Category: देश-विदेश

  • उत्तराखंड में शिक्षा के नए आयाम, राज्य को मिलेंगे चार नए केंद्रीय विद्यालय

    उत्तराखंड में शिक्षा के नए आयाम, राज्य को मिलेंगे चार नए केंद्रीय विद्यालय

    देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय के अंतर्गत देशभर में 85 नए केंद्रीय विद्यालयों को मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य देश के हर कोने में गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा का विस्तार करना है। उत्तराखंड के लिए यह निर्णय बेहद खास है क्योंकि इसके तहत राज्य में चार नए केंद्रीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे।

    उत्तराखंड के पर्वतीय और दूरदराज क्षेत्रों में बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच एक बड़ी चुनौती रही है। केंद्रीय विद्यालयों के माध्यम से राज्य के छात्रों को बेहतर शिक्षण सुविधाएं, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। इन विद्यालयों को देशभर में 5,872.08 करोड़ की अनुमानित लागत से बनाया जाएगा। यह न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। इस परियोजना के तहत 82,560 छात्रों को लाभ मिलेगा और 5,388 स्थायी नौकरियों का सृजन होगा।

    राज्य में चार नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना न केवल स्थानीय छात्रों के लिए शैक्षिक अवसर बढ़ाएगी बल्कि उत्तराखंड के शिक्षा और विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इन स्कूलों के माध्यम से विशेष रूप से उन क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार होगा, जहां अब तक बेहतर सुविधाओं की कमी थी।

    शिक्षा का विकेंद्रीकरण और समावेशन प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल शिक्षा के विकेंद्रीकरण और समावेशन को बढ़ावा देगी। यह योजना उत्तराखंड जैसे राज्य के लिए वरदान साबित हो सकती है, जहां भौगोलिक कठिनाइयों के कारण शिक्षा तक पहुंच में बाधाएं आती हैं।

    इस निर्णय पर उत्तराखंड के लोगों में उत्साह है। राज्यवासियों की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय कैबिनेट के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि यह पहल उत्तराखंड के युवाओं को भविष्य के लिए सशक्त बनाएगी और राज्य के समग्र विकास में सहायक होगी। उत्तराखंड में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ने से राज्य की शिक्षा प्रणाली को मजबूती मिलेगी। यह पहल न केवल छात्रों को गुणवत्ता-आधारित शिक्षा प्रदान करेगी, बल्कि राज्य के शिक्षा ढांचे को एक नई दिशा देने का कार्य करेगी।

  • उत्तराखंड में हवाई संपर्क में हुआ अभूतपूर्व विस्तार

    उत्तराखंड में हवाई संपर्क में हुआ अभूतपूर्व विस्तार

    देहरादून । भौगोलिक चुनौतियों वाले उत्तराखंड में दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए सरकार ने हवाई सेवाओं का विस्तार किया है। बीते दो वर्षों में आठ हैलीपोर्ट तैयार किए गए हैं, जबकि छह अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने सहस्रधारा, श्रीनगर, गौचर, चिन्यालीसौड़, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और मुनस्यारी में हैलीपोर्ट तैयार किए हैं। इसके अलावा, त्रिजुगीनारायण, जोशीमठ, मसूरी, रामनगर, बागेश्वर और हरिद्वार में हैलीपोर्ट निर्माण अगले एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
    यूकाडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी दयानंद सरस्वती के मुताबिक राज्य में अब 100 से अधिक हैलीपैड बनकर तैयार हो चुके हैं। जो यात्री सेवा या आपातकालीन स्थिति में ऑपरेशन के लिए उपलब्ध हैं। इस तरह राज्य में अब दूर दराज तक एयर कनेक्टिविटी के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो चुकी हैं।
    राज्य सरकार पंतनगर और जौलीग्रांट एयरपोर्ट का विस्तार कर रही है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की कार्यवाई की जा रही है। पंतनगर एयरपोर्ट का विकास ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की तर्ज पर जबकि जौलीग्रांट का विकास इंटरनेशनल मानकों के अनुसार किया जा रहा है। हैलीपोर्ट पर एक साथ कई हैलीकॉप्टर की पार्किंग, मेंटीनेंस (हैंगर) सुविधा के साथ ही यात्रियों के लिए विश्राम करने, कैंटीन, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। हैलीपोर्ट का निर्माण एयरपोर्ट की तर्ज पर किया जाता है।
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश का आम आदमी भी हवाई यात्रा कर सके। उड़ान योजना और मुख्यमंत्री उड़नखटौला योजना के तहत हवाई सेवाओं का विस्तार तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा देगा।

