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एशिया कप से पहले सेलेक्टर्स की मुश्किल: शुबमन गिल को T20 टीम में जगह देना आसान नहीं

गिल की एंट्री: टीम इंडिया के लिए सिरदर्द या नई जान?

क्या टीम में फिट होंगे गिल? चयनकर्ताओं के सामने बड़ी दुविधा-आजकल भारतीय टी20 टीम ज़बरदस्त फॉर्म में चल रही है, लेकिन एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले चयन समिति के सामने एक मुश्किल सवाल खड़ा हो गया है: शुबमन गिल को टीम में कहाँ फिट किया जाए? गिल वाकई एक शानदार बल्लेबाज हैं और आजकल टीम इंडिया के सबसे चर्चित नामों में से एक बन चुके हैं। लेकिन, जो टी20 टीम अभी चल रही है, उसमें उनकी जगह बनाना कोई आसान काम नहीं लग रहा। ये समझना ज़रूरी है कि गिल को टीम में शामिल करना इतना मुश्किल क्यों हो रहा है। टीम इंडिया की जो मौजूदा टी20 स्क्वॉड है, वो काफी संतुलित है। टॉप-3 बल्लेबाजों की पोजीशन के लिए यशस्वी जायसवाल, संजू सैमसन, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी पहले से ही मौजूद हैं, और इन सभी ने पिछले सीजन में बहुत अच्छा खेला है। दूसरी तरफ, गिल, जायसवाल और साई सुदर्शन जैसे नाम भी बहुत दमदार हैं और किसी भी टीम में आसानी से जगह बना सकते हैं। तो सवाल यही उठता है कि अगर गिल को टीम में लिया जाता है, तो किसे बाहर बैठना पड़ेगा? क्या संजू या तिलक जैसे अच्छा खेलने वाले खिलाड़ी अपनी जगह गंवा देंगे? ये फैसला चयनकर्ताओं के लिए बिलकुल भी आसान नहीं है। ऊपर से, टीम मैनेजमेंट भी यही मानता है कि किसी ऐसे खिलाड़ी को बाहर करना जो पिछले एक साल से लगातार प्लेइंग इलेवन में खेल रहा है, वो थोड़ा नाइंसाफी जैसा होगा।

कप्तानी और उप-कप्तानी का पेंच: गिल या अक्षर, कौन आगे?-अभी टीम इंडिया की कप्तानी सूर्यकुमार यादव कर रहे हैं और उनका रिकॉर्ड वाकई कमाल का है। पिछले 20 मैचों में भारत ने 17 मैच जीते हैं, यानी करीब 85% जीत का रिकॉर्ड है। और मज़े की बात ये है कि इस दौरान गिल टीम का हिस्सा नहीं रहे। अब अगर गिल को स्क्वॉड में शामिल किया जाता है, तो उनके सामने उप-कप्तानी का सवाल भी खड़ा हो जाएगा। पहले गिल, सूर्यकुमार के डिप्टी रह चुके हैं, लेकिन जब वो टेस्ट मैचों में व्यस्त हो गए, तो अक्षर पटेल को ये ज़िम्मेदारी सौंपी गई। अक्षर ने भी इस रोल में अच्छा काम किया है, पर वो लंबे समय तक लीडरशिप रोल में नज़र नहीं आते। तो, अगर गिल वापसी करते हैं और सीधे अक्षर की जगह ले लेते हैं, तो निश्चित तौर पर ये एक नई बहस छेड़ सकता है। चयनकर्ताओं को इस पर भी सोचना होगा कि टीम के अंदर लीडरशिप का संतुलन कैसे बना रहे और किसे उप-कप्तान बनाया जाए। यह फैसला टीम के माहौल और भविष्य की योजनाओं पर भी असर डाल सकता है।

