‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सियासत गरमाई: कांग्रेस के सवालों पर अरुण साव का पलटवार, बोले- सेना की जीत को क्यों नहीं समझ पा रहे

कांग्रेस का सवाल: ऑपरेशन सिंदूर की सच्चाई क्या है?-पहलगाम आतंकी हमले के बाद सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सरकार से पूछ रही है कि आखिर इस ऑपरेशन की क्या योजना थी और इसके नतीजे क्या निकले। उनका कहना है कि जनता को सच्चाई जानने का पूरा अधिकार है, सिर्फ़ बयानबाज़ी से काम नहीं चलेगा।
बीजेपी का पलटवार: पाकिस्तान की हालत ख़राब!-छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री, अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 12 मई को DGMO ने पूरी जानकारी दे दी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने भी नौ आतंकवादी ठिकानों के नष्ट होने की बात कही थी। साव का कहना है कि पाकिस्तान अब संघर्ष विराम की बात कर रहा है, और अगर किसी को ऑपरेशन की सफलता नहीं दिख रही, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
बैलाडीला यात्रा पर तंज: कांग्रेस की राजनीति बेमानी?-साव ने कांग्रेस की ‘बैलाडीला बचाओ यात्रा’ पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले ‘भारत जोड़ो’, फिर ‘संविधान बचाओ’ और अब ‘बैलाडीला बचाओ’! उनका मानना है कि कांग्रेस जनता से दूर होती जा रही है और उसका राजनीतिक आधार कमज़ोर हो रहा है।
अधूरी यात्राओं का सिलसिला: राजनीतिक स्टंट?-कांग्रेस ने पहले भी कई यात्राएँ बीच में ही रोक दी थीं। अब ‘बैलाडीला बचाओ यात्रा’ के ज़रिए आदिवासी हितों और पर्यावरणीय मुद्दों को उठाने की कोशिश है, लेकिन बीजेपी इसे महज़ राजनीतिक दिखावा बता रही है।
तिरंगा यात्रा: देशभक्ति का प्रदर्शन!-बीजेपी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का जश्न मनाने और सेना के जवानों को सम्मान देने के लिए ‘तिरंगा यात्रा’ निकालने का ऐलान किया है। इस यात्रा से देशभक्ति का संदेश दिया जाएगा और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की जाएगी।
राजनीति बनाम राष्ट्रीय हित?-‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस सवाल उठा रही है, जबकि बीजेपी इसे बड़ी कामयाबी बता रही है। क्या आतंकवाद के खिलाफ़ ये ऑपरेशन सिर्फ़ राजनीति का मुद्दा बनेंगे या देश एकजुट होकर आतंकवाद का मुकाबला करेगा, ये देखना बाकी है।



