व्यापार

LPG Stock in India: होने वाली है गैस की किल्लत! भारत के पास 30 दिन का LPG स्टॉक, खाड़ी तनाव ने बढ़ाई चिंता

बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण रसोई गैस (LPG) की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक गैस से भरे कई जहाज स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास फंसे हुए हैं, जिससे भारत तक पहुंचने वाली आपूर्ति में देरी हो सकती है। अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले हफ्तों में देश में LPG की कमी की स्थिति पैदा हो सकती है।

करोड़ों परिवारों पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च में भारत के लिए निर्धारित LPG कार्गो अगर समय पर रवाना नहीं होते, तो घरेलू गैस की उपलब्धता पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर सीधे उन करोड़ों परिवारों पर पड़ सकता है, जो रसोई गैस पर निर्भर हैं।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक देश है और अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है। डेटा फर्म केप्लर के अनुसार भारत अपनी 90 प्रतिशत से अधिक LPG जरूरत पश्चिम एशिया के देशों से पूरी करता है। यही वजह है कि खाड़ी क्षेत्र में किसी भी तरह का संकट भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर डाल सकता है।

हालांकि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका से भी LPG आयात बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक समझौते किए हैं लेकिन वहां से आने वाली मात्रा अभी सीमित है और परिवहन लागत भी अपेक्षाकृत ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अभी अमेरिका से अतिरिक्त LPG खरीदी भी जाए तो वह अप्रैल से पहले भारत पहुंचना मुश्किल है।

केप्लर के विश्लेषकों के अनुसार भारत के पास वैकल्पिक सप्लायर ढूंढने के विकल्प सीमित हैं। कुछ अतिरिक्त आपूर्ति अमेरिका, रूस या अर्जेंटीना से मिल सकती है लेकिन इसकी मात्रा कम होगी और यह वैश्विक कीमतों व जहाजों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

भारत के पास 30 दिनों का LPG स्टॉक

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल भारत के पास करीब 30 दिनों का LPG भंडार मौजूद है। हालांकि अगर खाड़ी क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है। इसी को देखते हुए भारतीय रिफाइनरी कंपनियों ने हाल ही में सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक कर आपात ऊर्जा आपूर्ति योजना पर चर्चा की है।

कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार

इस बीच LNG की आपूर्ति पर भी असर दिखने लगा है। देश की सबसे बड़ी LNG आयातक कंपनी पेट्रोनेट LNG ने कतर से आने वाली गैस के संबंध में फोर्स मेजर घोषित किया है, जिसके चलते कुछ ग्राहकों को मिलने वाली गैस की सप्लाई में लगभग 50 प्रतिशत तक कटौती हुई है।

हालांकि राहत की बात यह है कि भारत के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का करीब आठ सप्ताह का भंडार मौजूद है। इसलिए तेल की तुरंत कमी की आशंका कम है। लेकिन यदि खाड़ी क्षेत्र में समुद्री रास्ते लंबे समय तक प्रभावित रहते हैं, तो भविष्य में तेल और गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है।

तेल मंत्रालय ने कहा है कि फिलहाल देश में ऊर्जा भंडार पर्याप्त है और सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

Related Articles

Back to top button