मध्यप्रदेश

फिर फिसली जुबान! कैलाश विजयवर्गीय ने दिया विवादित बयान, मचा सियासी बवाल

इंदौर। अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले मध्यप्रदेश सरकार के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार उनका बयान बच्चों के चरित्र और पारिवारिक वातावरण को लेकर सामने आया है, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

इंदौर में एक निजी शिक्षण संस्थान के कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने शिक्षा व्यवस्था, माता-पिता और सामाजिक माहौल पर टिप्पणी करते हुए पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि केवल नई शिक्षा नीति बना देने से बच्चों में चरित्र नहीं आ सकता, जब तक घर का वातावरण सही न हो। मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा, अगर घर का माहौल ऐसा है कि पिता पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर है और कपड़े दिलाने ठेकेदार ले जा रहा है, तो फिर बच्चों से चरित्र की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

उन्होंने आगे कहा कि बच्चा स्कूल में केवल 4 घंटे रहता है, जबकि घर में 20 घंटे बिताता है। ऐसे में अगर घर में परिजन दोस्तों के साथ पार्टी करते हैं, गलत आदतें अपनाते हैं, तो स्कूल में दी गई सीख का असर सीमित रह जाता है। मंत्री का कहना था कि शिक्षा के साथ-साथ माता-पिता के लिए भी एक “सिलेबस” होना चाहिए, जिससे वे जान सकें कि बच्चों के साथ कैसे व्यवहार करें और उन्हें किस तरह का माहौल दें।

राष्ट्रभक्ति पर दिया जोर

कैलाश विजयवर्गीय ने शिक्षा के साथ राष्ट्रभक्ति को भी जरूरी बताते हुए कहा कि आज संस्थाएं इंजीनियर, डॉक्टर और प्रोफेशनल तो बना रही हैं, लेकिन चरित्रवान और राष्ट्रभक्त नागरिक बनाने की बात नहीं होती। उन्होंने सवाल उठाया कि दुनिया में ऐसा कौन सा संगठन है जो बच्चों को राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ा रहा है।

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