  • मुख्यमंत्री धामी ने बाबा साहेब को दी श्रद्धांजलि, समानता और सामाजिक न्याय का लिया संकल्प

    मुख्यमंत्री धामी ने बाबा साहेब को दी श्रद्धांजलि, समानता और सामाजिक न्याय का लिया संकल्प

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की महापरिनिर्वाण दिवस पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें याद किया।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बाबा साहब बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। वे विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ ही अनेक भाषाओं के जानकार भी थे। उन्होंने भारत के संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सामाजिक न्याय व समानता की अद्वितीय मिसाल पेश की।मुख्यमंत्री धामी ने बाबा साहब को नमन करते हुए कहा कि हमें उनके आदर्शों पर चलकर एक समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए। बाबा साहब ने अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके आदर्श आज भी प्रेरणादायक हैं।

  • उत्तराखंड में अगले 48 घंटे में बिगड़ेगा मौसम, बारिश और हिमपात का अलर्ट

    उत्तराखंड में अगले 48 घंटे में बिगड़ेगा मौसम, बारिश और हिमपात का अलर्ट

    देहरादून । उत्तराखंड में मौसम का मिजाज 7 दिसंबर से बिगड़ने वाला है, जब पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे 08 और 09 दिसंबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। देहरादून, नैनीताल, पौड़ी और टिहरी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इस बारिश के साथ ठंड में वृद्धि होगी और सूखी ठंड से राहत मिलेगी। हालांकि, 10 दिसंबर से मौसम साफ रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

    राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह ने बताया कि मौसम में ये बदलाव प्रदेशभर में तापमान में गिरावट लाएंगे, जिससे कड़ाके की ठंड बढ़ेगी। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है, जो पर्यटकों के आकर्षण का कारण बनेगी। ऐसे में लोग सर्दी से बचाव के लिए सतर्क रहें और बारिश के दौरान यात्रा करते वक्त सतर्क रहें।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ठंड के बढ़ते प्रभाव से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्हें अत्यधिक ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनने और पर्याप्त आहार लेने की सलाह दी गई है, ताकि सर्दी से संबंधित बीमारियों से बचा जा सके।

  • पंजाब के किसान आज करेंगे दिल्ली कूच

    पंजाब के किसान आज करेंगे दिल्ली कूच

    चंडीगढ़। हरियाणा व पंजाब के शंभू बार्डर पर धरना दे रहे किसान शुक्रवार को बाद दोपहर दिल्ली कूच करेंगे। किसान संगठन शंभू बार्डर पर जुटने शुरू हो गए हैं। शंभू बार्डर पर किसानों का धरना 297 दिनों से जारी है। शुक्रवार को गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर किसानों ने शंभू बार्डर छोडक़र दिल्ली की तरफ कूच का ऐलान किया है। आज सुबह किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि आमरण अनशन 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
    पिछले दस महीने में केंद्र व राज्य के मंत्रियों को ज्ञापन दिए गए लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। अब आज बाद दोपहर 101 किसान-मजदूर दिल्ली कूच करेंगे। पंधेर ने कहा कि हरियाणा की कई खाप पंचायतें किसानों के समर्थन में हैं। कई व्यापारिक संगठन भी सहयोग कर रहे हैं। पंधेर ने कहा कि किसानों का अब अगला लक्ष्य दिल्ली कूच है। इसके लिए कोई रास्ता अपनाया जा सकता है। बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।
    इस बीच हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बीती देर रात चंडीगढ़ से अंबाला, कुरूक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, व सिरसा के पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक करके सुरक्षा व्यस्था का जायजा लिया। हरियाणा के जिलों से लगती पंजाब की सीमा को सील कर दिया गया है। हालांकि किसानों ने शंभू बार्डर से दिल्ली कूच का ऐलान किया है लेकिन किसान अन्य रास्तों से भी दिल्ली की तरफ कूच कर सकते हैं। जिसके चलते सभी सीमावर्ती जिलों की पुलिस को सतर्क किया गया है।

