
मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक जिम ट्रेनर पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक 21 वर्षीय युवती, जो साईं फिटनेस जिम में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती है, ने आरोप लगाया है कि जिम के ट्रेनर अमन खान ने उसे छेड़खानी, बेड टच और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का शिकार बनाया। इस मामले में हिंदू संगठन ‘टाइगर फोर्स’ ने युवती का समर्थन किया और थाने का घेराव किया। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी।
मामला क्या है – यह मामला तब शुरू हुआ जब युवती ने जिम में काम करते हुए अमन खान पर आरोप लगाया कि वह उसे और अन्य हिंदू लड़कियों को बेड टच करता है। युवती ने बताया कि अमन खान उन्हें इस्लाम के फायदे बताते हुए धर्म परिवर्तन के लिए उकसाता था। उसने कहा कि अमन ने उसे धमकाया और गालियां दीं जब उसने उसकी हरकतों की शिकायत जिम के मालिक से की।
युवती की शिकायत – युवती ने पुलिस को बताया कि जब उसने अमन की हरकतों की शिकायत की, तो वह नाराज हो गया और उसे धमकाने लगा। उसने कहा, “मैं तुम्हारा जिम आना बंद करवा दूंगा।” इससे पहले भी कई लड़कियां अमन की धमकियों से डरकर जिम छोड़ चुकी थीं। युवती ने अंततः हिंदू संगठन ‘टाइगर फोर्स’ की मदद मांगी, जिसके बाद संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई – पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू की। हालांकि, अमन को इसकी भनक लग गई और वह वहां से भाग निकला। लेकिन पुलिस ने उसे जिम में सामान उठाने के दौरान गिरफ्तार कर लिया। जबलपुर के आधारताल थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे ने बताया कि युवती ने दो महीने पहले जिम में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करना शुरू किया था।
आरोपी की पहचान – आरोपी अमन खान ने जिम में आने वाली महिलाओं और युवतियों को अपना असली नाम बताने के बजाय अमन राज नाम से पहचान बनाई थी। संजना विश्वकर्मा, जो हिंदू टाइगर फोर्स की सदस्य हैं, ने कहा कि उन्हें लंबे समय से इस जिम में लड़कियों के साथ बेड टच करने की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन डर के कारण कोई भी शिकायत करने को तैयार नहीं था।
संगठन का समर्थन – हिंदू टाइगर फोर्स ने युवती का समर्थन करते हुए प्रशासन से मांग की है कि ऐसे जिम, जहां महिला ट्रेनर नहीं हैं, उन्हें बंद किया जाए। संगठन के सदस्यों ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा मुद्दा है जो समाज में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा है।इस मामले ने समाज में एक बार फिर से महिलाओं के खिलाफ हो रहे यौन उत्पीड़न के मुद्दे को उजागर किया है। यह जरूरी है कि महिलाएं अपनी आवाज उठाएं और ऐसे मामलों में आगे आएं। संगठन ने यह भी कहा कि वे इस मामले को लेकर प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



