
दिल का दौरा: इन लक्षणों को अनदेखा न करें!- दिल का दौरा किसी भी उम्र में हो सकता है, इसलिए इन संकेतों को पहचानना बहुत ज़रूरी है।
1. तनाव: दिल का सबसे बड़ा दुश्मन-आज की भागमभाग भरी ज़िंदगी में तनाव आम बात हो गई है, लेकिन ये दिल के लिए बेहद खतरनाक है। लगातार तनाव ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और दिल पर ज़्यादा दबाव डालता है। अचानक कोई सदमा, जैसे किसी प्रियजन की मृत्यु, तनाव के स्तर को बहुत बढ़ा देती है, जिससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ध्यान रखें, थोड़ा तनाव ठीक है, लेकिन ज़्यादा तनाव हानिकारक हो सकता है।
2. नींद की कमी: दिल के लिए खतरे की घंटी-रात भर फोन चलाना या काम में लगे रहना दिल के लिए नुकसानदायक है। कम नींद लेने से हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ बढ़ती हैं, जो सीधे दिल के दौरे से जुड़ी हुई हैं। रोज़ाना 6-7 घंटे की नींद लेना बहुत ज़रूरी है। अगर आप कम सोते हैं, तो अपनी नींद के पैटर्न पर ध्यान दें।
3. अचानक ज़्यादा मेहनत: सावधानी बरतें-व्यायाम करना सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन अचानक से ज़्यादा मेहनत करना नुकसानदेह हो सकता है। जो लोग नियमित व्यायाम नहीं करते, उनके लिए अचानक ज़्यादा शारीरिक काम करना दिल पर दबाव डाल सकता है। गर्मी में डिहाइड्रेशन भी दिल के दौरे का कारण बन सकता है। धीरे-धीरे व्यायाम की आदत डालें।
4. धूम्रपान और शराब: दिल के लिए ज़हर-सिगरेट और शराब दिल के लिए सबसे खतरनाक हैं। धूम्रपान से नसें सख्त हो जाती हैं और दिल तक ऑक्सीजन कम पहुँचती है। ज़्यादा शराब पीने से दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है। इन बुरी आदतों से दूर रहें।
5. पानी की कमी: जानलेवा हो सकती है-पानी शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है। पानी की कमी से ब्लड प्रेशर गिर सकता है और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे दिल की धड़कन प्रभावित होती है। रोज़ाना भरपूर पानी पिएं।
6. कुछ दवाइयाँ और एनर्जी ड्रिंक्स: सावधानी ज़रूरी-बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयाँ लेना या ज़्यादा एनर्जी ड्रिंक्स पीना दिल के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इनमें मौजूद कुछ तत्व दिल की धड़कन को अनियमित कर सकते हैं। किसी भी दवा या ड्रिंक का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
7. ठंडे पानी या हवा का झटका: खतरा बढ़ सकता है-अचानक ठंडे पानी से नहाना या ठंडी जगह पर जाना दिल के लिए नुकसानदायक हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से दिल की बीमारी है। ध्यान रखें कि शरीर को धीरे-धीरे तापमान में बदलाव का आदी होना चाहिए।


