
पंजाब में मूसलाधार बारिश: सरकार अलर्ट, राहत कार्य जारी!
राज्य भर में बाढ़ जैसे हालात, प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद-पंजाब में रविवार से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की उम्मीद कम है, ऐसे में राज्य सरकार ने पूरी तरह से कमर कस ली है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, सरकार ने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर विभाग पूरी तरह से सक्रिय रहे और बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य बिना किसी रुकावट के चलते रहें। यह कड़ा कदम दर्शाता है कि पंजाब सरकार इस संकट को लेकर कितनी गंभीर है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहती।
मंत्रीगण का दौरा: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा, लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन-मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशानुसार, जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने खुद मोर्चा संभाला है। दोनों मंत्रियों ने पठानकोट और गुरदासपुर जैसे सबसे अधिक प्रभावित जिलों का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी। उन्होंने बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय प्रशासन को हर तरह की सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दौरान, कई गांवों में अस्थायी राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं ताकि लोगों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। मंत्रियों ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनकी हर ज़रूरत का ख्याल रखेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि किसी को भी असुविधा न हो।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: गांवों में खोले गए राहत और बचाव केंद्र-बाढ़ की विकट स्थिति को देखते हुए, पंजाब सरकार ने राज्य के विभिन्न गांवों में विशेष राहत और बचाव केंद्र स्थापित किए हैं। इनमें कीड़ी खुर्द, कथलौर, तारागढ़, नरोट जैमल सिंह, खड़खड़ा ठूठोवाल, खोजकी चक, बमियाल, नंगल, फिरोजपुर कलां और बनी लोधी जैसे कई गांव शामिल हैं। इन केंद्रों पर विस्थापित लोगों के लिए भोजन, पानी, दवाइयों और रहने की समुचित व्यवस्था की गई है। स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी तरह की झूठी या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें। सरकार का मुख्य लक्ष्य इस मुश्किल घड़ी में हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
गुरदासपुर में जमीनी स्तर पर राहत वितरण: मंत्री ने खुद संभाला मोर्चा-गुरदासपुर जिले में राहत कार्यों का नेतृत्व स्वयं जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने किया। वे खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे और लोगों की समस्याओं को सुना। विशेष रूप से, रावी नदी के किनारे बसे गांवों, जैसे ब्राह्मणी से लेकर ज़बकरा तक, मंत्री ने ट्रैक्टर पर सवार होकर यात्रा की और लोगों से सीधे मुलाकात की। इस दौरान, उन्होंने जरूरतमंद परिवारों को राशन किट और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया। प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी परिवार भूखा या बेघर न रहे।
अधिकारियों को 24 घंटे की हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश: त्वरित कार्रवाई पर जोर-पंजाब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस आपदा की घड़ी में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है, ताकि राहत और बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें। स्थानीय प्रशासन को भी लगातार स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता इस समय राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें इस प्राकृतिक आपदा से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करना है।




