भोपाल में तेज रफ्तार बस ने मचाया कोहराम, सड़क हादसे में गई एक जान – चौराहे के हालात पर भी उठे सवाल

भोपाल का दर्द: तेज रफ्तार बस की टक्कर और उपेक्षित चौराहा- एक भयानक सड़क हादसे ने भोपाल के टीटी नगर इलाके में लोगों को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार सुबह, रोशनपुरा चौक पर एक तेज रफ्तार स्कूल बस ने कई गाड़ियों को टक्कर मार दी, जिससे एक युवती की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए।
बस हादसा: लापरवाही की भेंट चढ़ी जिंदगी- तेज़ रफ़्तार बस ने कई गाड़ियों को टक्कर मारते हुए एक युवती की जान ले ली और कई लोगों को घायल कर दिया। इस घटना से ज़ाहिर है कि सड़क सुरक्षा के नियमों का कितना पालन किया जा रहा है और कितनी लापरवाही बरती जा रही है। इस घटना के बाद सवाल उठता है कि क्या हमारे शहर की सड़कें सुरक्षित हैं? क्या ऐसे हादसों को रोकने के लिए पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं?
बीआरटीएस हटा, पर समस्या जस की तस- बीआरटीएस कॉरिडोर के हटने के बाद भी बैरागढ़ मेन रोड पर चौराहे की स्थिति वैसी ही है। संत कंवरराम की प्रतिमा को पहले रोटरी में रखा गया था, जिसे बीआरटीएस के लिए हटाया गया था, लेकिन अब भी चौराहे का विकास नहीं हुआ है। नगर निगम के वादे अधूरे रह गए हैं, जिससे स्थानीय लोग निराश हैं। रंगीन पानी का फव्वारा भी बंद पड़ा है, जो चौराहे की सुंदरता में चार चाँद लगाता था।
संत कंवरराम प्रतिमा: उपेक्षा का शिकार- संत कंवरराम की प्रतिमा का स्थान अब उपेक्षा का शिकार हो गया है। अतिक्रमण, गंदगी और अव्यवस्था ने इस ऐतिहासिक स्थान की गरिमा को कम कर दिया है। पार्किंग की जगह भी कब्ज़े में है। स्थानीय संगठन नगर निगम की सुस्ती से नाराज़ हैं और प्रतिमा के पुनर्विकास की मांग कर रहे हैं।
रोटरी की वापसी की मांग- बीआरटीएस कॉरिडोर के हटने के बाद स्थानीय संगठन संत कंवरराम की प्रतिमा को फिर से रोड के बीच में रोटरी में स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे चौराहे की सुंदरता बढ़ेगी और वाहन चालकों को भी सुविधा मिलेगी। एलिवेटेड ब्रिज के निर्माण के कारण रोटरी के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है।
सिंधी समाज की आवाज़- सिंधी समाज ने संत कंवरराम चौराहे के विकास की मांग की है। पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष ने नगर निगम आयुक्त और महापौर से मुलाकात करने की बात कही है। उनका कहना है कि यह सिर्फ़ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं से जुड़ा हुआ है।




