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सूर्यकुमार यादव ने जीता दिल: ओमान खिलाड़ियों से की दिल छू लेने वाली मुलाकात

 ‘सूर्या’ का दिल जीत लेने वाला अंदाज़: सिर्फ मैदान पर ही नहीं, मैदान के बाहर भी छाए भारतीय कप्तान!-भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 कप्तान, सूर्यकुमार यादव, जिन्हें हम प्यार से ‘सूर्या’ बुलाते हैं, सिर्फ अपने तूफानी बल्लेबाज़ी के लिए ही नहीं जाने जाते, बल्कि मैदान के बाहर उनकी सादगी और ज़मीनी जुड़ाव भी लोगों के दिलों को छू जाता है। हाल ही में एशिया कप में ओमान के खिलाफ भारत की जीत के बाद, सूर्या ने कुछ ऐसा किया जिसने क्रिकेट प्रेमियों और खासकर ओमान की टीम के खिलाड़ियों के लिए एक यादगार पल बना दिया। यह वाकया दिखाता है कि कैसे एक सच्चा खिलाड़ी सिर्फ खेल के मैदान तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि अपने व्यवहार से भी सबका दिल जीत लेता है।

मैच के बाद की वो खास मुलाकात: जब ‘सूर्या’ ओमान टीम से मिले-ओमान की टीम ने भारत के खिलाफ अपने प्रदर्शन में कोई कसर नहीं छोड़ी और कड़े मुकाबले में सिर्फ 21 रनों से ही उन्हें हार का सामना करना पड़ा। मैच के बाद जब दोनों टीमें मैदान पर आराम कर रही थीं, तभी भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव सीधे ओमान की टीम की ओर बढ़ चले। ओमान टीम के उप-कोच, सुलक्षण कुलकर्णी, जो सूर्या को अंडर-16 दिनों से जानते हैं, उन्होंने सूर्या को बुलाया। बिना किसी औपचारिकता के, एक प्यारी सी मुस्कान के साथ सूर्या ओमान के खिलाड़ियों के बीच जा पहुंचे और उनसे बातें करने लगे। यह पल ओमान के खिलाड़ियों के लिए बेहद खास था, उन्हें लगा जैसे उन्हें एक बड़े स्टार से सम्मान मिल रहा हो। यह मुलाकात खेल भावना का एक बेहतरीन उदाहरण थी, जहाँ जीत-हार से बढ़कर खिलाड़ियों का आपसी सम्मान मायने रखता है।

 खिलाड़ियों से दिल खोलकर हुई बातें: सुझाव और प्रोत्साहन का अनूठा संगम-ओमान टीम के कप्तान, जतिंदर सिंह, ने बाद में बताया कि सूर्या ने उनकी टीम के खेल की खूब तारीफ की। उन्होंने खेल के अलग-अलग पहलुओं पर, जैसे कि दबाव में कैसे प्रदर्शन करना है और किस तरह अपनी रणनीति बनानी है, इस पर कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। सूर्या ने खिलाड़ियों के मन में उठ रहे कई सवालों का बहुत ही धैर्य और प्यार से जवाब दिया। यह कोई औपचारिक बातचीत या लेक्चर जैसा नहीं था, बल्कि एक दोस्ताना और अनौपचारिक चर्चा थी, जिसमें हर खिलाड़ी को लगा कि वे भी इस बातचीत का एक अहम हिस्सा हैं। सूर्या के शब्दों ने ओमान के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया।

 ओमान के उभरते सितारों को मिली ‘सूर्या’ की शाबाशी!-सूर्यकुमार यादव ने ओमान टीम की खेल भावना की जितनी तारीफ की जाए, कम है। उन्होंने खासकर ओमान के उन खिलाड़ियों की अलग से सराहना की जिन्होंने अर्धशतक जमाए थे, जैसे आमिर कलीम और हम्माद मिर्जा। सूर्या ने कहा कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ इतना बेखौफ होकर खेलना और इतने आत्मविश्वास से रन बनाना वाकई काबिले तारीफ है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे प्रदर्शन दूसरे युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। सूर्या की इस सच्ची प्रशंसा ने ओमान के खिलाड़ियों के हौसले को दोगुना कर दिया और उन्हें अहसास कराया कि उनका मेहनत रंग ला रही है।

यादों का खजाना: सेल्फी और मुस्कान से सराबोर पल-जब बातचीत खत्म हुई, तो माहौल और भी खुशनुमा हो गया। ओमान के खिलाड़ियों ने तुरंत अपने मोबाइल निकाले और सूर्या के साथ एक-एक करके सेल्फी लेने लगे। सूर्या ने भी खुशी-खुशी हर किसी के साथ फोटो खिंचवाई और पोज़ दिए। इसके बाद, पूरी ओमान टीम के साथ एक ग्रुप फोटो भी खींची गई। उस ग्रुप फोटो में ओमान के खिलाड़ियों के चेहरे पर जो मुस्कान थी, वो ऐसी थी मानो उन्होंने कोई बड़ी ट्रॉफी जीत ली हो। यह पल उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था, जिसे वे हमेशा संजो कर रखेंगे। यह दिखाता है कि कैसे एक छोटे से प्रयास से भी किसी के दिन को खास बनाया जा सकता है।

 ‘पीपल्स क्रिकेटर’ क्यों कहलाते हैं सूर्या?-यह पूरा वाकया भले ही कुछ ही मिनटों का रहा हो, लेकिन ओमान के खिलाड़ियों और वहां मौजूद क्रिकेट फैंस के लिए यह एक बेहद खास और यादगार अनुभव था। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि असली स्टारडम सिर्फ बड़े स्कोर बनाने या रिकॉर्ड तोड़ने से नहीं आता, बल्कि दूसरों के प्रति सम्मान दिखाने, उनके हौसले बढ़ाने और एक अच्छा इंसान बनने से भी बनता है। यही वजह है कि सूर्यकुमार यादव को दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमी और साथी खिलाड़ी प्यार से ‘पीपल्स क्रिकेटर’ यानी ‘लोगों का खिलाड़ी’ कहते हैं। उनका यह व्यवहार उन्हें एक महान खिलाड़ी के साथ-साथ एक बेहतरीन इंसान भी बनाता है।

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