पंजाब

पराली जलाने के आरोप में नंबरदार सस्पेंड

मोगा। पराली जलाने के आरोप में गांव कनिया खास के नंबरदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। सख्त फैसला लेते हुए डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने कहा कि आदेश नहीं मानने वालों को बख्शा नहीं जा सकता है।
जानकारी के अनुसार तहसीलदार धर्मकोट द्वारा गांव कनिया खास में पराली जलाने की घटना देखी गई। इसमें खसरा नंबर 23//18(5-10), 19/1(4-8), कुल रकबा 9-18 में आग लगाई गई थी। इन खसरों के मालिक सुखदेव सिंह पुत्र अजीत सिंह और अन्य व्यक्ति हैं। सुखदेव सिंह गांव कनिया खास के नंबरदार भी हैं।
डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने बताया कि उपमंडल मजिस्ट्रेट, धर्मकोट द्वारा संबंधित क्षेत्र के नंबरदारों के साथ बैठक कर उन्हें निर्देश दिया गया था कि वह अपने गांव के जिम्मेदार व्यक्तियों के रूप में पराली न जलाएं और अन्य ग्रामीणों को भी इसके लिए जागरूक करें।
सुखदेव सिंह, पुत्र अजीत सिंह, नंबरदार गांव कनिया खास तहसील धर्मकोट, जिला मोगा को अपनी भूमि में धान की पराली जलाने के कारण नंबरदारी के पद से निलंबित कर दिया गया है।एक जिम्मेदार नागरिक होने के बावजूद सुखदेव सिंह ने सरकारी आदेशों का उल्लंघन कर अपनी जमीन में पराली जलाकर पर्यावरण को दूषित किया। इस कारण पंजाब लैंड रेवेन्यू रूल्स 25(i)(b) के तहत उन्हें अगले आदेश तक नंबरदारी के पद से निलंबित किया गया है। डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने सख्त शब्दों में कहा कि कानून और प्रकृति से ऊपर कोई नहीं है। गलत कार्य की सज़ा भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने आम जनता से पराली न जलाने और सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कानून का पालन करने की अपील की।
1319 पर्यवेक्षकों व अधिकारियों को नोटिस
बता दें कि राज्य में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने में नाकाम रहने पर सरकार ने 1319 पर्यवेक्षकों व अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही खेतों में लगी आग को बुझाने में सही समय पर हरकत में न आने पर 79 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

दूसरी तरफ, बुधवार को राज्य में 179 जगह पराली जलाने की घटनाओं के साथ ही कुल आंकड़ा 10104 तक पहुंच गया है। पराली जलाने से अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़ और पटियाला का अधिकतम वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) भी 300 पार रहा जोकि बहुत खराब है।

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