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भारत-पाकिस्तान मैच पर बवाल: हरीश रावत ने कहा- खून और खेल साथ नहीं चल सकते

भारत-पाक मैच पर गरमाया माहौल: क्या यह सही समय है?

मैच से पहले बढ़ा विरोध और गुस्सा-एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच को लेकर इन दिनों काफी बवाल मचा हुआ है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार ने साफ कर दिया था कि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के संबंध नहीं रखे जाएंगे। लेकिन, कुछ ही महीनों के भीतर दोनों देशों के बीच क्रिकेट मैच का आयोजन तय हो गया, जिसने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

हरीश रावत का तीखा बयान: ‘खून और खेल साथ नहीं चल सकते’-पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस मुद्दे पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे देश का मूड इस समय खराब है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान को भी याद दिलाया जिसमें कहा गया था कि ‘खून और खेल, खून और कूटनीति, खून और व्यापार कभी साथ-साथ नहीं चल सकते।’ रावत ने कहा कि पाकिस्तान लगातार हमारी धरती पर खून की नदियां बहाना चाहता है। जब तक पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता और आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं करता, तब तक उसके साथ किसी भी तरह के संबंध रखना बिल्कुल गलत होगा। हाल ही में हमारे दो वीर जवान शहीद हुए हैं, ऐसे में उनके साथ क्रिकेट खेलना किसी भी तरह से उचित नहीं है।

पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश देना ज़रूरी-हरीश रावत ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान को एक सख्त संदेश भेजने की आवश्यकता है। यदि भारत पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के संबंध नहीं रखता है, तो यह उन देशों के लिए भी एक स्पष्ट संकेत होगा जो एक तरफ तो भारत को अपना दोस्त बताते हैं, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान से अपनी नजदीकियां बनाए रखते हैं। उन्होंने इस बात पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि जब दुनिया पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी कार्रवाई समूह का सह-अध्यक्ष बनाती है, तो यह एक बहुत बड़ा विरोधाभास है। यह स्थिति वैसी ही है जैसे किसी चोर को ही पूरे मोहल्ले का सरदार बना दिया जाए।

आतंकवाद पर भारत की अडिग नीति-पाकिस्तान को एक आतंकवादी राष्ट्र बताते हुए हरीश रावत ने कहा कि वहां की जनता तक यह बात पहुंचना बहुत ज़रूरी है कि भारत उनका दुश्मन नहीं, बल्कि आतंकवाद ही उनका असली दुश्मन है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की जनता को यह समझना होगा कि आतंकवाद को पालना-पोसना गलत है। भारत हमेशा भाईचारे और शांति की बात करता है, लेकिन जब बार-बार हमारे जवानों का खून बहाया जाएगा, तो देश का गुस्सा स्वाभाविक है और वह प्रतिक्रिया देगा ही। इसी वजह से आम जनता कह रही है कि इस माहौल में भारत-पाकिस्तान के बीच मैच होना बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

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