
लिली चौक, टुरी हटरी बाजार, नागरीदास मन्दिर, जैतू साव मठ, अखाडा, बावली, हनुमान मन्दिर का अनुपम सौंदर्य निहारा, नागरिकों सहित हुए इतिहास से अवगत, जाना कैसे पड़ा ऐतिहासिक स्थलों का नाम, क्या है विरासत का महत्व
रायपुर शहर के समृद्ध होने में शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अहम योगदान है- आयुक्त विश्वदीप
रायपुर – छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण को 25 वर्ष पूर्ण होने पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत रायपुर जिला प्रशासन और रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में विविध सांस्कृतिक गतिविधियां की जा रही हैँ. इस क्रम में रायपुर महापौर मीनल चौबे और रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देशानुसार हेरिटेज वाक आयोजन में प्रमुख रूप से नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, अपर कलेक्टर कीर्तिमान राठौर, नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी, जोन 5 जोन अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल, निगम नोडल अधिकारी उपायुक्त डॉक्टर अंजलि शर्मा सहित गणमान्यजन, आमजन बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए.
रायपुर जिला प्रशासन और रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत संयुक्त आयोजन में नगर निगम संस्कृति विभाग की कार्यक्रम समन्वयक सुश्री निष्ठा जोशी ने हेरिटेज वाक में सम्मिलित गणमान्यजनों और आमजनों को लिली चौक, टुरी हटरी बाजार, नागरीदास मन्दिर, जैतूसाव मठ, अखाडा, बावली, हनुमान मन्दिर की स्थापना, नामकरण, ऐतिहासिक महत्व की संक्षिप्त रोचक जानकारी प्राप्त की. आयुक्त विश्वदीप ने कहा कि किसी भी शहर की समृद्धि का परिचय उस शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से सहज प्राप्त होता है. समृद्ध रायपुर शहर में शहर की समृद्धशाली सांस्कृतिक विरासत का अहम योगदान रहा है. इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण देने और नगर के गणमान्यजनों सहित आमजनों को सांस्कृतिक विरासत से परिचित करवाने हेरिटेज वाक का आयोजन राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के दिशा – निर्देश अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में नगर निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत रहवासी नागरिक रायपुर शहर की समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत के इतिहास से सहज परिचित हो सकें और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्राप्त कर सकें.





