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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का खिताब बरकरार रखा

जयपुर। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने कैनोइंग और कयाकिंग में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर राजस्थान में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में लगातार अपना ओवरऑल चैम्पियनशिप खिताब बरकरार रखा। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने कुल 67 पदक जीते, जिसमें 42 स्वर्ण, 14 रजत और 11 कांस्य शामिल हैं। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने 32 स्वर्ण, 25 रजत और 22 कांस्य पदकों के साथ उपविजेता के रूप में अभियान समाप्त किया।

राजस्थान के माननीय उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा और राजस्थान सरकार के युवा मामले और खेल मंत्री, कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने पूर्णिमा विश्वविद्यालय में 12 दिवसीय बहु-खेल महोत्सव के समापन समारोह की भव्य रंगीन प्रस्तुति में शिरकत की। इस चमकदार कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीय राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे थीं।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने कैनोइंग और कयाकिंग (जो पहली बार केआईयूजी में शामिल की गई) में उपलब्ध 30 में से 23 स्वर्ण जीते। इसके अलावा छह स्वर्ण तैराकी में, पाँच एथलेटिक्स में, दो कुश्ती में और एक-एक स्वर्ण वेटलिफ्टिंग, शूटिंग, साइक्लिंग, तीरंदाजी, टेबल टेनिस और कबड्डी में हासिल किए।

एलपीयू ने कुल 78 पदक (चैंपियंस से 11 अधिक) जीते, लेकिन कम स्वर्ण पदकों के कारण उन्हें दूसरा स्थान मिला। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी ने भी 32 स्वर्ण पदक जीते, लेकिन उनके 22 रजत और 18 कांस्य पदकों के चलते उन्हें तीसरा स्थान मिला। खेलों के 12 दिनों में एथलेटिक्स में कुल 12 नए मीट रिकॉर्ड बने, जिनमें दो ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी रिकॉर्ड भी शामिल हैं, जो प्रतियोगिता की उच्च गुणवत्ता को दर्शाते हैं।

भारत के शीर्ष तैराक और ओलंपियन श्रीहरि नटराज केआईयूजी 2025 के सबसे सफल एथलीट रहे। उन्होंने अपने नाम 9 स्वर्ण और 2 रजत किए और जैन यूनिवर्सिटी को 27 स्वर्ण, 9 रजत और 9 कांस्य दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पिछले संस्करण के चैंपियंस जैन यूनिवर्सिटी पदक तालिका में चौथे स्थान पर रही। राज्य मंत्री श्रीमती खडसे ने केआईयूजी को विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और उत्कृष्टता की राह के रूप में महत्वपूर्ण बताया।

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