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मेट्रो निर्माण में आ रही रुकावट जल्द होगी दूर, गोल्डन लाइन कॉरिडोर पर अहम अपडेट

दिल्ली मेट्रो: खानपुर में बचे 250 मीटर हिस्से का काम जून से शुरू होने की उम्मीद

दिल्ली में ऐरो सिटी से तुगलकाबाद तक बनने वाली मेट्रो की गोल्डन लाइन पर खानपुर के अधूरे 250 मीटर हिस्से का काम जून में शुरू हो सकता है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। दक्षिणी जिले के भूमि अधिग्रहण अधिकारी (एलएसी) 21 मार्च को पहली जनसुनवाई करेंगे, जहां स्थानीय लोगों की आपत्तियां दर्ज की जाएंगी। इसके बाद मई में दूसरी जनसुनवाई होगी और फिर जून में जमीन का अधिग्रहण कर डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन) को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद इस हिस्से पर भी मेट्रो का काम शुरू हो सकेगा।

मेट्रो का काम कहां तक पहुंचा?

एरो सिटी से तुगलकाबाद तक मेट्रो के इस गोल्डन लाइन कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है। साकेत जी-ब्लॉक से हमदर्द टी-पॉइंट तक मेट्रो लाइन एलिवेटेड (ऊपर बनी हुई) होगी, जबकि आगे का हिस्सा अंडरग्राउंड (जमीन के नीचे) बनाया जा रहा है। खानपुर रेड लाइट से आगे करीब ढाई किलोमीटर तक मेट्रो लाइन के साथ-साथ फ्लाईओवर भी बन रहा है। हालांकि, खानपुर मार्केट के पास 250 मीटर के हिस्से पर अभी भूमि अधिग्रहण बाकी है, जिसके बाद यहां भी निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कैसे होगी?

दक्षिणी जिले के एडीएम कार्यालय के अनुसार, भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 के तहत यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

  • 21 मार्च को पहली जनसुनवाई होगी, जिसमें लोग अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
  • अप्रैल के अंत या मई के पहले हफ्ते में दूसरी जनसुनवाई होगी, जिसमें पहले दर्ज की गई आपत्तियों का समाधान किया जाएगा।
  • जून में अंतिम ‘अवार्ड’ जारी किया जाएगा, जिसमें मुआवजे और अन्य शर्तों को तय किया जाएगा।
  • इसके बाद दिल्ली सरकार की भूमि एवं भवन विभाग इस जमीन को डीएमआरसी को सौंप देगा, जिससे निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा।

मेट्रो कब तक शुरू होगी?

मेट्रो के इस हिस्से को अन्य हिस्सों के साथ पूरा करने की योजना है। साकेत जी-ब्लॉक से पुल प्रह्लादपुर तक 8.6 किलोमीटर की मेट्रो लाइन का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी अवधि में खानपुर के इस 250 मीटर हिस्से का काम भी पूरा करने का दावा किया जा रहा है।

अवार्ड का मतलब क्या होता है?

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में ‘अवार्ड’ का मतलब है वह आधिकारिक फैसला, जिसमें अधिग्रहीत भूमि के बदले दिए जाने वाले मुआवजे और अन्य शर्तों को तय किया जाता है। यह फैसला भूमि अधिग्रहण अधिकारी (एलएसी) द्वारा जारी किया जाता है। इसके बाद ही जमीन को आधिकारिक रूप से परियोजना के लिए सौंपा जाता है।

जून में जमीन का अधिग्रहण पूरा होने के बाद, खानपुर के इस हिस्से में भी मेट्रो का काम शुरू हो जाएगा। इससे मेट्रो के इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को जल्द ही बेहतर और सुगम सफर की सुविधा मिल सकेगी।

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