
नई दिल्ली। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, रबिवार दोपहर Diglipur में Andaman and Nicobar island के निकट रिक्टर पैमाने पर 5.4 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए.
एजेंसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र Diglipur, Andaman and Nicobar island, India से 126 किलोमीटर दक्षिणपूर्व (SE) में था. भूकंप भारतीय समयानुसार 12:06 PM बजे सतह से 90 किलोमीटर की गहराई में आया.
भूकंप के झटके निम्नलिखित इलाकों में महसूस किए गए:
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अंडमान के पास समुद्र में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.4 बताई गई है। भूकंप का केंद्र 90 किमी की गहराई में था। यह भूकंप 12 बजकर 6 मिनट पर महसूस किया गया। फिलहाल भूकंप के बाद हुए नुकसान के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है।
हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।
भारत में क्या हैं भूकंप के जोन
भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी 4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है। भारत में हिमालय क्षेत्र और कुछ अन्य फॉल्ट लाइनों (जैसे कच्छ, पूर्वोत्तर भारत) के कारण भूकंप का खतरा अधिक है, क्योंकि भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।




