
जुबिन गर्ग: एक आवाज़ जो खामोश हो गई, असम का लाल, देश का सितारा
असम और पूरे देश का टूटा दिल: जब जुबिन गर्ग की मौत की खबर आई-यह खबर किसी सदमे से कम नहीं थी। हमारे प्यारे जुबिन गर्ग, जिनकी आवाज़ ने लाखों दिलों को छुआ था, अब हमारे बीच नहीं रहे। सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शिरकत करने गए जुबिन की अचानक मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया। बताया गया कि स्कूबा डाइविंग के दौरान उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई और देखते ही देखते उनकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इस दुखद घटना के बाद, जुबिन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महांता के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए CID जांच का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि जुबिन सिर्फ असम के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए एक गौरव थे, और उनकी मौत के पीछे की सच्चाई सामने आनी ही चाहिए। यह वाकई एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो पाएगी।
मुख्यमंत्री का वादा: CID जांच से खुलेगा सच का पिटारा-असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि जुबिन गर्ग का पोस्टमार्टम सिंगापुर में भारतीय दूतावास के अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा किया गया, और फिर उनका पार्थिव शरीर उनके साथियों को सौंप दिया गया। मुख्यमंत्री ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि जुबिन की मौत से जुड़ी सभी FIR को एक साथ जोड़कर CID को जांच के लिए सौंपा जाएगा। उनका मानना है कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही सच सामने आ पाएगा। असम पुलिस को भी निर्देश दिया गया है कि वे इस पूरे मामले को तुरंत CID को सौंप दें। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि जुबिन के संगीत और कला के क्षेत्र में योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, और सरकार उनके परिवार के साथ हर कदम पर खड़ी है। यह आश्वासन लोगों को थोड़ी राहत दे सकता है कि मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।
पत्नी गरिमा की भावुक अपील: FIR वापस लें, सिद्धार्थ को सहारा दें-इस मुश्किल घड़ी में, जुबिन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया ने एक मार्मिक अपील की है। उन्होंने कहा कि जुबिन के अचानक चले जाने से उनके कई अधूरे काम रह गए हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए उन्हें सहारे की ज़रूरत है। गरिमा ने विशेष रूप से सिद्धार्थ शर्मा के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने लोगों से गुज़ारिश की है कि सिद्धार्थ को जुबिन की अंतिम यात्रा का हिस्सा बनने दिया जाए। गरिमा ने बताया कि जुबिन और सिद्धार्थ का रिश्ता बहुत गहरा था, और जुबिन हमेशा सिद्धार्थ के साथ खड़े रहे। ऐसे में, उनके बारे में नकारात्मक बातें न फैलाई जाएं। गरिमा ने यह भी कहा कि इस दुख की घड़ी में उन्हें सिद्धार्थ की ज़रूरत है, क्योंकि उनके बिना वह खुद को बहुत अकेला महसूस कर रही हैं। यह एक पत्नी का अपने पति के करीबी पर विश्वास और सहारा मांगने का भावुक क्षण है।
कोविड काल का सहारा: सिद्धार्थ का वो योगदान जो भुलाया न जा सकेगा-गरिमा ने उस वक्त को याद किया जब कोविड महामारी के मुश्किल दिनों में सिद्धार्थ ने उनके परिवार का सहारा बनकर साथ निभाया था। उन्होंने बताया कि 2020 में जब जुबिन को अचानक स्वास्थ्य समस्या हुई और उन्हें मुंबई ले जाना पड़ा, उस कठिन दौर में सिद्धार्थ ने हर संभव मदद की। खाना, दवाइयां, और अन्य ज़रूरी सामान पहुंचाने से लेकर, जुबिन को सुरक्षित घर वापस लाने तक, सिद्धार्थ ने हर ज़िम्मेदारी निभाई। गरिमा का कहना है कि जुबिन के जीवन में सिद्धार्थ का योगदान हमेशा बहुत महत्वपूर्ण रहा है, और इसलिए उन्हें जुबिन के अंतिम संस्कार में शामिल करना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जुबिन के अंतिम संस्कार को शांति और सम्मान के साथ होने दिया जाए, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले। यह दिखाता है कि कैसे मुश्किल समय में बने रिश्ते, दुख की घड़ी में और भी मजबूत हो जाते हैं।




