
सीएम भगवंत मान की सेहत पर बड़ा अपडेट: चिंता की कोई बात नहीं, जल्द हो सकती है छुट्टी!
सब ठीक है, बस आराम की जरूरत: डॉक्टरों ने दी राहत भरी खबर-पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कुछ दिनों से अस्पताल में थे, लेकिन अब उनके चाहने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि उनकी सेहत को लेकर कोई चिंता वाली बात नहीं है। 5 सितंबर को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और तब से ही डॉक्टर उनकी सेहत पर बारीकी से नजर रख रहे थे। अब जब उनकी सारी मेडिकल रिपोर्ट्स नॉर्मल आई हैं और दिल की धड़कन भी एकदम सही है, तो उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह ठीक होने तक आराम करने की सलाह जरूर दी है, ताकि वो जल्द से जल्द पूरी तरह से स्वस्थ हो सकें।
परिवार और पार्टी का साथ: मां और नेताओं ने बढ़ाया हौसला-जैसे ही मुख्यमंत्री मान के अस्पताल में भर्ती होने की खबर फैली, उनके समर्थकों और पार्टी के लोगों में चिंता की लहर दौड़ गई। सबसे पहले उनकी मां उनसे मिलने अस्पताल पहुंचीं, बेटे को स्वस्थ देखकर उन्हें काफी तसल्ली हुई। इसके बाद, आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता, जैसे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पार्टी के प्रभारी मनीष सिसोदिया, और पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा और अमन अरोड़ा भी उनसे मिलने पहुंचे। इन सभी के आने से मुख्यमंत्री का हौसला और बढ़ा और उन्हें परिवार व पार्टी का भरपूर साथ मिला, जिससे वे और भी मजबूत महसूस कर रहे हैं।
राज्यपाल ने भी जाना हालचाल: सेहत में सुधार की पुष्टि-पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी मुख्यमंत्री भगवंत मान का हालचाल जानने के लिए फोर्टिस अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने मुलाकात के बाद बताया कि डॉक्टरों के अनुसार, सीएम मान की तबीयत में काफी सुधार है और किसी भी गंभीर चिंता की कोई बात नहीं है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि फिलहाल उन्हें पूरा आराम करना चाहिए। राज्यपाल का यह बयान मुख्यमंत्री के समर्थकों और आम जनता के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि अब सभी को उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद है।
बाढ़ के काम के बीच बिगड़ी सेहत: लगातार तनाव और काम का असर-मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत उस वक्त बिगड़ी थी जब वे बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे थे और लोगों की मदद के लिए दिन-रात काम कर रहे थे। लगातार काम करने और शायद कुछ तनाव के चलते उन्हें असहज महसूस होने लगा, जिसके बाद डॉक्टरों ने जांच की। हालत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऐसा माना जा रहा है कि अथक परिश्रम और काम का दबाव ही उनकी तबीयत बिगड़ने का मुख्य कारण बना, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को कभी कम नहीं होने दिया।
अस्पताल से भी जारी रहा काम: जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटे सीएम-भले ही मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन उन्होंने अपने काम से कोई दूरी नहीं बनाई। वह अस्पताल से ही राज्य की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे। बाढ़ प्रभावित इलाकों से जुड़ी रिपोर्ट्स मंगवाते रहे और कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठकें भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कीं। कई अहम फैसले भी लिए गए, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में कभी भी कोई कोताही नहीं बरतते, चाहे उनकी सेहत कैसी भी हो।




