दिल्ली

दिल्ली मेट्रो के 32वें स्थापना दिवस पर CM रेखा गुप्ता का ऐलान, फेज-V (बी) में बनेंगे 7 नए कॉरिडोर

दिल्ली मेट्रो रेल निगम के 32वें स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को लेकर बड़ा ऐलान किया. रविवार को उन्होंने दिल्ली मेट्रो के फेज-V (बी) के तहत नए कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की. मुख्यमंत्री के अनुसार, इस चरण में कुल 7 नए मेट्रो कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इन कॉरिडोर की कुल लंबाई 97.158 किलोमीटर होगी, जिससे दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इसके साथ ही परियोजना के अंतर्गत 65 नए मेट्रो स्टेशन भी बनाए जाएंगे. स चरण में प्रस्तावित सातों कॉरिडोर की कुल लागत लगभग 48,204.56 करोड़ रुपये आंकी गई है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना राजधानी के उन दूर-दराज और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगी, जहां अभी सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त सुविधा नहीं है.

ढांसा बस स्टैंड से नांगलोई तक एलिवेटेड कॉरिडोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कॉरिडोर-1 को ढांसा बस स्टैंड (नजफगढ़) से नांगलोई तक विकसित किया जाएगा. यह कॉरिडोर 11.859 किलोमीटर लंबा होगा और पूरी तरह एलिवेटेड (ऊपर बने ट्रैक) स्वरूप में तैयार किया जाएगा. इस रूट पर कुल 9 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जो सभी एलिवेटेड होंगे. यह नया कॉरिडोर दिल्ली के कई अहम और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों—नरेश पार्क एक्सटेंशन, रणहौला, बक्करवाला, बापरोला, दिचाऊं कलां और नजफगढ़ एक्सटेंशन को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा, जिससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी. इसके अलावा, इस कॉरिडोर की एक बड़ी खासियत इंटरचेंज सुविधा है. यात्रियों को नांगलोई स्टेशन पर ग्रीन लाइन और ढांसा बस स्टैंड पर ग्रे लाइन से जुड़ने का विकल्प मिलेगा, जिससे सफर और भी आसान और तेज हो जाएगा.

केंद्रीय सचिवालय से किशनगढ़ तक अंडरग्राउंड कॉरिडोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, कॉरिडोर-2 को केंद्रीय सचिवालय से किशनगढ़ तक विकसित किया जाएगा. यह कॉरिडोर कुल 15.969 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें अधिकांश हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा. परियोजना के तहत 13.721 किलोमीटर अंडरग्राउंड और 2.248 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन तैयार किया जाएगा. इस रूट पर कुल 10 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 9 अंडरग्राउंड और 1 एलिवेटेड स्टेशन शामिल होगा. यह कॉरिडोर कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों को जोड़ेगा, जिनमें न्यू मोती बाग की जीपीआरए कॉलोनियां, आर.के. पुरम सेक्टर-1 और 7, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय और प्रधानमंत्री संग्रहालय प्रमुख हैं. इस कॉरिडोर की एक बड़ी विशेषता इसकी मल्टी-लाइन इंटरचेंज सुविधा है. यात्रियों को सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर वायलेट, येलो और मैजेंटा लाइन ,मोती बाग पर पिंक लाइन ,आर.के. पुरम पर मैजेंटा लाइन ,किशनगढ़ पर प्रस्तावित गोल्डन लाइन  से कनेक्टिविटी मिलेगी.

समयपुर बादली से नरेला DDA स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कॉरिडोर-3 को समयपुर बादली से नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक विकसित किया जाएगा. यह कॉरिडोर दरअसल लाइन-2 (येलो लाइन) का विस्तार होगा और पूरी तरह एलिवेटेड बनाया जाएगा. इसकी कुल लंबाई 12.89 किलोमीटर होगी, जिसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे. यह नया मेट्रो रूट दिल्ली के उत्तरी हिस्से के कई अहम क्षेत्रों सिरसपुर, खेड़ा कलां, होलंबी कलां, अलीपुर, शाहपुर गढ़ी और डीएसआईआईडीसी नरेला को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा, जिससे इन इलाकों के लाखों लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.कॉरिडोर-3 की खासियत इसकी इंटरचेंज सुविधा भी है. यात्रियों को सिरसपुर में येलो लाइन ,नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रेड लाइन से कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे दिल्ली के अन्य हिस्सों तक सफर और आसान हो जाएगा.

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