बल्लेबाजी क्रम में फेरबदल: किसे मिलेगा मौका, कौन होगा बाहर?-अगर गिल को 15 खिलाड़ियों की टीम में शामिल किया जाता है, तो उन्हें प्लेइंग इलेवन में भी खिलाना होगा। इसका सीधा मतलब है कि संजू, अभिषेक या तिलक में से किसी एक को अपनी जगह गंवानी पड़ेगी। इसके अलावा, एक और संभावना यह भी है कि रिंकू सिंह को टीम से बाहर बैठना पड़ सकता है। रिंकू ने पिछले कुछ समय में उतना खास प्रभाव नहीं छोड़ा है, खासकर तब से जब से गौतम गंभीर ने KKR और टीम इंडिया की ज़िम्मेदारी संभाली है। गंभीर का मानना है कि टी20 क्रिकेट में कोई भी खिलाड़ी सिर्फ ‘फिनिशर’ नहीं होता, बल्कि हर खिलाड़ी को मैच की स्थिति के हिसाब से खेलना आना चाहिए। इस सोच के चलते रिंकू जैसे हार्ड-हिटर पर दबाव और बढ़ गया है कि वो हर मैच में कुछ बड़ा करके दिखाएं। यह चयनकर्ताओं के लिए एक और मुश्किल पहेली है कि वे किस खिलाड़ी को मौका दें और किसे बेंच पर बिठाएं, ताकि टीम का संतुलन बना रहे और हर पोजीशन पर एक मज़बूत विकल्प मौजूद हो।

गेंदबाजी का दम: तेज गेंदबाज और स्पिनर, कौन हैं दावेदार?-तेज गेंदबाजों की बात करें तो जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या और अर्शदीप सिंह की जगह लगभग पक्की मानी जा रही है। रिजर्व तेज गेंदबाज के तौर पर हर्षित राणा का नाम सबसे आगे चल रहा है, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज को रेड-बॉल के विशेषज्ञ के तौर पर देखा जा रहा है। स्पिन गेंदबाजी में भी मुकाबला काफी कड़ा है। कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती पहले विकल्प के तौर पर मौजूद हैं, लेकिन वॉशिंगटन सुंदर को भी गंभीर की ‘ऑलराउंडर’ वाली सोच का फायदा मिल सकता है। दुबई और अबू धाबी की पिचें स्पिन गेंदबाजों को मदद करती हैं, इसलिए टीम मैनेजमेंट शायद कई स्पिन विकल्प रखना चाहेगी। यह तय करना होगा कि कौन से स्पिनर टीम की ज़रूरतों को पूरा करते हैं और किस तरह की पिच पर कौन सा गेंदबाज ज़्यादा असरदार साबित होगा। यह चयनकर्ताओं के लिए एक और महत्वपूर्ण पहलू है जिस पर उन्हें बारीकी से विचार करना होगा।

फिनिशर और विकेटकीपर की रेस: कौन मारेगा बाजी?-विकेटकीपर की पोजीशन के लिए भी रेस काफी दिलचस्प है। ऋषभ पंत और नितीश रेड्डी चोट के कारण बाहर हैं, इसलिए दूसरे विकेटकीपर को चुनना एक बड़ी चुनौती है। जितेश शर्मा और ध्रुव जुरेल इस रेस में मुख्य दावेदार हैं। जितेश शर्मा ने आईपीएल में फिनिशर के तौर पर कई तूफानी पारियां खेली हैं और वो लोअर ऑर्डर में टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। वहीं, जुरेल को भी मौका मिल सकता है, लेकिन फिलहाल जितेश को ज़्यादा मज़बूत उम्मीदवार माना जा रहा है। टीम को एक ऐसे विकेटकीपर की ज़रूरत है जो न सिर्फ अच्छी कीपिंग करे, बल्कि फिनिशर के तौर पर भी टीम के लिए रन बना सके। यह चयनकर्ताओं के लिए एक ऐसा फैसला होगा जो टीम के निचले क्रम की बल्लेबाजी को काफी हद तक प्रभावित करेगा।

आखिर में: चयनकर्ताओं के लिए आसान नहीं होगा फैसला-सच कहूं तो, टीम इंडिया की मौजूदा टी20 टीम बहुत मज़बूत और संतुलित है। लेकिन शुबमन गिल जैसे बड़े और मंझे हुए खिलाड़ी को नज़रअंदाज़ करना भी आसान नहीं है। अगर उन्हें टीम में शामिल किया जाता है, तो कई खिलाड़ियों की अपनी जगह पर खतरा मंडराने लगेगा। इसका मतलब है कि एशिया कप से पहले चयनकर्ताओं के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती है – टीम के संतुलन को बिगाड़े बिना गिल जैसे स्टार खिलाड़ी को टीम में फिट करना। यह एक ऐसा पेंच है जिसे सुलझाने के लिए उन्हें काफी सोच-विचार करना पड़ेगा और शायद कुछ ऐसे फैसले लेने पड़ें जो सबको हैरान कर दें।

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