
सतपुड़ा त्रासदी के बाद: मध्य प्रदेश में सख्त फायर सेफ्टी कानून!-सतपुड़ा भवन की घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने आग से सुरक्षा के लिए एक नया कानून बनाने का फैसला किया है, जो मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। यह कानून हर इमारत में आग से बचाव के इंतजाम को अनिवार्य बनाएगा।
नया कानून: सख्त नियम और जुर्माना-इस नए कानून से हर इमारत में आग से बचाव के उपाय करना ज़रूरी हो जाएगा। अगर कोई इमारत मालिक ऐसा नहीं करता है, तो उसे 10,000 रुपये का जुर्माना और सज़ा भी हो सकती है। यह कानून सरकारी और निजी, दोनों तरह की इमारतों पर लागू होगा।
सतपुड़ा हादसे के बाद जागरूकता-सतपुड़ा भवन की घटना के बाद से आग से सुरक्षा को लेकर चिंता काफी बढ़ गई थी। इसीलिए सरकार ने एक नया कानून बनाने का फैसला किया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह कानून पुराने कानूनों से भी आगे बढ़कर स्पष्ट दिशानिर्देश देगा।
मजबूत सुरक्षा व्यवस्था-इस कानून से राज्य में आग से सुरक्षा की व्यवस्था और मज़बूत होगी। अब सिर्फ़ सलाह नहीं, बल्कि नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई होगी। इससे इमारतों में सुरक्षा सुनिश्चित होगी। यह कानून राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशानिर्देशों पर आधारित है।
पुराने कानूनों से आगे-अभी तक राज्य में आग से सुरक्षा के लिए पुराने कानूनों का इस्तेमाल होता था। लेकिन, यह नया कानून काम करने में आसानी और स्पष्टता लाएगा। यह कानून राष्ट्रीय भवन संहिता और अन्य पुराने नियमों की जगह लेगा।
मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक-मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से 8 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सरकार यह नया फायर सेफ्टी कानून पेश करेगी। इस सत्र में कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाएँगे।




