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GST 2.0: दिवाली से पहले महंगाई पर ब्रेक, आम आदमी और MSME के लिए बड़ी राहत

दिवाली की रौनक, जेब पर मेहरबान!

रोजमर्रा की चीज़ें होंगी सस्ती, पीएम मोदी का बड़ा ऐलान!-सुनिए, दिवाली आने वाली है और इस बार सरकार ने आम आदमी को एक बड़ा तोहफा देने का मन बना लिया है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से घोषणा की है कि दिवाली से पहले जीएसटी (GST) की दरों में कटौती की जाएगी। इसका सीधा मतलब ये है कि आपकी रोजमर्रा की ज़रूरत की चीज़ें, जो आप हर दिन इस्तेमाल करते हैं, वो अब सस्ती हो सकती हैं। अभी जीएसटी के चार अलग-अलग रेट हैं – 5%, 12%, 18% और 28%। लेकिन अब सरकार इस सिस्टम को बदलकर इसे सिर्फ दो स्लैब में लाने की सोच रही है: एक स्टैंडर्ड और दूसरा मेरिट। इसका फायदा ये होगा कि जो चीज़ें अभी 12% जीएसटी के दायरे में आती हैं, वो शायद 5% में आ जाएं। इससे उनकी कीमतें कम होंगी और लोग उन्हें ज़्यादा खरीद पाएंगे, जिससे बाज़ार में रौनक बढ़ेगी।

 छोटे कारोबारियों और निर्यातकों के लिए खुला खजाना!-जानकारों का मानना है कि जीएसटी में ये बदलाव सिर्फ़ दरों को कम करना नहीं है, बल्कि ये एक बहुत बड़ा स्ट्रक्चरल रिफॉर्म है। EY इंडिया के टैक्स एक्सपर्ट सौरभ अग्रवाल बताते हैं कि इससे कंपनियों को एक बड़ी राहत मिलेगी। अभी कई बार ऐसा होता है कि कंपनियों का पैसा टैक्स के चक्कर में फंस जाता है, जिसे वर्किंग कैपिटल कहते हैं। इस बदलाव से वो पैसा नहीं फंसेगा। साथ ही, हमारे भारतीय एक्सपोर्टर भी दुनिया भर में ज़्यादा कॉम्पिटिटिव हो जाएंगे, मतलब वो दूसरे देशों के मुकाबले बेहतर डील दे पाएंगे। छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को भी इससे काफी फायदा होगा। जब चीज़ें सस्ती होंगी तो उनकी लागत कम होगी और उनकी चीज़ों की डिमांड भी बढ़ेगी। इससे हमारी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी, खासकर जब दुनिया भर में मंदी जैसी चिंताएं हैं।

युवाओं को मिलेगा रोज़गार का बूस्ट, आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम!-भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी ने इस कदम की खूब तारीफ की है। उनका कहना है कि यह प्रधानमंत्री का फैसला युवाओं को ताकत देने, छोटे उद्योगों को मज़बूत बनाने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में एक अहम कदम है। पीएम-विकसित भारत रोज़गार योजना के तहत, सरकार युवाओं के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का एक बड़ा कार्यक्रम शुरू कर रही है। इसके अलावा, जो लोग पहली बार नौकरी कर रहे हैं, उन्हें 15,000 रुपये की मदद भी दी जाएगी। इससे रोज़गार के नए अवसर खुलेंगे। छोटे उद्योगों को भी अच्छे टैलेंट मिलेंगे, उन्हें बढ़ावा मिलेगा और देश में मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक मज़बूत माहौल बनेगा। इससे वे नई चीज़ें सोच पाएंगे और दुनिया की सप्लाई चेन का एक अहम हिस्सा बन पाएंगे।

जीएसटी काउंसिल से जल्द उम्मीद, दिवाली का तोहफा पक्का!-टैक्स एक्सपर्ट हर्ष शाह का कहना है कि जीएसटी काउंसिल की तरफ से जल्द ही कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। ऐसा हो सकता है कि 12% वाले जीएसटी स्लैब को खत्म कर दिया जाए, या फिर स्वास्थ्य सेवाओं और जीवन बीमा जैसी ज़रूरी चीज़ों पर जीएसटी की दरें कम कर दी जाएं। कुछ ऐसी चीज़ें भी हैं जिन पर टैक्स क्रेडिट को लेकर थोड़ी उलझन है, उसे भी साफ किया जा सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि सितंबर में जीएसटी काउंसिल की दो मीटिंग हो सकती हैं और इन फैसलों के बाद दिवाली से पहले आम आदमी के लिए एक अच्छा ‘गिफ्ट पैकेज’ तैयार हो जाएगा। इस साल जीएसटी कलेक्शन 22 लाख करोड़ रुपये से ऊपर जाने का अनुमान है, ऐसे में अर्थव्यवस्था को और गति देने के लिए यह बिल्कुल सही समय है।

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