मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में बिगड़ा मौसम का मिजाज, आज भी 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 8 अप्रैल तक रहेगा असर

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में ओले, बारिश और तेज आंधी का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। शनिवार को बैतूल, श्योपुर और मुरैना समेत 8 से 10 जिलों में ओलावृष्टि हुई। वहीं, 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश भी दर्ज की गई। रविवार को भी ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है। ग्वालियर सहित 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है।

मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में जिन जिलों में मौसम का असर रहेगा, उनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर और पांढुर्णा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दोपहर के बाद मौसम बदल सकता है और 30 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अनुमान है।

इससे पहले शनिवार को सुबह से ही कई जिलों में बारिश शुरू हो गई थी। प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहा, जिसके चलते दोपहर बाद मौसम और ज्यादा बिगड़ गया। बैतूल, श्योपुर और मुरैना में इतनी तेज ओलावृष्टि हुई कि सड़कों पर सफेद चादर सी बिछ गई। राजधानी भोपाल में भी रात के समय मौसम बदला, जबकि सीहोर, विदिशा, रतलाम और रायसेन समेत 20 जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलीं।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिन यानी 8 अप्रैल तक प्रदेश में तेज हवाएं चलती रहेंगी। कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार रहेगी। वर्तमान मौसम प्रणाली के साथ 7 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 10 और 11 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं आंधी तो कहीं बारिश देखने को मिल सकती है।

इसके बाद मौसम साफ होगा और गर्मी का असर तेजी से बढ़ेगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही तेज गर्मी शुरू होने के संकेत हैं। महीने के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में भी तापमान में बढ़ोतरी होगी। आमतौर पर अप्रैल में प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे इन इलाकों में भीषण गर्मी पड़ती है।

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