुलिस-प्रशासन, यात्रा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी आदि का आभार जताया।

    5 नवंबर ऊखीमठ पहुंचेगी पंचमुखी डोली

    बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि बाबा केदार की पंचमुखी डोली आज रामपुर में रात्रि प्रवास करेगी। 04 नवंबर सोमवार को विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी रात्रि प्रवास कर 05 नवंबर मंगलवार को शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी। शीतकाल में बाबा केदार की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में ही होगी।

    कपाट बंद होने के अवसर पर स्वामी संबिदानंद महाराज, रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी डॉ. सौरव गहरवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, केदारनाथ विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, भास्कर डिमरी, प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग, धर्माचार्य ओंकार शुक्ला, तीर्थ पुरोहितों की संस्था केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पूर्व अध्यक्ष विनोद शुक्ला, वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, डोली प्रभारी प्रदीप सेमवाल, ललित त्रिवेदी, देवानंद गैरोला, अरविंद शुक्ला, कुलदीप धर्म्वाण, उमेश पोस्ती, प्रकाश जमलोकी, रविंद्र भट्ट आदि मौजूद रहे।

    चारधाम यात्रा समापन की ओर

    इस यात्रा वर्ष की उत्तराखंड चारधाम यात्रा समापन की ओर है। धामों में मौसम सर्द हो गया है। बदरीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को बंद हो रहे हैं। गंगोत्री धाम के कपाट बीते शनिवार 02 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद हो गये हैं। केदारनाथ धाम के कपाट आज भैयादूज 03 नवंबर को प्रात: बंद हुए और यमुनोत्री धाम के कपाट आज भैयादूज के अवसर पर दोपहर को बंद हो जाएंगे। जबकि गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट बीते 10 अक्टूबर को बंद हो गए। द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट 20 नवंबर को बंद हो रहे हैं और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट सोमवार को बंद होंगे। चतुर्थ केदार रूद्रनाथ के कपाट 17 अक्टूबर को बंद हुए।

  • गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई को बनाया अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के युवा मोर्चा विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष

    गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई को बनाया अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के युवा मोर्चा विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष

    चंडीगढ़। हत्या, लूटपाट, डकैती व फिराैती मांगने के आरोपों के तहत जेल में बंद गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई काे अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के युवा मोर्चा विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। लॉरेंस के खिलाफ एनआईए समेत कई एजेंसियां अलग-अलग केसों की जांच कर रही हैं। इसके बावजूद बिश्नाेई सभा ने लॉरेंस को अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया है।
    पंजाब के अबोहर में हुई बैठक के दौरान यह फैसला पिछले सप्ताह लिया गया है, जिसका पत्र अब वायरल हो रहा है। बिश्नोई मंदिर में हुई बैठक में इस संबंध में फैसला लेने के बाद लारेंस बिश्नोई के नाम नियुक्ति पत्र जारी किया गया है। लॉरेंस इस वक्त गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला समेत एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी के मर्डर में उसका नाम है।
    इस संबंध में अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश बिश्नोई ने कहा कि लॉरेंस हमारे नौजवानों को नशे से दूर करने का काम कर रहा है। साथ ही हमारे समाज में वन्य जीवों का अपना ही एक बड़ा महत्व है। ऐसे में लॉरेंस वन्य जीवों की रक्षा के लिए भी लोगों को प्रेरित कर रहा है। सभा की तरफ से जारी पत्र में लिखा गया है कि लॉरेंस बिश्नोई पुत्र रविंद्र निवासी गांव दुतरांवाली (अबोहर, जिला फाजिल्का, पंजाब) को अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा रजिस्टर्ड के युवा मोर्चा विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया जाता है। आपका यह दायित्व जीव रक्षा एवं पर्यावरण के क्षेत्र में परोपकार के कार्यों को आगे बढ़ाना और माता अमृता देवी बिश्नोई, जिनके साथ 363 बिश्नोई नर नारियों ने सन 1730 में खेजड़ी के पेड़ों को काटने से बचाने के लिए अपने प्राण निछावर कर दिए थे, के कार्याें को आगे बढ़ाने का कार्य करना है। खेजड़ी के पेड़ों को काटने से बचाने जैसी घटना विश्व में देखने को नहीं मिलती।
    उन्होंने कहा कि जीव दया पालनी के सिद्धांत और गुरु जंभेश्वर भगवान के बताए हुए नियमों के मद्देनजर आपकी नियुक्ति की जा रही है। आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप इस कार्य को जिम्मेदारी एवं पूर्ण निष्ठा से अपने दायित्व को निर्वहन करेंगे। लारेंस बिश्नोई की नियुक्ति के बाद सभा के कई पदाधिकारी जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गए हैं।