
सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की गिरावट, निवेशकों की नज़र Q1 के नतीजों पर
शुरुआती गिरावट: क्या है वजह?-बुधवार की सुबह शेयर बाज़ार में हल्की गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 170 अंक गिरकर 83,542.09 पर और निफ्टी 44 अंक गिरकर 25,478.15 पर पहुँच गया। इस गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के नतीजों का इंतज़ार है। निवेशक अभी थोड़े सतर्क नज़र आ रहे हैं।
कुछ शेयरों में गिरावट, कुछ में तेज़ी-बाज़ार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ बड़े शेयरों में गिरावट देखी गई, जिनमें लार्सन एंड टूब्रो, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएल टेक, इंफोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं। हालाँकि, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, मारुति और टाइटन जैसे शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जिससे बाज़ार को थोड़ा सहारा मिला।
वैश्विक संकेतों से अनिश्चितता-Geojit Investments के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का मानना है कि वैश्विक बाज़ार के रुझान बताते हैं कि निवेशक अभी टैरिफ से जुड़ी हलचल को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं और कंपनियों के नतीजों का इंतज़ार कर रहे हैं। वे यह देखना चाहते हैं कि क्या कंपनियों के नतीजे बाज़ार की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं।
अमेरिकी टैरिफ और एशियाई बाज़ार-अमेरिका ने 2 अप्रैल को लगाए गए टैरिफ को 1 अगस्त तक बढ़ा दिया है। इसका एशियाई बाज़ारों पर मिला-जुला असर पड़ा है। साउथ कोरिया का KOSPI और चीन का SSE Composite इंडेक्स बढ़े हैं, जबकि जापान का Nikkei 225 और हांगकांग का Hang Seng इंडेक्स गिरे हैं। अमेरिकी बाज़ार मंगलवार को स्थिर रहे।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट-ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 0.20% की गिरावट आई है और यह 70.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया है। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 9 जुलाई की बैठक के मिनट्स और TCS की 10 जुलाई की कमाई रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं।
एफआईआई और डीआईआई का अलग रुख-मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 26.12 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1,366.82 करोड़ रुपये की खरीदारी की। इससे पता चलता है कि घरेलू निवेशक बाज़ार को सहारा दे रहे हैं, लेकिन वैश्विक संकेतों के कारण अस्थिरता बनी हुई है।
मंगलवार की बढ़त के बाद फिर सुस्ती-मंगलवार को सेंसेक्स 270 अंक चढ़कर 83,712.51 पर और निफ्टी 61 अंक चढ़कर 25,522.50 पर बंद हुआ था। लेकिन बुधवार को बाज़ार फिर से सतर्क दिख रहा है और निवेशकों की नज़र अब तिमाही नतीजों और वैश्विक घटनाओं पर है।