  • सहकार भारती का आठवां राष्ट्रीय अधिवेशन छह से आठ दिसंबर तक अमृतसर : दीना नाथ ठाकुर

    सहकार भारती का आठवां राष्ट्रीय अधिवेशन छह से आठ दिसंबर तक अमृतसर : दीना नाथ ठाकुर

    चंडीगढ़। सहकार भारती का आठवां राष्ट्रीय सम्मेलन अमृतसर ओं रेलवे ग्राउंड बी-ब्लॉक के पास किला गोबिंदगढ़ में आयोजित किया जा रहा है। सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीना नाथ ठाकुर, राष्ट्रीय उच्च मंत्री उदे जोशी, संरक्षक पंजाब अश्वनी मल्होत्रा, पंजाब अध्यक्ष बलराम दास बावा, पंजाब के मुख्य मंत्री रविंदर ठाकुर ने गुरुवार काे मीडिया काे बताया कि छह दिसंबर को दोपहर ढाई बजे 2.30 बजे व सात दिसंबर को रात 10 बजे ध्वजारोहण समारोह होगा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दत्तात्रेय होसबोले करेंगे और विशेष रूप से पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया माैजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि 8 दिसंबर को सुबह 12.30 बजे केंद्रीय परिवहन एवं सड़क मंत्री नितिन गडकरी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन भाषण के लिए समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत देश में समाज को एकजुट करना तथा घर-घर तक सहयोग का प्रचार व प्रसार करना है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में पूरे भारत से बड़ी संख्या में लोग भाग लेंगे. उन्होंने कहा कि पंजाब में पहली बार गुरु नगरी अमृतसर में समारोह आयोजित करने का अवसर मिला है और पंजाब के पदाधिकारियों की बड़ी मंशा थी कि इस बार समारोह पंजाब में हो, ताकि प्रचार-प्रसार तेज हो सके. . इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों से जुड़े लोगों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगेगी, जो इस कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र होगी। उन्होंने सभी लोगों से राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने की अपील की। इस अवसर पर राजेश मेहरा पिंकी, अक्षय मल्होत्रा, शंकर दत्त तिवारी, राजिंदर बिष्ट, पवन कुंद्रा, अनमोल चेयता, एडवोकेट राहुल पुंज समेत कई पदाधिकारी माैजूद थे।

     

  • बीएसएफ ने सीमावर्ती जिलों से करोड़ों की हेरोइन समेत तीन तस्कर पकड़े

    बीएसएफ ने सीमावर्ती जिलों से करोड़ों की हेरोइन समेत तीन तस्कर पकड़े

    चंडीगढ़। बीएसएफ ने पंजाब पुलिस के साथ मिलकर सीमावर्ती जिलों में सर्च ऑपरेशन चलाते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार करके करीब 30 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त की है।
    बीएसएफ प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि बुधवार की देर रात चलाए गए एक सर्च अभियान के दौरान बीएसएफ तथा पंजाब पुलिस ने गुरदासपुर क्षेत्र में दो भारतीय तस्करों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से चार किलो 524 ग्राम हेरोइन बरामद की है। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से स्कूटी, बाइक तथा एक लैपटॉप भी बरामद किया गया है।

    बीएसएफ के अनुसार एक अन्य सर्च ऑपरेशन के दौरान फाजिल्का क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। यह तीनों तस्कर पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन को पंजाब व अन्य स्थानों पर पहुंचाने का काम करते थे। इस बीच बीएसएफ ने एक अन्य सूचना के आधार पर पंजाब के सीमावर्ती जिला तरनतारन में कार्रवाई करते हुए खेतों में से 551 ग्राम हेरोइन बरामद की है। यह हेरोइन पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा में ड्राेन के जरिये गिराई गई थी। बीएसएफ द्वारा पता लगाया जा रहा है कि तरनतारन क्षेत्र से बरामद हेरोइन किसी व्यक्ति द्वारा उठाई जानी थी। पंजाब पुलिस तथा बीएसएफ द्वारा इस मामले में जांच की जा रही है।

