
दिल्ली में बारिश और आंधी का कहर, चार लोगों की मौत, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
दिल्ली में शुक्रवार सुबह मौसम ने ऐसा पलटा खाया कि तेज़ बारिश और आंधी-तूफान ने शहर को हिलाकर रख दिया। कई जगह पेड़ गिर गए, सड़कों पर पानी भर गया और एक घर गिरने से चार लोगों की जान चली गई। इतनी ज़ोरदार हवाएँ चलीं कि दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में ट्रैफिक जाम लग गया और कुछ फ्लाइट्स भी लेट हो गईं। मौसम विभाग, यानी IMD, ने हालात को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
IMD की चेतावनी – अगले कुछ दिन रहें सावधान
मौसम विभाग का कहना है कि अभी हालात सामान्य नहीं हैं। अगले कुछ दिनों तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में तेज़ बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। हवाओं की रफ़्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। कहीं हल्की फुहारें तो कहीं भारी बारिश और आंधी देखने को मिल सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि बिना वजह बाहर न निकलें और अगर निकलना ज़रूरी हो तो सावधानी बरतें।
आखिर क्यों बदल रहा है मौसम?
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में मौसम विभाग ने बताया कि मौसम के इस अचानक बदलने की वजह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी है, जो दिल्ली की हवाओं से मिलकर माहौल में अस्थिरता पैदा कर रही है। इसके अलावा, पश्चिमी विक्षोभ और वायुमंडल के ऊपर बने चक्रवात भी इस बदलाव की बड़ी वजह बने हैं। IMD के डायरेक्टर मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि ये कोई अचानक हुआ बदलाव नहीं है, बल्कि मौसम विभाग की नज़र में ये पहले से था और इसका अलर्ट पहले ही जारी कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि दो ऊपरी हवा के चक्रवात – एक दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में और दूसरा पूर्वोत्तर राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा के पास – इस पूरे सिस्टम को और मज़बूत कर रहे थे।
तूफान बनने में तेज़ हवाओं और नमी का बड़ा रोल
दिल्ली में शुक्रवार को नीचे के स्तर पर करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से दक्षिण-पूर्वी हवाएँ चल रही थीं। ये गर्म और नम हवाएँ जब ऊपर उठीं तो वायुमंडल में भारी हलचल पैदा हो गई, जिससे दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, यूपी और एमपी में भी तेज़ आंधी, बिजली और भारी बारिश हुई। इस पूरे मौसम ने आम ज़िंदगी पर काफ़ी असर डाला। कई इलाकों में बिजली गुल हो गई, कुछ जगहों पर ओले गिरे और पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी भी आई। दिल्ली एयरपोर्ट पर कई उड़ानें लेट हुईं और कुछ तो समय पर उड़ भी नहीं पाईं।
लू से राहत की उम्मीद
IMD का कहना है कि मई के महीने में ऐसे तूफ़ान आना आम बात है क्योंकि गर्मी और नमी का स्तर इस वक़्त सबसे ज़्यादा होता है। इस तरह के मौसम से लोगों को लू से कुछ राहत ज़रूर मिल सकती है। अभी कुछ दिन तक उत्तर और पूर्व भारत में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। महापात्रा ने बताया कि ‘मिशन मौसम’ के तहत अब भारत में मौसम की जानकारी और अलर्ट सिस्टम को और बेहतर बनाया जाएगा। देश में अब 126 रडार लगाए जाएँगे और 25 माइक्रो रेडियोमीटर भी लगाए जाएँगे, जो हर समय हवा में नमी और तापमान की सही जानकारी देंगे। पहले ये डेटा दिन में सिर्फ़ दो बार ही मिल पाता था, लेकिन अब यह रियल-टाइम में उपलब्ध होगा।




