सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’ के लिए जबरदस्त तैयारी, आर्मी ऑफिसर बनने के लिए पसीना बहा रहे भाईजान

सलमान खान बनेंगे गलवान के हीरो: जानिए उनकी जबरदस्त तैयारी-सलमान खान जल्द ही एक ऐसी फिल्म में नजर आने वाले हैं जो उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक होगी। ‘बैटल ऑफ़ गलवान’ में वो महावीर चक्र विजेता कर्नल बी. संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं, जिन्होंने 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन झड़प के दौरान देश के लिए अपनी जान दे दी थी।
कर्नल संतोष बाबू: एक सच्चे देशभक्त की कहानी-यह फिल्म कर्नल संतोष बाबू के जीवन और बहादुरी की कहानी को बड़े पर्दे पर उतारने का प्रयास है। कर्नल बाबू 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे और उनकी वीरता की कहानियाँ आज भी लोगों को प्रेरणा देती हैं। फिल्म में सलमान खान उनके बलिदान और देशभक्ति को जीवंत रूप से दर्शाएंगे। यह फिल्म सिर्फ़ एक वॉर ड्रामा नहीं, बल्कि एक भावभीनी श्रद्धांजलि भी है।
सलमान की कठिन ट्रेनिंग: पसीना और लगन-इस किरदार को पर्दे पर उतारने के लिए सलमान खान बेहद कठिन ट्रेनिंग से गुज़र रहे हैं। उनकी ट्रेनिंग में हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट, आउटडोर कार्डियो और एक सख्त डाइट शामिल है। ये ट्रेनिंग बिना एसी और पंखे के की जा रही है, ताकि वो एक आर्मी ऑफिसर की तरह दिख सकें और फिटनेस हासिल कर सकें। उनका लक्ष्य है, शरीर में पानी और फैट की मात्रा को कम करना और एकदम फिट दिखना।
खास डाइट और अनुशासन: सफलता का मंत्र-सलमान ने अपनी डाइट में भी काफी बदलाव किया है। उनका डाइट प्लान बेहद सख्त है जिसमें सिर्फ़ घर का बना खाना, लीन प्रोटीन, उबली हुई सब्जियां और सीमित मात्रा में चावल शामिल है। प्रोसेस्ड फूड और शराब को उन्होंने पूरी तरह से त्याग दिया है। यह अनुशासन और समर्पण उनके लुक और एनर्जी पर साफ़ दिखाई देगा।
लद्दाख में शूटिंग: रियलिस्टिक अनुभव-फिल्म की शूटिंग 15 अगस्त से लद्दाख में शुरू हो रही है। लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों में शूटिंग करने से फिल्म को एक रियलिस्टिक और प्रामाणिक लुक मिलेगा। सलमान को भी असली सैनिकों के माहौल में काम करने का मौका मिलेगा, जिससे उनके किरदार में और भी गहराई आएगी।
एक नया सलमान: हीरो से वॉरियर तक का सफ़र-‘बैटल ऑफ़ गलवान’ में सलमान खान अपने फैंस को एक नए अवतार में दिखेंगे। वो सिर्फ़ एक एक्शन हीरो नहीं, बल्कि एक सच्चे वॉरियर के रूप में नज़र आएंगे। उनकी तैयारी और समर्पण दर्शाता है कि वो इस फिल्म को सिर्फ़ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी के तौर पर ले रहे हैं।