  • दून पुस्तकालय में काव्य संग्रह ‘कागज निगोड़े’ का लोकार्पण

    दून पुस्तकालय में काव्य संग्रह ‘कागज निगोड़े’ का लोकार्पण

    देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में गुरुवार को साहित्यकार प्रोफेसर रामविनय सिंह, साधना शर्मा और डॉ. अरुण कुकसाल ने जीवन की कठिनाइयों और सच्चाइयों को कागज पर उकेरने वाले युवा साहित्यकार मनु मनस्वी के काव्य संग्रह ‘कागज निगोड़े’ का लोकार्पण किया। इस संग्रह में मनु ने न केवल प्रेम और भूख जैसे मानवीय भावों को गहरे तरीके से प्रस्तुत किया है, बल्कि जीवन के विभिन्न पहलुओं को बिना किसी लाग-लपेट के पाठकों के सामने रखा है। लोकार्पण के साथ हुई चर्चा में साहित्यकारों ने इस संग्रह को जीवन की तल्ख सच्चाईयों का काव्यात्मक रूप माना।
    वक्ताओं ने कहा कि साहित्यकार मनु मनस्वी के काव्य संग्रह ‘कागज निगोड़े’ की कविताएं जीवन के कई पहलुओं को छूती नजर आती हैं। कविताओं में प्रेम और भूख को इस शिद्दत के साथ पेश किया गया है, मानों इन्हें वर्षों तक भोगा गया हो। मनु मनस्वी की कविताओं में कई रंग दिखते हैं, जिसे वह बेहद ईमानदारी से पाठकों के सामने रखते हैं। कुछ कविताएं भोगे हुए कर्मों के सही-गलत होने का भान भी कराती हैं। ‘कागज निगोड़े’ काव्य संग्रह पर चर्चा करते हुए प्रो. राम विनय सिंह ने कहा कि संग्रह की कविताएं हमें जीवन की तल्ख हकीकत से रूबरू करवाती हैं। वहीं साधना शर्मा ने कहा कि युवा कवि का यह प्रयास बेहद सफल रहा है। उन्होंने जीवन की सच्चाई को पाठकों के सामने उधेड़कर रख दिया है और वह भी बिना किसी लाग-लपेट के। डॉ. अरुण कुकसाल ने मनु मनस्वी की इन लघु कविताओं को जीवन के अंतरसंबंधों का पर्याय बताते हुए उन्हें अति महत्वपूर्ण बताया। मनु मनस्वी बीते दो दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। कार्यक्रम के आरंभ में दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के प्रोग्राम एसोसिएट चंद्रशेखर तिवारी ने उपस्थित अतिथियों व सभागार में मौजूद लोगों का स्वागत किया।
    इस अवसर पर रजनीश त्रिवेदी, मदन मोहन चमोली, विजय सिंह नेगी, हरिचंद निमेष, डॉ. लालता प्रसाद, देवेंद्र कांडपाल, शिव प्रसाद जोशी, अनीता बडोनी, त्रिलोचन भट्ट, सपना पांडे, दयासागर अरोड़ा, सुंदर सिंह बिष्ट, सुनीता चौहान, जगदीश सिंह महर, शैलेन्द्र नौटियाल सहित शहर के अनेक लेखक, पत्रकार, साहित्यकार और दून पुस्तकालय के युवा पाठक उपस्थित रहे।

