GST कटौती के बाद Hyundai की दोहरी रणनीति: घरेलू और एक्सपोर्ट दोनों से तेज़ी पकड़ने की तैयारी

GST कटौती: कार बाज़ार में लौटी उम्मीद की लहर, Hyundai को बड़ी राहत!
ऑटो इंडस्ट्री में फिर से जान फूंकने की तैयारी-ऑटो इंडस्ट्री काफी समय से थोड़ी सुस्त चल रही थी, लेकिन अब लगता है कि हालात बदलने वाले हैं। सरकार ने GST की दरों में जो कटौती की है, उससे कार बनाने वाली कंपनियों को एक नई उम्मीद मिली है। Hyundai Motor India का मानना है कि इस फैसले से देश के अंदर कार की बिक्री में फिर से तेजी आएगी। कंपनी का कहना है कि जब टैक्स कम होते हैं, तो लोगों का मन भी खुश होता है और वे खरीदारी के लिए प्रेरित होते हैं। इससे शहरों और गांवों, दोनों जगहों पर बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। पिछले साल, शहरों में आर्थिक तंगी और दुनिया भर के हालात की वजह से बिक्री थोड़ी कम रही थी। वहीं, गांवों में भी बारिश और फसल की स्थिति बिक्री पर असर डालती है। लेकिन अब जब टैक्स कम हो गए हैं और लोगों का मूड भी अच्छा हो रहा है, तो कंपनी को पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में घरेलू बिक्री में ज़बरदस्त उछाल आएगा। यह Hyundai के लिए एक बेहतरीन मौका है कि वे बाज़ार में अपनी पकड़ को और भी मज़बूत कर सकें।
जब देश में बिक्री थमी, तो बढ़ाया एक्सपोर्ट का दम-पिछले 6 से 8 महीनों में Hyundai ने अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया था। जब भारत में कारें थोड़ी कम बिक रही थीं, तब कंपनी ने दूसरे देशों में एक्सपोर्ट बढ़ाने पर ज़ोर दिया। कंपनी के COO, तरुण गर्ग, बताते हैं कि Hyundai हमेशा से एक्सपोर्ट में अच्छा करती आई है। हालांकि, पिछले कुछ सालों में प्रोडक्शन कैपेसिटी कम होने की वजह से घरेलू बाज़ार पर ज़्यादा ध्यान दिया गया था। लेकिन जब यहाँ मांग कम हुई, तो कंपनी ने समझदारी दिखाते हुए निर्यात को तेज़ी से बढ़ाया। इसका असर भी देखने को मिला। अप्रैल से अगस्त 2024 के बीच, जहाँ घरेलू बिक्री 11.2% घटकर 2,20,233 यूनिट्स रही, वहीं इसी दौरान एक्सपोर्ट 12.45% बढ़कर 80,740 यूनिट्स तक पहुँच गया। ये आँकड़े साफ दिखाते हैं कि कंपनी ने समय के साथ अपनी रणनीति को कितनी जल्दी बदला। अब जब GST कटौती से घरेलू मांग बढ़ने की उम्मीद है, तो कंपनी दोनों तरफ, यानी देश और विदेश, एक साथ काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
डबल इंजन ग्रोथ’ का कमाल का फॉर्मूला-Hyundai की आगे की रणनीति एकदम साफ है – एक तरफ देश के बाज़ार को संभालना और दूसरी तरफ एक्सपोर्ट पर भी अपनी पकड़ बनाए रखना। तरुण गर्ग का कहना है कि कंपनी के लिए आगे का रास्ता ‘डबल इंजन ड्राइव’ की तरह होगा। इसका मतलब है कि एक्सपोर्ट और घरेलू बिक्री, दोनों मिलकर कंपनी को आगे ले जाएंगे। पिछले साल जब देश के बाज़ार में थोड़ी मंदी थी, तब एक्सपोर्ट ने एक तरह से संतुलन बनाए रखने में मदद की। अब GST में सुधार और लोगों के बढ़ते उत्साह से घरेलू बिक्री के भी तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है। इस तरह, कंपनी के पास आगे बढ़ने के लिए दो मज़बूत सहारे होंगे। यह रणनीति Hyundai को न केवल बाज़ार में अपना हिस्सा बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि इसे बाकी कंपनियों से आगे रहने में भी मदद करेगी।
नई फैक्ट्री से प्रोडक्शन में आया बड़ा उछाल-Hyundai के सामने एक बड़ी चुनौती थी – प्रोडक्शन कैपेसिटी। कंपनी के चेन्नई प्लांट में सालाना 8.24 लाख गाड़ियाँ बनाने की क्षमता है। लेकिन अब महाराष्ट्र में Talegaon प्लांट के चालू होने से इसमें काफी इज़ाफ़ा होगा। अक्टूबर 2025 तक यह प्लांट 1.7 लाख गाड़ियाँ और बनाएगा, जिससे कुल क्षमता बढ़कर 9.94 लाख यूनिट्स हो जाएगी। इतना ही नहीं, वित्तीय वर्ष 2028 तक Talegaon प्लांट से 80,000 और यूनिट्स जुड़ जाएंगी, जिससे कंपनी की कुल सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी लगभग 11 लाख यूनिट्स तक पहुँच जाएगी। यह विस्तार Hyundai को आने वाले सालों में देश और दुनिया भर की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगा।
एक्सपोर्ट से कमाई बढ़ी, अब घरेलू बाज़ार से आएगा संतुलन-Hyundai की कमाई में एक्सपोर्ट का योगदान लगातार बढ़ रहा है। पिछले साल जहाँ यह 21% था, वहीं इस साल की पहली तिमाही में यह बढ़कर 27% तक पहुँच गया। लेकिन अब जब घरेलू बिक्री के भी फिर से रफ़्तार पकड़ने की उम्मीद है, तो कंपनी के लिए यह एक बहुत अच्छा मौका है। दोनों बाज़ारों में एक साथ मज़बूत पकड़ बनाना Hyundai के लिए लंबे समय तक लगातार विकास सुनिश्चित करेगा। यह तब और भी खास हो जाता है जब प्रोडक्शन कैपेसिटी भी बढ़ रही है और बाज़ार का माहौल भी सकारात्मक हो रहा है।




