सिख युवक से हाथापाई मामले में सख्त एक्शन, इमिग्रेशन मालिक पर FIR दर्ज

जालंधर: शहर के बस स्टैंड के पास इमिग्रेशन ऑफिस में हंगामे की खबर आई है। यहां एक युवक का ऑफिस स्टाफ से झगड़ा हो गया। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि एक सिख आदमी ऑफिस में घुसता है और एक स्टाफ मेंबर मारपीट करने लगता है। बीते दिन की इस घटना लेकर सख्त एक्शन लिया गया है।
इमिग्रेशन मालिक पर FIR
मिली जानकारी के मुताबिक इमिग्रेशन कंपनी ‘द मनिंदर वीजा’ के मालिक मनिंदर सिंह पर FIR दर्ज हो गई है। बताया जा रहा है कि सिख ग्राहक से हाथापाई की वीडियो सामने आते ही पुलिस को शिकायत दर्ज करवाते हुए जांच सौंपी गई। इस संबंधी जानकारी देते हुए बस्ती बावा खेल थाना के इंचार्ज जय इंदर ने बताया कि किसी मामले को लेकर दोनों पक्ष स्पोर्ट्स मार्केट बस्ती नौ में एक फिर आपस में उलझ गए। इस दौरान एक सिख युवक के केसों की बेअदबी और उसके सिर पर गंभीर चोटें आई। इसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। दोनों पक्षों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। पूरे मामले की जांच करते हुए 8 से 10 लोगों के खिलाफ जांच शुरू की और फिर इमिग्रेशन दफ्तर के मालिक मनिंदर सिंह, मोहित तिवाड़ी और कुलबीर सिंह के खिलाफ बस्ती बावा खेल में मामला दर्ज किया गया है।
झगड़े की वजह
जांच दौरान सामने आया है कि, दोनों पक्षों में विवाद पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ थी। आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इमिग्रेशन मालिक की कई सियासी लोगों और पुलिस अधिकारियों के साथ सेटिंग जिसके चलते समझौते करवारने की भी बात चल रही है।
पूरा मामला:
आपको बता दें कि, घटना गत 23 अप्रैल दोपहर की है, जिसकी सीसीटीवी गत दिन 27 अप्रैल को वायरल हुई। सामने आई सीसीटीवी में साफ देखा जा रहा है कि, एक सिख युवक इमिग्रेशन दफ्तर में जाता है। जिसके उसकी कर्मचारियों के साथ बहस शुरू हो जाती जोकि देखते ही देखते हाथापाई में बदल जाती है। इसके बाद स्टाफ के कर्मी ने सिख युवक को घिर लिया और उससे मारपीट की। इसमें एक व्यक्ति ने कांच का गिलास सिख युवक के मारकर हमला किया। सिख युवक हमलावर को मनिंदर नाम लेकर बुला रहा है। इस घटना के बाद घायल सिख युवक के सिर से खून निकलने लगा। इसके बाद दफ्तर का दरवाजा बंद करके सिख युवक से हाथापाई की गई। स्टाफ ने हाथापाई के दौरान युवक का मुंह बंद कर दिया ताकि उसकी आवाज दफ्तर से बाहर न जाए।