  • सुखबीर पर हमला करने वाला नारायण चौड़ा आतंकी गतिविधियों में रहा है लिप्त

    सुखबीर पर हमला करने वाला नारायण चौड़ा आतंकी गतिविधियों में रहा है लिप्त

    चंडीगढ़। अमृतसर स्थित दरबार साहिब में सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला करने का आरोपी नारायण सिंह चौड़ा आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहा है। चौड़ा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारोपियों की मदद करने वाले आतंकियों में शामिल रहा है और इस मामले में जेल भी काट चुका है। नारायण सिंह चौड़ा गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक का रहने वाला है। वह सिख संगठन दल खालसा का मेंबर है। अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर स्वयं चौड़ा से पूछताछ कर चुके हैं। इस बीच अकाली दल ने आक्रामक होकर सरकार को घेर लिया है। अकाली नेता दलजीत चीमा ने कहा कि गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर रंधावा का साथी मार्केट कमेटी का चेयरमैन है। गोली चलाने वाला व्यक्ति चेयरमैन के साथी का भाई है। सुखबीर के सुरक्षाकर्मियों को भी इसकी भनक लग गई। उन्होंने चौड़ा पर नजर रखी। चौड़ा पहले वहां घूमता रहा। इसके बाद वह धीरे-धीरे दरबार साहिब गेट तक बढ़ा, जहां सुखबीर बादल व्हीलचेयर पर बैठकर सेवादार की ड्यूटी कर रहे थे। पंजाब के डीजीपी लॉ एंड आर्डर अर्पित शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब पुलिस की मुस्तैदी के कारण यह हमला असफल हो गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस के कांस्टेबल रछपाल सिंह ने आरोपी को सबसे पहले पकड़ा और फायर की दिशा बदल गई। इसके बाद वहां तैनात कांस्टेबल जसबीर सिंह व परविंद्र सिंह ने नारायण सिंह चाैड़ा को दबोच लिया। हमला करने वाला नारायण सिंह वर्ष 1984 से आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है।

  • उत्तराखंड में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए नई पहल, “गोल्डन ऑवर” पर फोकस

    उत्तराखंड में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए नई पहल, “गोल्डन ऑवर” पर फोकस

    देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। राज्य में एक सुदृढ़ इमरजेंसी ट्रॉमा केयर नेटवर्क स्थापित करने के उद्देश्य से देहरादून में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में विशेषज्ञों और संस्थानों ने मिलकर आपदा और दुर्घटना के समय “गोल्डन ऑवर” के भीतर मरीजों को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की रणनीतियों पर चर्चा की। बैठक में स्टेट हेल्थ सिस्टम रिसोर्स सेंटर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश और हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान गंभीर रूप से घायल मरीजों को “गोल्डन ऑवर” के भीतर उच्च-स्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए रणनीतियां साझा की गईं।
    कार्यकारी निदेशक एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक स्वाति एस. भदौरिया ने इस पहल को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जोर दिया कि ट्रॉमा केयर नेटवर्क से आपात स्थिति में पीड़ितों को त्वरित और सटीक चिकित्सा सहायता मिलेगी।
    तकनीकी नवाचार और प्रशिक्षण पर फोकस भदौरिया ने कहा कि एंबुलेंस सेवाओं (108) को स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तृत मैप उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने एक मोबाइल ऐप विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे आपातकालीन घटना के निकटतम स्वास्थ्य केंद्र को तुरंत अलर्ट भेजा जा सके। इस ऐप के माध्यम से मेडिकल स्टाफ पहले से तैयार होकर पीड़ित को त्वरित उपचार प्रदान कर सकेगा।साथ ही ट्रॉमा केयर में पैरामेडिक्स और चिकित्सा कर्मियों के प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने निर्देश दिए कि धरातल पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष ट्रॉमा ट्रेनिंग और संवेदनशीलता प्रशिक्षण दिया जाए।
    विशेषज्ञों के विचार बैठक में एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति, डॉ. मदन लाल ब्रह्म भट्ट ने कम्युनिटी हेल्थ वर्कर्स की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि इन वर्कर्स को प्राथमिक चिकित्सा और ट्रॉमा प्रबंधन में प्रशिक्षित किया जाए।एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मधुर उनियाल ने ट्रॉमा केयर नेटवर्क की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि एम्स इस दिशा में हर संभव सहयोग करेगा।
    बैठक में हेल्थ फैसिलिटी मैपिंग, संवेदीकरण कार्यक्रम और तकनीकी नवाचार के जरिए उत्तराखंड में ट्रॉमा केयर सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने की योजना बनाई गई। इस दौरान विभिन्न विभागों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें सेव लाइफ फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।