
छत्तीसगढ़ पुलिस को मिली नई ताकत: 153 आईपीएस अधिकारी संभालेंगे कमान!-छत्तीसगढ़ की पुलिस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है! केंद्र सरकार ने प्रदेश के आईपीएस कैडर में 11 पदों की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब कुल आईपीएस अधिकारियों की संख्या 142 से बढ़कर 153 हो गई है। यह फैसला 21 मई को भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुआ।
प्रमोशन और नई भर्तियाँ: खुशखबरी पुलिस अफसरों के लिए!-इस फैसले से राज्य पुलिस सेवा के अफसरों को प्रमोशन में तेजी आएगी और नई भर्तियों के रास्ते भी खुलेंगे। अनुभवी अफसरों को आईपीएस बनने के और ज़्यादा मौके मिलेंगे, जिससे पुलिस विभाग में नई ऊर्जा का संचार होगा। यह कदम न सिर्फ़ पुलिसकर्मियों के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक सकारात्मक बदलाव है।
नए जिले, नए पद: सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी मज़बूती-कैडर विस्तार के साथ ही राज्य में कई नए जिलों और स्पेशल यूनिट्स में एसपी जैसे पदों का सृजन हुआ है। इससे पहले, 2017 में हुए कैडर रिवीजन के बाद साइबर क्राइम, राज्य जाँच एजेंसी (SIA) और नए जिलों में एसपी पद बनाए गए थे। इस बार भी कुछ नए पदों का सृजन किया गया है ताकि हर जिले में एक योग्य और अनुभवी एसपी हो।
आरआर कोटे में बढ़ोतरी: प्रमोशन के और मौके!-आरआर (रिजर्व रिक्रूट) कोटे की संख्या 99 से बढ़ाकर 109 की गई है। राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस में जाने वाले अफसरों का कोटा भी 43 से बढ़ाकर 46 कर दिया गया है। इससे राज्य पुलिस सेवा में काम कर रहे अनुभवी अफसरों को आईपीएस बनने का ज़्यादा मौका मिलेगा।
चौथा कैडर रिवीजन: छत्तीसगढ़ पुलिस का सफ़र-छत्तीसगढ़ बनने के बाद यह चौथी बार है जब आईपीएस कैडर का विस्तार किया गया है। पहला रिवीजन 2004 में हुआ था, जिसमें 81 पद मंज़ूर हुए थे। इसके बाद 2010 और 2017 में भी रिवीजन हुए। यह चौथा रिवीजन राज्य की बढ़ती सुरक्षा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बहुत ज़रूरी था।
नए जिलों की ज़रूरतें: मज़बूत पुलिस व्यवस्था का आधार-पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ में कई नए जिले बने हैं, जिससे प्रशासनिक ज़िम्मेदारियाँ बढ़ गई हैं। इन जिलों में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए नए आईपीएस अधिकारियों की ज़रूरत थी, इसलिए कैडर बढ़ाया गया है।
जनता का भरोसा: मज़बूत पुलिसिंग का परिणाम-आईपीएस कैडर की इस बढ़ोतरी से छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग व्यवस्था और प्रभावी होगी। नई भर्तियों और प्रमोशन से अफसरों का मनोबल बढ़ेगा और आम लोगों को भी सुरक्षित माहौल मिलेगा। यह कदम छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




