पंजाब

Breaking : मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पेश किया गया विश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को आयोजित विशेष सत्र से बड़ी खबर सामने आई है. सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पेश किया गया विश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया. हालांकि, इस दौरान कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के विधायक सदन से अनुपस्थित रहे, जिससे पूरे घटनाक्रम पर सवाल भी उठने लगे हैं.

विधान सभा के सत्र शुरू होने से लेकर अंत तक बड़ा हंगामे भरा रहा. बहुत सारे तर्क वितर्क के साथ कई बातों को लेकर बहस हुई, इस दौरान 7 बागी सांसदों का मुद्दा गर्माया रहा. मान ने कहा राष्ट्रपति को सौंपेंगे कॉपी मुख्यमंत्री मान ने प्रस्ताव पारित होने के बाद कहा कि वे इसकी कॉपी राष्ट्रपति को सौंपेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा दौर में अफवाहें तेजी से फैल रही हैं और नकारात्मक खबरें ज्यादा तूल पकड़ती हैं, लेकिन उनकी सरकार पूरी तरह स्थिर और मजबूत है.

विश्वास मत विधानसभा में सर्व सम्मति (विपक्ष की गैरहाजिरी) से पारित होने के साथ ही आप में टूट की अटकलों पर विराम लग गया.94 विधायकों वाली आम आदमी पार्टी के 88 एमएलए ने समर्थन किया. वहीं, आप के 6 विधायकों ने वोट नहीं किया. दो विधायक जेल में हैं और चार विधायक गैर हाजिर रहे.

इस विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अटकलों का मकसद सिर्फ जनता और विधायकों के बीच भ्रम पैदा करना है.ऐसे में सरकार ने सदन के पटल पर विश्वास प्रस्ताव लाकर स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने का निर्णय लिया है, ताकि लोकतांत्रिक तरीके से बहुमत साबित किया जा सके.

चीमा ने कहा विधायक एकजुट होकर करेंगे काम

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है और सभी विधायक एकजुट होकर काम कर रहे हैं।उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।

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