भारत-चीन में तेजी से बढ़ रहा पेट का कैंसर, जानिए वजह, खतरे और बचाव के आसान तरीके

पेट का कैंसर: भारत और चीन में बढ़ता खतरा-क्या आप जानते हैं कि पेट का कैंसर कितना खतरनाक हो सकता है? यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती दौर में ज़्यादा लक्षण नहीं दिखाती, जिससे देर से इलाज शुरू होता है और स्थिति गंभीर हो जाती है। हाल ही में हुए एक अध्ययन ने चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं, खासकर भारत और चीन जैसे देशों में।
बढ़ते आंकड़े और चिंता-एक नए शोध के मुताबिक, 2008 से 2017 के बीच 1.5 करोड़ से ज़्यादा लोगों में पेट के कैंसर का खतरा पाया गया है। चीन इस बीमारी से सबसे ज़्यादा प्रभावित देश है, और भारत दूसरे नंबर पर है। यह अध्ययन 185 देशों के आंकड़ों पर आधारित है और यह दर्शाता है कि ‘हेलिकोबैक्टर पाइलोरी’ नाम का बैक्टीरिया इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण है। यह दुनिया में कैंसर से होने वाली मौतों का पांचवां सबसे बड़ा कारण भी है। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। सिर्फ एशिया में ही करीब 1.06 करोड़ नए मामले सामने आने की आशंका है, जिसमें से 65 लाख मामले भारत और चीन में होने की संभावना है।
अफ्रीका में बढ़ता खतरा-अफ्रीका में अभी इस बीमारी का बोझ कम है, लेकिन आने वाले समय में यह छह गुना तक बढ़ सकता है। यह एक बहुत ही चिंताजनक बात है और इस पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है।
रोकथाम और बचाव-अगर लोगों की समय पर जांच हो और बैक्टीरियल इंफेक्शन का इलाज किया जाए, तो संभावित मामलों को 75% तक कम किया जा सकता है। इसलिए, समय पर जांच करवाना बेहद ज़रूरी है। शुरुआती दौर में पता चलने पर, पेट के कैंसर का इलाज संभव है और मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है।
लक्षण और कारण-पेट के कैंसर के कुछ सामान्य लक्षण हैं: पेट में दर्द या जलन, सूजन, भूख न लगना, बार-बार उल्टी होना, और वज़न में अचानक कमी। कुछ कारक इस बीमारी के खतरे को बढ़ाते हैं, जैसे शराब का सेवन, धूम्रपान, मोटापा, और सुस्त जीवनशैली।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं-पेट के कैंसर से बचाव के लिए, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद ज़रूरी है। नियमित जांच करवाएं, संतुलित आहार लें, शराब और धूम्रपान से दूर रहें, और एक्टिव रहें। यह छोटे-छोटे कदम आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं।


