
इंदौर में भयानक हादसा: नो एंट्री में घुसा बेकाबू ट्रक, 3 की मौत, मचा हाहाकार!
नो एंट्री में ट्रक की एंट्री, मचा कोहराम-सोमवार की शाम इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर जो हुआ, वो किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं था। सोचिए, एक ज़बरदस्त रफ़्तार से आ रहा ट्रक, जिसे कतई उस रास्ते पर नहीं होना चाहिए था, वो सीधा नो एंट्री वाले इलाके में घुस गया। और तो और, उसने वहाँ मौजूद 15 से ज़्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयानक हादसे में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग बुरी तरह घायल हैं। पुलिस की जांच में पता चला कि ट्रक का ड्राइवर नशे में धुत था और उसने गाड़ी का कंट्रोल ही खो दिया था। ये सब होते ही वहां भगदड़ मच गई, लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। गुस्साए लोगों ने तो उसी वक़्त ट्रक को आग के हवाले कर दिया।
3 जिंदगियां खत्म, दर्जनों घायल: मंज़र था दिल दहला देने वाला-इस दुखद हादसे ने कैलाश, लक्ष्मीचंद और महेश जैसे तीन लोगों की ज़िंदगी छीन ली, जो मौके पर ही चल बसे। एक और घायल की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे मरने वालों का आंकड़ा तीन हो गया। बाकी करीब 12 लोग अलग-अलग अस्पतालों में ज़िंदगी और मौत से जूझ रहे हैं और उनका इलाज चल रहा है। जो लोग उस वक़्त वहां मौजूद थे, उन्होंने बताया कि ट्रक अंकित होटल और गीतांजलि अस्पताल के बीच अचानक बेकाबू हो गया था। कई गाड़ियां कुचल गईं और एक बाइक तो ट्रक के नीचे फँसकर घिसटती चली गई, जिसकी वजह से आग लग गई। इस पूरे मंज़र को जिसने भी देखा, उसकी आँखों में आँसू आ गए।
सीएम खुद पहुंचे मदद के लिए, हर संभव मदद का ऐलान-इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत अपना सारा कार्यक्रम रद्द कर दिया। वे सीधे भोपाल से इंदौर पहुंचे और जो लोग घायल हुए थे या जिनके अपने इस हादसे का शिकार हुए थे, उनसे मिले। सीएम ने अफसरों से पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी और घायलों को सबसे अच्छा इलाज देने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवारों को हर तरह की मदद दी जाएगी। घटना वाली जगह पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि हालात को पूरी तरह से कंट्रोल में रखा जा सके। मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि जो भी इसके लिए ज़िम्मेदार हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल-यह हादसा एक बार फिर सड़कों पर सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि नो एंट्री वाले इलाके में इतना बड़ा ट्रक आखिर घुसा कैसे? क्या प्रशासन की तरफ से निगरानी में कोई चूक हुई? और सबसे अहम बात, ट्रक का ड्राइवर नशे में था, तो फिर वो सड़क पर गाड़ी चला कैसे रहा था? ऐसे सवाल अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गए हैं। लोगों का कहना है कि अगर नियमों का ठीक से पालन किया जाता, तो शायद इस भयानक हादसे को टाला जा सकता था। यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि ट्रैफिक नियमों को नज़रअंदाज़ करना और लापरवाही बरतना कितनी बड़ी मुसीबत ला सकता है।




