
अडानी पावर का बड़ा फैसला: शेयर होंगे कई गुना, छोटे निवेशकों की बल्ले-बल्ले!
शेयरधारकों की हरी झंडी, अब हर कोई कर सकेगा निवेश!-अडानी पावर ने हाल ही में अपने शेयरधारकों से एक बहुत ही अहम मंजूरी हासिल कर ली है, और वो है स्टॉक स्प्लिट की। सोचिए, 10 रुपये का एक शेयर अब 5 छोटे-छोटे शेयरों में बंट जाएगा, हर एक की कीमत 2 रुपये होगी। यह सब हुआ शेयरधारकों की मंजूरी से, जो पोस्टल बैलेट के ज़रिए मिली। यह फैसला 1 अगस्त 2025 को जारी किए गए नोटिस के बाद हुआ और इसे काफी बहुमत से पास किया गया। इसका सीधा मतलब है कि अब आपके पास अडानी पावर के ज्यादा शेयर होंगे, लेकिन घबराइए नहीं, कंपनी की कुल वैल्यू में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बस शेयरों का बंटवारा होगा, जिससे वे ज्यादा लोगों के लिए सुलभ हो जाएंगे। यह वोटिंग प्रक्रिया 6 अगस्त से शुरू होकर 4 सितंबर तक चली, जिसमें शेयरधारकों ने अपनी राय दी।
छोटे निवेशकों को मिलेगा मौका, कंपनी की नई रणनीति!-कंपनी का यह कदम खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो शेयर बाज़ार में नए हैं या जिनके पास निवेश के लिए बहुत बड़ी रकम नहीं है। अडानी पावर चाहती है कि रिटेल और छोटे निवेशक भी कंपनी के विकास में भागीदार बनें। बोर्ड ने 1 अगस्त 2025 को हुई अपनी मीटिंग में इस विचार को हरी झंडी दी थी और इसे लागू करने की सिफारिश की थी। पहले कई बार ऐसा होता था कि शेयर की कीमत ज्यादा होने की वजह से लोग निवेश करने से कतराते थे, लेकिन अब यह समस्या दूर हो जाएगी। कंपनी ने यह भी साफ कर दिया है कि इस स्प्लिट से कंपनी की कुल पूंजी, यानी उसका अधिकृत, जारी, सब्सक्राइब और पेड-अप शेयर कैपिटल, बिल्कुल वैसा ही रहेगा। सिर्फ शेयरों की संख्या बढ़ेगी और हर शेयर की कीमत कम हो जाएगी, जिससे यह सबके लिए एक बढ़िया मौका बन जाएगा।
रिकॉर्ड डेट का इंतज़ार, शेयरों की गिनती में बड़ा उछाल!-अब सवाल यह है कि यह सब कब होगा? अडानी पावर ने बताया है कि शेयर स्प्लिट के लिए ‘रिकॉर्ड डेट’ कंपनी का बोर्ड ही तय करेगा। यह रिकॉर्ड डेट बहुत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसी दिन तय होता है कि किन निवेशकों के नाम पर ये नए शेयर आएंगे। कंपनी के मुताबिक, इस स्प्लिट के बाद, अडानी पावर के इक्विटी शेयरों की संख्या जो अभी करीब 2,480 करोड़ है, वह बढ़कर 12,400 करोड़ हो जाएगी। जी हाँ, आपने सही सुना, शेयरों की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी! इसका मतलब है कि आपके पास पहले से कहीं ज्यादा शेयर होंगे। लेकिन याद रखिए, कंपनी की कुल संपत्ति या वैल्यू नहीं बढ़ेगी, बस शेयरों के टुकड़े छोटे हो जाएंगे। इससे बाज़ार में शेयरों की खरीद-बिक्री (लिक्विडिटी) आसान हो जाएगी और ट्रेडिंग में भी आसानी होगी।
अडानी पावर की तरक्की और निवेशकों के लिए सुनहरे संकेत!-अडानी पावर की कहानी 1996 में शुरू हुई थी और 2009 में यह शेयर बाज़ार में लिस्ट हुई। तब से लेकर आज तक, कंपनी ने लगातार तरक्की की है और इसके शेयरों की कीमत में भी ज़बरदस्त उछाल आया है। ऐसे में, यह शेयर स्प्लिट कंपनी की ग्रोथ की कहानी में एक और अहम पड़ाव माना जा रहा है। यह निवेशकों के लिए एक साफ संकेत है कि कंपनी अपने शेयरों को और भी आकर्षक बनाना चाहती है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसके साथ जुड़ सकें। जो लोग लंबे समय से अडानी पावर के शेयर रखे हुए हैं, उनके लिए तो यह अच्छी खबर है ही, वहीं जो नए निवेशक बाज़ार में कदम रखना चाहते हैं, उनके लिए यह एक शानदार मौका है।


