
पंजाब में बाढ़ का कहर: 250 से ज़्यादा गाँव डूबे, जनजीवन अस्त-व्यस्त!
पंजाब के कई जिलों में बाढ़ ने मचाई तबाही-पंजाब इस समय एक भयानक बाढ़ की चपेट में है। सूबे के पठानकोट, गुरदासपुर, मानसा, अमृतसर, तरनतारन, फाजिल्का, कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी और होशियारपुर जैसे इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इन जिलों के करीब 250 से भी ज़्यादा गाँव पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं, जहाँ पानी का स्तर 5 से 15 फीट तक पहुँच गया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 8 लोगों की जान जा चुकी है और 3 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और वे मदद की गुहार लगा रहे हैं।
सुखना झील और घग्गर नदी का बढ़ा जलस्तर, ग्रामीण परेशान-चंडीगढ़ की सुखना झील से पानी छोड़े जाने और घग्गर नदी के उफान पर होने की वजह से हालात और भी बदतर हो गए हैं। पटियाला जिले के कई गाँव पूरी तरह से पानी में समा गए हैं। खास तौर पर खजूर मंडी, टिवाना, साधनपुर और सरसीनी जैसे इलाकों में पानी भर जाने से वहाँ के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग पिछले साल 2023 की बाढ़ की डरावनी यादों से सहमे हुए हैं, हालांकि शुक्रवार शाम को पानी के स्तर में थोड़ी कमी आने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
करतारपुर साहिब भी बाढ़ की चपेट में, फिर भी राहत कार्य जारी-पाकिस्तान के नारोवाल में स्थित पवित्र गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब भी बाढ़ की मार झेलने से अछूता नहीं रहा। यहाँ पानी करीब 10 फीट तक पहुँच गया था। लेकिन, मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ के आदेश पर तुरंत सफाई अभियान शुरू किया गया और शुक्रवार शाम तक पूरे गुरुद्वारा परिसर से पानी को सफलतापूर्वक हटा लिया गया। यह दिखाता है कि मुश्किल घड़ियों में भी राहत और बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी: भारी बारिश का अलर्ट जारी-मौसम विभाग ने पंजाब के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर दिया है। शनिवार, 30 अगस्त को पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर जैसे जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं, गुरदासपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को हुई बारिश के कारण पंजाब के कई हिस्सों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 1 सितंबर तक लगातार बारिश होने की संभावना बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश से सटे जिलों में अगले दो दिनों तक तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।
बचाव कार्य में जुटी सेना और प्रशासन, लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा-बाढ़ से प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य पूरी तेज़ी से चल रहा है। विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि राहत कार्यों के लिए 20 सैन्य हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। हर प्रभावित जिले की कमान एसएसपी को सौंपी गई है ताकि हालात पर तुरंत काबू पाया जा सके। इस बड़े बचाव अभियान में पंजाब पुलिस, भारतीय सेना, बीएसएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। अब तक 7,689 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार राहत सामग्री भेजी जा रही है और लोगों को सुरक्षित शिविरों में ठहराया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की है और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
बरनाला में दर्दनाक हादसा: बारिश के कारण छत गिरने से एक की मौत-एक तरफ जहाँ बाढ़ ने तबाही मचाई है, वहीं लगातार हो रही बारिश ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार सुबह बरनाला जिले के गुरुनानकपुरा इलाके में एक दुखद घटना हुई। भारी बारिश के कारण एक मकान की छत अचानक ढह गई, जिसमें एक दंपत्ति मलबे के नीचे दब गया। इस हादसे में पति लखविंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सुखी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना दर्शाती है कि बारिश का मौसम भी कितना खतरनाक साबित हो सकता है और हमें प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए और भी बेहतर तैयारी की आवश्यकता है।




