दिल्ली की हवा में जहर! मई में रिकॉर्ड तोड़ प्रदूषण पर उठे सवाल, क्या अब हर साल इसी तरह दम घुटेगा?

दिल्ली की हवा में जहर: आतिशी का मुख्यमंत्री पर तीखा हमला! दिल्ली की हवा इन दिनों बेहद जहरीली हो गई है। मई के महीने में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि साँस लेना भी मुश्किल हो गया है। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने इस गंभीर मुद्दे पर मुख्यमंत्री को एक खुला पत्र लिखकर जवाब माँगा है।
मई में पहली बार इतना ज़्यादा प्रदूषण!- आतिशी ने अपने पत्र में बताया कि पिछले कुछ सालों में मई महीने में प्रदूषण का स्तर कभी इतना ज़्यादा नहीं रहा। लेकिन इस बार AQI 500 के पार पहुँच गया है, जो बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी की वजह से ही ये हालात बने हैं।
बीजेपी की सरकारें, फिर भी प्रदूषण क्यों?-आतिशी ने सवाल किया कि केंद्र में, उपराज्यपाल के पद पर और MCD में भी बीजेपी की सरकार है, फिर भी प्रदूषण इतना ज़्यादा क्यों है? उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में प्रदूषण कम होना चाहिए, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है। ये साफ़ तौर पर बीजेपी की नाकामी है।
क्या हर साल मई-जून में दम घुटेगा?- आतिशी ने चिंता जताई कि क्या अब हर साल मई-जून में दिल्ली वालों को साँस लेने में दिक्कत होगी? क्या यही दिल्ली की नई पहचान बन जाएगी? उन्होंने सरकार से इस गंभीर सवाल का जवाब माँगा है।
कूड़ा जलने से प्रदूषण, फिर भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं?- आतिशी ने याद दिलाया कि बीजेपी के नेता खुद कह चुके हैं कि कूड़ा जलने से प्रदूषण बढ़ता है। जबकि MCD भी बीजेपी के पास है, तो फिर कूड़ा कौन जला रहा है? उन्होंने कहा कि अब भी AAP पर दोष मढ़ना सही नहीं है, ये चारों तरफ़ से बीजेपी की नाकामी है।
बढ़ती बीमारियाँ और सरकार की चुप्पी- गर्मी और प्रदूषण की वजह से दिल्ली के अस्पतालों में साँस की बीमारियों के मरीज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज़्यादा असर पड़ रहा है। लेकिन सरकार की तरफ़ से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सिर्फ़ वादे, कोई काम नहीं!- आतिशी ने कहा कि सरकार सिर्फ़ वादे कर रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर लोगों की सेहत की ज़िम्मेदारी कौन लेगा?
जनता को चाहिए जवाब!- आतिशी ने कहा कि सरकार को जनता के सामने आकर जवाब देना चाहिए कि मई में ऐसा क्या हुआ कि प्रदूषण इतना बढ़ गया, और अब सरकार क्या करने वाली है। उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत के मामले में चुप्पी सबसे बड़ा सवाल है। दिल्ली की हवा में जहर घुला है और ये केवल राजनीतिक सवाल नहीं, बल्कि हर दिल्लीवासी की चिंता का विषय है। अब सरकार को चाहिए कि वो सिर्फ़ वादे न करे, बल्कि कुछ ठोस कदम उठाए, वरना दिल्ली की हवा और ज़्यादा जहरीली होती जाएगी।




