ACME Solar की बड़ी जीत: SBI से मिला 19 साल का फंडिंग सपोर्ट, ग्रीन एनर्जी को नई रफ्तार

ACME Solar को SBI से मिली ₹3,892 करोड़ की बड़ी फंडिंग: राजस्थान में बनेगा 400 MW का खास रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट!-भारत में सौर ऊर्जा का क्षेत्र लगातार तरक्की कर रहा है और अब इसमें एक बहुत ही महत्वपूर्ण डेवलपमेंट सामने आया है। ACME Solar Holdings की एक खास कंपनी, ACME Venus Urja, को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से एक बड़ी सौगात मिली है। SBI ने इस कंपनी को राजस्थान में एक बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट लगाने के लिए 3,892 करोड़ रुपये की लंबी अवधि वाली फंडिंग दी है। इस पैसे का इस्तेमाल बाड़मेर जिले में 400 MW का एक ऐसा प्रोजेक्ट बनाने में होगा जो न केवल सौर ऊर्जा पर आधारित होगा, बल्कि जरूरत के हिसाब से बिजली सप्लाई भी कर सकेगा। चलिए, इस खास प्रोजेक्ट और इससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात को आसान भाषा में समझते हैं।
SBI का अब तक का सबसे बड़ा सपोर्ट: ACME के लिए गेम-चेंजर!-ACME Venus Urja के लिए यह फंडिंग वाकई बहुत खास है, क्योंकि यह कंपनी को SBI से मिलने वाला अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय सहारा है। कंपनी ने बताया है कि इस पैसे की वापसी 19 साल जैसी लंबी अवधि में की जाएगी। यह सिर्फ ACME के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए एक बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा है। यह पहली बार है जब SBI ने ACME के Firm and Dispatchable Renewable Energy (FDRE) प्रोजेक्ट में अपना भरोसा जताया है। इससे यह उम्मीद जगी है कि भविष्य में बैंक और ACME के बीच एक मजबूत पार्टनरशिप बनेगी। इस तरह का बड़ा निवेश यह भी दिखाता है कि अब बड़े बैंक और वित्तीय संस्थान भी क्लीन एनर्जी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के कामों में बढ़-चढ़कर पैसा लगा रहे हैं, जो कि हमारे भविष्य के लिए बहुत अच्छी बात है।
राजस्थान के बाड़मेर में लगेगा यह अनोखा FDRE प्रोजेक्ट: बिजली की सप्लाई अब और भी भरोसेमंद!-यह 400 MW का FDRE प्रोजेक्ट राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थापित किया जा रहा है। बाड़मेर पहले से ही सौर ऊर्जा के लिए एक जाना-माना इलाका है, और यहाँ की जलवायु परिस्थितियाँ सूरज की रोशनी से बिजली बनाने के लिए एकदम मुफीद हैं। इस प्रोजेक्ट को NHPC के साथ 4.64 रुपये प्रति यूनिट के तय रेट पर साइन किया गया है। इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ सोलर पैनल ही नहीं, बल्कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी लगाया जाएगा। इस एडवांस्ड सिस्टम की वजह से बिजली की सप्लाई लगातार और बेहतर तरीके से हो पाएगी, चाहे सूरज चमक रहा हो या नहीं। यह पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के नियमों के तहत यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ताओं को हर समय भरोसेमंद बिजली मिलती रहे, जिससे बिजली कटौती की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
बैटरी स्टोरेज सिस्टम: 24 घंटे बिजली की गारंटी!-आज के समय में सिर्फ सोलर पावर प्रोजेक्ट्स काफी नहीं हैं, क्योंकि लोगों को दिन-रात बिजली की जरूरत होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए इस प्रोजेक्ट में Battery Energy Storage System का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सिस्टम दिन के समय जब सूरज की रोशनी से ज्यादा बिजली बनती है, तो उसे स्टोर कर लेगा। फिर, जब सूरज नहीं होगा या बिजली की मांग सबसे ज्यादा होगी, तो इस स्टोर की हुई बिजली को इस्तेमाल किया जाएगा। इससे न केवल बिजली की सप्लाई में स्थिरता आएगी, बल्कि पूरे प्रोजेक्ट की ‘डिस्पैचेबिलिटी’ यानी जरूरत के हिसाब से बिजली सप्लाई करने की क्षमता भी काफी बढ़ जाएगी। यही वजह है कि इसे Firm and Dispatchable Renewable Energy प्रोजेक्ट कहा जा रहा है, जो आने वाले समय की जरूरत है।
ACME Solar का बढ़ता दबदबा: ऊर्जा क्षेत्र में नए कीर्तिमान!-ACME Solar Holdings पहले से ही रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में एक जाना-माना और भरोसेमंद नाम है। कंपनी के पास सोलर, विंड, एनर्जी स्टोरेज, FDRE और हाइब्रिड सॉल्यूशंस जैसे कई तरह के प्रोजेक्ट्स का अनुभव है। फिलहाल, कंपनी के पास 2,890 MW की चालू क्षमता है। इस नए FDRE प्रोजेक्ट के जुड़ने से ACME Solar न केवल अपनी क्षमता का विस्तार कर रहा है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में नए मानक भी स्थापित कर रहा है। यह प्रोजेक्ट इस बात का पक्का सबूत है कि भारत धीरे-धीरे अपनी पुरानी ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करके पूरी तरह से क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में, इस तरह के प्रोजेक्ट्स देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और पर्यावरण को बचाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

