
विराट कोहली ने अपने फैंस को उस वक्त चौंका दिया जब उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करके टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया। यह फैसला अचानक नहीं आया, बल्कि इसकी तैयारी विराट ने पहले ही कर ली थी। उन्होंने बीसीसीआई को पहले ही इस बारे में जानकारी दी थी, लेकिन बोर्ड ने उन्हें दोबारा सोचने के लिए कहा था। इसके बावजूद विराट अपने फैसले पर कायम रहे और सोशल मीडिया के ज़रिए अपने दिल की बात सबके सामने रख दी। उनके इस फैसले से क्रिकेट फैंस को झटका लगा है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में कोहली का जुनून और जज्बा देखने लायक होता था। लेकिन पिछले कुछ समय से उनका प्रदर्शन वैसा नहीं रहा, जैसा लोग उनसे उम्मीद करते थे।
बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में फॉर्म ने छोड़ा साथ, सिर्फ 23 की औसत रही – कोहली के टेस्ट संन्यास की एक वजह उनका हालिया प्रदर्शन भी माना जा रहा है। खासकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में वो अपनी लय में नजर नहीं आए। इस सीरीज में उन्होंने 9 पारियों में सिर्फ 190 रन बनाए और उनकी औसत 23 के आसपास रही, जो एक टॉप प्लेयर के लिए काफी कम मानी जाती है। पिछले पांच सालों की बात करें तो कोहली ने 37 टेस्ट मैच खेले, लेकिन सिर्फ 3 शतक ही लगा पाए। ऐसे में यह सवाल उठने लगा था कि क्या विराट अब टेस्ट क्रिकेट में वही दबदबा कायम रख पाएंगे? शायद खुद कोहली ने भी ये महसूस किया और वक्त रहते खुद को सीमित ओवरों के क्रिकेट तक सीमित करने का फैसला ले लिया।
कोहली ने इससे पहले टी-20 क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया था। अब उन्होंने टेस्ट को भी अलविदा कह दिया है, यानी अब वह केवल वनडे क्रिकेट खेलेंगे। यह फैसला इस बात की तरफ इशारा करता है कि कोहली अब अपने करियर को लंबा खींचने के बजाय चयनित फॉर्मेट्स पर फोकस करना चाहते हैं। वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए उनका यह निर्णय रणनीतिक भी माना जा सकता है। वह चाहते हैं कि अपने करियर के बचे हुए सालों में वह एक बार फिर भारत के लिए बड़ा टूर्नामेंट जीत सकें। फैंस को भी उम्मीद है कि वनडे में कोहली फिर से अपने पुराने रंग में दिखेंगे और अपनी बैटिंग से कहर बरपाएंगे।



