महिला आरक्षण पर छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र

मुख्यमंत्री साय ने रखा शासकीय संकल्प
रायपुर-छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो गया है। इसकी कार्यवाही देखने और शामिल होने प्रदेश भर से महिला जनप्रतिनिधि पहुंची हुई हैं। आज के इस सत्र में महिला सशक्तिकरण को लेकर शासकीय संकल्प पेश किया गया। इसमें परिसीमन के बाद लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करने की मांग की गई है। भाजपा के महिला विधायक विषय पर सदन में अपना पक्ष रखकर बता रही हैं कि किस प्रकार यह विधेयक जरूरी है और कांग्रेस गठबंधन दल का विरोध करने से क्या नुकसान हो रहा है। प्रथम वक्ता के रुप में पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने चर्चा की शुरआत की । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन में शासकीय संकल्प रखा इसमें कहा गया कि नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए संसद और विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण परिसीमन की प्रक्रिया पूरी कर लागू किया जाए। इस पर चर्चा से पहले नेता प्रतिपक्ष डा.चरणदास महंत ने अशासकीय संकल्प की सूचना दी,स्पीकर डा.रमनसिंह ने कहा कि विशेष सत्र के विषय निश्चित रहते हैं इसके लिए शासकीय संकल्प प्रस्तुत किया जा चुका है। इसके बाद परम्परानुसार कोई अशासकीय संकल्प पर चर्चा नहीं हो सकती।



