करोड़ों का चूना लगाने वाले शातिर का खेल खत्म, अब चंडीगढ़ पुलिस के शिकंजे में

चंडीगढ़ : शातिर तरीके से बैंकों और आम लोगों को लूटने वाला निरपाल सिंह बड़िंग आखिरकार चंडीगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। चंडीगढ़ पुलिस की ईओ विंग ने निरपाल बड़िंग को अढाई करोड़ रुपये के फ्रॉड केस में पकड़कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि निरपाल सिंह बड़िंग के खिलाफ पंजाब के विभिन्न थानों में करीब एक दर्जन फ्रॉड केस दर्ज हैं। इतना ही नहीं, कई चेक बाउंस मामलों में भी वह भगौड़ा भी है।
चंडीगढ़ पुलिस की ईओ विंग के अधिकारियों ने बताया कि निरपाल बड़िंग को इस समय जेल भेजा जा चुका है। निरपाल सिंह बडि़ंग के खिलाफ चंडीगढ़ के ईस्ट सेक्टर-26 थाने में एफआईआर नंबर 0016, वर्ष 2022 में दर्ज हुई थी। हमेशा ही धोखाधड़ी करके निरपाल बड़िंग लोगों को शातिर दिमाग से लूटता है और इस केस में भी निरपाल ने अपनी पटियाला स्थित कोठी और राजपुरा स्थित एक बूथ की रजिस्ट्रियों की रंगीन फोटोस्टेट करवा कर इंडियन ओवरसीज बैंक चंडीगढ़ सेक्टर-26 से ढाई करोड़ रुपये का लोन कम लिमिट ले लिया था। बाद में उसने यह लोन नहीं भरा, जिसके बाद इंडियन ओवरसीज बैंक ने चंडीगढ़ पुलिस को इसके खिलाफ आवेदन दिया और बाकायदा इस केस की जांच के बाद निरपाल बडि़ंग, उसके भाई नरेंद्र सिंह और बैंक की शाखा के मैनेजर अदरेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी, जाली रजिस्ट्रियां बैंक में जमा करवाने और अन्य आरोपों के तहत धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी आईपीसी के तहत मामला दर्ज हो गया था।
निरपाल उसके बाद चंडीगढ़ पुलिस के साथ लुकाछिपी का खेल खेलता रहा। आखिर बैंक द्वारा लगातार शिकंजा कसने के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने छापेमारी करके उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि इंडियन ओवरसीज बैंक में जिन रजिस्ट्रियों को रखकर इसने लोन कम लिमिट करवाया था, उन्हीं रजिस्ट्रियों पर यह कुछ साल पहले एचडीबी एफएसएल (एचडीबी फाइनेंशियल सर्विस लिमिटेड) से भी कई करोड़ का लोन ले चुका था और उन्हीं रजिस्ट्रियों को फोटोस्टेट करवा कर जाली बनाकर उस शाखा मैनेजर के साथ मिलकर इसने दोबारा लोन करवाया और उसे भरा ही नहीं।




